MP News: रतलाम में पहलवान बाबा की दरगाह का हिस्सा हटाया गया, जानिए प्रशासन ने क्यों की कार्रवाई
MP News: रतलाम के जावरा फाटक से सेजावता फंटे तक बन रहे फोरलेन के निर्माण में पहलवान बाबा की दरगाह का कुछ हिस्सा आ रहा था, जिसे बुधवार को प्रशासन ने हटा दिया। इस दौरान प्रशासन की टीम ने दरगाह के बाहरी हिस्से को गिरा दिया, जबकि मुख्य मजार को सुरक्षित रखते हुए उसे साफ किया और फूल चढ़ाए।
विवाद और प्रशासन की कार्रवाई
इस मामले में पहले कुछ विवाद उत्पन्न हुए थे, क्योंकि स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने दरगाह को बचाने की कोशिश की थी। प्रशासन ने पहले मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों से बैठक की और उनकी सहमति से एक हिस्सा छोड़ने का फैसला लिया था। लेकिन इसके बाद, कोर्ट में स्टे खारिज होने के बाद, प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। तहसीलदार ऋषभ ठाकुर ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद यह कदम उठाया गया।

स्थानीय लोगों का विरोध
हालांकि, कुछ लोगों का कहना था कि दरगाह को अवैध तरीके से नष्ट करने की कोशिश की जा रही है, और इसे बचाने के लिए मुस्लिम समुदाय द्वारा अदालत का सहारा लिया गया था।
फोरलेन परियोजना
4.12 किलोमीटर लंबे फोरलेन प्रोजेक्ट का कार्य तेजी से चल रहा है, और यह सड़क परियोजना जावरा फाटक से सेजावता फंटे तक को जोड़ने के लिए बनाई जा रही है। इस निर्माण के कारण कुछ धार्मिक स्थल और अन्य संरचनाओं को हटाना पड़ रहा है।

कोर्ट का एकपक्षीय आदेश और बाद की कार्रवाई
13 नवंबर को अदालत द्वारा दिए गए एकपक्षीय आदेश के बाद, 14 नवंबर को सरकारी अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने कोर्ट में स्थगन आदेश को निरस्त करने की याचिका दी। इसके बाद 26 नवंबर को अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद 13 नवंबर के स्टे आदेश को निरस्त कर दिया।
इसके बाद, 27 नवंबर को प्रशासन और पुलिस की टीम ने दरगाह पर पहुंचकर, कोर्ट के आदेश के अनुसार, दरगाह के बची हुई हिस्से को हटाने की कार्रवाई शुरू की।

फोरलेन निर्माण के कारण दरगाह का हिस्सा हटाना
रतलाम के जावरा फाटक से सेजावता फंटे तक 4.12 किमी लंबा फोरलेन बनाया जा रहा है। इस निर्माण के चलते, पहलवान बाबा की दरगाह का कुछ हिस्सा और हनुमान मंदिर का भी एक हिस्सा आ रहा था। प्रशासन ने दरगाह कमेटी, शहर काजी अहमद अली और अन्य प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी, जिसमें सहमति बनी थी कि दरगाह के कुछ हिस्से को हटाया जाएगा।
प्रशासन ने इसके बाद दरगाह के आसपास की कुछ दुकानें भी हटाईं, जिनकी स्थिति फोरलेन निर्माण में बाधक बन रही थीं। हालांकि, इस कार्रवाई के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट में याचिका दायर की थी और उन्हें स्थगन आदेश (स्टे) मिल गया था।
कोर्ट में हुआ निर्णय
26 नवंबर को कोर्ट ने स्थगन आदेश (स्टे) को निरस्त कर दिया, जिसके बाद 27 नवंबर को प्रशासन ने दरगाह के बाकी हिस्से को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।
यह विवाद उस समय गहरा गया था, जब मुस्लिम पक्ष ने दरगाह के नष्ट होने के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, हालांकि अब इस मामले में प्रशासन ने सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए कार्रवाई की है।












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