पन्ना टाइगर रिजर्व से अच्छी खबर: बाघिन P-142 चौथी बार मां बनी, दो शावकों को जन्म दिया
सागर, 4 अगस्त। पन्ना टाइगर रिजर्व से अच्छी खबर सामने आई है। पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर एरिया बीबीएस बीट में मौजूद बाघिन P-142 ने दो शावकों को जन्म दिया है। यह बाघिन चौथी बार मां बनी है। बाघिन और उसके शावक दोनों स्वस्थ हैं। प्रबंधन के अनुसार बीते दिनों बाघिन दो शावकों के साथ विचरण करते हुए ट्रैप कैमरे में दिखी थी। शावकों का जन्म करीब 4 महीने पहले हुआ था, जिस बाघिन अब बाहर लेकर निकली है।

P-142 यहां चौथी बार मां बनी है
पन्ना टाइगर रिजर्व से अच्छी खबर सामने आई है। बाघिन P-142 यहां चौथी बार मां बनी है। उसने बीते दिनों दो स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन के ट्रैप कैमरों में बाघिन अपने शावकों के साथ कैद हुई है। उसके दोनों शावक और बाघिन दोनों स्वस्थ्य हैं। बीते 27 जुलाई को वह शावकों को लेकर जंगल के ट्रैप कैमरें में कैद हुई थी।

पीटीआर में बाघों की अधिकृत संख्या 77 पर पहुंच गई है
पीटीआर के फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि टाइगर रिजर्व में इन दो शावकों को मिलाकर बाघ परिवार में अब कुल 77 सदस्य शामिल हो गए हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि इस साल अर्थात 2022 में अब तक 10 शावक जन्म ले चुके हैं।

शावकों का जन्म करीब 4 महीने पहले हुआ था
पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर एरिया बीबीएस बीट में मौजूद बाघिन P-142 ने दो शावकों को जन्म दिया है। यह बाघिन चौथी बार मां बनी है। बाघिन और उसके शावक दोनों स्वस्थ हैं। प्रबंधन के अनुसार बीते दिनों बाघिन दो शावकों के साथ विचरण करते हुए ट्रैप कैमरे में दिखी थी। शावकों का जन्म करीब 4 महीने पहले हुआ था, जिस बाघिन अब बाहर लेकर निकली है।

जून के महीने में P-141 ने भी दो शावकों को जन्म दिया था
पन्ना टाइगर रिजर्व में बीते जून के महीने में 12 जून को बाघिन P-141 भी दो शावकों के साथ पहाडी पर विचरण करते नजर आई थी। इस बाघिन के शावक भी करीब 2 से 3 महीने के बताए जा रहे थे। यह बाघिन तीसरी दफा मां बनी थी। यह बाघिन P-141 के हमउम्र ही है। उस समय पार्क के विजिटर कुमार अमित ने शावकों के साथ P-141 की पहली तस्वीरें खींची थीं। पीटीआर प्रबंधन से शेयर यह जानकारी साझा की थी।

पन्ना के जंगलोंोको बाघों से आबाद करने वाला पी-111 जून में अलविदा
जून महीने में पन्ना टाइगर रिजर्व का सबसे ताकतवर टाइगर P-111 की मौत हो गई थी। यह बाघ इसलिए महत्वपूर्ण था, क्योंकि बाघ पुर्नस्थापन के बाद सबसे पहले इसी का जन्म हुआ था और P-111 ने ही यहां बाघों की संख्या बढाने में अहम भूमिका अदा करते हुए जंगल को बाघों से आबाद किया था। जिस दिन P-111 की मौत हुई, उसी दिन शाम को अन्य बीट में एक शावक भी मृत अवस्था में मिला था। टाइगर को लेकर पन्ना से दो महीने में दूसरी दफा नन्हें शावकों के जन्म लेने की जानकारी और तस्वीरें सामने आने से प्रबंधन खुश है।

बाघों के साथ-साथ हाथियों की संख्या भी बढ़ रही
पन्ना टाइगर रिजर्व से बीते 30 जुलाई को यहां पर मौजूद "अनारकली" हथिनी ने स्वस्थ्य मादा बच्चे को जन्म दिया है। अनारकली चौथी दफा मां बनी है। इसके पूर्व अनारकली ने पांच साल पहले 2 अक्टूबर को नर बच्चे को जन्म दिया था, जिसका नाम रखा गया था "बापू", जो पूरी तरह स्वस्थ्य है। यहां हाथियों का कुनबा अब 16 हो गया है।












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