खजुराहो में केन-बेतवा लिंक परियोजना का शिलान्यास, पीएम मोदी बोले- ऐसी योजनाओं का श्रेय डॉ अंबेडकर को
MP News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मध्य प्रदेश के खजुराहो में ऐतिहासिक केन-बेतवा लिंक परियोजना का शिलान्यास किया। इस परियोजना का उद्देश्य बुंदेलखंड क्षेत्र में जल संकट को दूर करना और क्षेत्र की कृषि और जीवन स्तर में सुधार लाना है।
इस अवसर पर पीएम मोदी ने अपनी स्पीच में डॉ भीम राव अंबेडकर के योगदान को उजागर किया और कहा कि ऐसी महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं का श्रेय बाबा साहेब अंबेडकर को जाता है, लेकिन कांग्रेस ने कभी उनके योगदान को सही तरीके से स्वीकार नहीं किया और न ही उन्हें उसका क्रेडिट दिया।

केन-बेतवा लिंक परियोजना का महत्व
केन-बेतवा लिंक परियोजना बुंदेलखंड क्षेत्र के जल संकट को सुलझाने के लिए महत्वपूर्ण है। यह परियोजना केन और बेतवा नदियों को जोड़ने की योजना है, जिससे पानी की आपूर्ति बढ़ेगी और क्षेत्र में जल संकट को दूर किया जा सकेगा। बुंदेलखंड में पानी की कमी के कारण यहां के लोग और किसान अक्सर कठिनाइयों का सामना करते हैं, लेकिन इस परियोजना के पूरा होने से न केवल पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, बल्कि कृषि के क्षेत्र में भी सुधार होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह परियोजना लाखों लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाएगी और क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

अंबेडकर का योगदान
प्रधानमंत्री ने अपनी स्पीच में डॉ भीम राव अंबेडकर को याद करते हुए कहा, "भारत में जल योजनाओं और जल संसाधनों के प्रबंधन के पीछे बाबा साहेब अंबेडकर का विजन था।" उन्होंने यह भी कहा कि अंबेडकर ने हमेशा जल संरक्षण के लिए काम किया और नदियों के जोड़े जाने के विचारों को हमेशा प्रोत्साहित किया। हालांकि, प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कभी डॉ. अंबेडकर को इन योजनाओं का श्रेय नहीं दिया और उनके योगदान को छिपाने की कोशिश की।
प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि भारत में जल शक्ति और जल संसाधनों के प्रबंधन के लिए जो नीतियां बनाई गईं, उनमें अंबेडकर का महत्वपूर्ण योगदान है, जो अब तक लोगों के बीच अनकहा था। उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कुछ लोग पानी के लिए दूरदर्शी योजनाओं का श्रेय एक ही व्यक्ति (जवाहरलाल नेहरू) को देते रहे, जबकि इस कार्य के पीछे डॉ. अंबेडकर का योगदान था।
ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट का उद्घाटन
इस मौके पर पीएम मोदी ने ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट का भी उद्घाटन किया, जो मध्य प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह प्लांट ओंकारेश्वर झील पर स्थापित किया गया है और इसका उद्देश्य राज्य में स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन बढ़ाना है। यह परियोजना पर्यावरण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे सौर ऊर्जा का उत्पादन तो बढ़ेगा ही, साथ ही पानी के कारण पैनल्स की कार्यक्षमता भी बेहतर रहेगी।
अटल बिहारी वाजपेयी की श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने बताया कि अटल जी का जीवन और कार्य हमेशा देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "अटलजी के योगदान से देश ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू कीं और उनके नेतृत्व में देश के विकास को नई दिशा मिली।"












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