ओबीसी CM, एक एससी और एक जनरल डिप्टी सीएम, मध्य प्रदेश में BJP ने सेट कर दिया 2024 का मंच
Madhya Pradesh News: भारतीय जनता पार्टी को मिली जीत के बाद मध्य प्रदेश में सरकार की तस्वीर कुछ वैसी ही है। जैसे कयास लगाए जा रहे थे. ओबीसी, दलित और सामान्य वर्ग, सबको साधने के लिए उत्तर प्रदेश की तर्ज पर वन प्लस टू फॉर्मूले की चर्चा थी और ऐसा ही हुआ भी।
भारतीय जनता पार्टी ने दिग्गज ओबीसी नेता, पार्टी के पुराने कद्दावर डॉ मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाने का ऐलान कर दिया है। राजेंद्र शुक्ला के रूप में सामान्य और जगदीश देवड़ा के रूप में दलित चेहरे की डिप्टी सीएम पद पर ताजपोशी भी तय हो गई है।

ओबीसी सीएम के साथ दो डिप्टी सीएम बनाने की जरूरत बीजेपी को क्यों पड़ी? इसे लेकर भी छिड़ी हुई है। दरअसल, बीजेपी 18 साल से सूबे की सत्ता पर काबिज रही है। इस दौरान शिवराज सिंह मुख्यमंत्री थे लेकिन पार्टी को कभी डिप्टी सीएम बनाने की जरूरत नहीं पड़ी। लेकिन तब और अब में फर्क है। 2008 और 2013 के चुनाव में शिवराज सिंह चौहान ही पार्टी का सीएम फेस हुआ करते थे लेकिन इसबार ऐसा नहीं था।
मध्य प्रदेश के चुनाव में बीजेपी पीएम मोदी का चेहरा आगे कर सामूहिक नेतृत्व के साथ चुनाव मैदान में उतरी थी। बीजेपी ने ओबीसी बाहुल्य इलाकों में जबरदस्त प्रदर्शन किया है और पार्टी के सामने अपना ओबीसी गढ़ बचाए रखने की चुनौती है। लोकसभा चुनाव में भी अब कुछ ही महीने बाकी हैं। ऐसे में बीजेपी नहीं चाहेगी कि -ओबीसी, दलित वर्ग और सामान्य को लेकर वोटों के जिस समीकरण ने उसे सूबे की सत्ता तक पहुंचा दिया, वह किसी भी तरह से खतरे में आए।
भारतीय जनता पार्टी ने इन तीनों नेताओं के जरिए कई समीकरण साधने की कोशिश की है। मोहन यादव दक्षिण उज्जैन से विधायक हैं। जबकि देवड़ा मल्हार गढ़ से विधायक हैं। वहीं राजेंद्र शुक्ला रीवा से आते हैं।
भाजपा ने मोहन यादव, जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला के जरिये 2024 से पहले जातिगत समीकरण साधने की कोशिश की है। 2 दिन पहले ही छत्तीसगढ़ में आदिवासी चेहरे को कमान देकर बीजेपी ने जहां अनुसूचित जनजाति वर्ग को खुश करने की कोशिश की है, वहीं मध्यप्रदेश में ओबीसी समाज से आने वाले मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया है। मोहन यादव ओबीसी वर्ग से आते हैं। मध्यप्रदेश में ओबीसी की आबादी 52 फीसदी से ज्यादा है।
जबकि ब्राह्मण वर्ग विंध्य क्षेत्र और मध्य भारत अंचल में बहुलता रखता है। इसके अलावा पूरा मालवा-निमाड़ अंचल में दलित वर्ग की बहुतायत है। दलित वर्ग के लिए राज्य की 35 विधानसभा सीटें आरक्षित हैं। जगदीश दलित वर्ग से आते हैं। इनके अलावा शुक्ला को उपमुख्यमंत्री बनाकर ब्राह्मणों को संतुष्ट किया है। ऐसे में पार्टी ने तीन नेताओं के जरिए पूरा जातिगत समीकरण साधा है।












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