MP News: मध्य प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी, पटवारी की टीम में कमलनाथ और दिग्विजय का दबदबा
मध्यप्रदेश कांग्रेस ने अपनी 177 सदस्यीय प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा की है, जिसमें 17 उपाध्यक्ष, 71 महासचिव, 16 कार्यकारिणी सदस्य, 33 स्थाई आमंत्रित सदस्य और 40 विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की इस टीम में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के करीबी नेताओं की संख्या अधिक है, जिससे उनकी राजनीतिक ताकत को एक बार फिर से उजागर किया गया है।

कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के करीबी
कार्यकारिणी में शामिल 17 उपाध्यक्षों में से 7 कमलनाथ के करीबी हैं, जबकि 5 दिग्विजय सिंह के। महामंत्रियों की बात करें तो 71 महासचिवों में से 23 सीधे कमलनाथ के सहयोगी हैं। इस प्रकार, कार्यकारिणी में कमलनाथ और दिग्विजय का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
सीनियर लीडर्स की मौजूदगी
इस कार्यकारिणी में कई सीनियर नेताओं को शामिल किया गया है, जैसे कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, कांतिलाल भूरिया, अरुण यादव और विवेक तन्खा। यह कदम पार्टी में अनुभवी नेताओं की अहमियत को दर्शाता है। हालांकि, एक खास बात यह है कि कमलनाथ के बेटे और पूर्व सांसद नकुलनाथ का नाम कार्यकारिणी में नहीं है, जबकि दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह को उपाध्यक्ष बनाया गया है।
महिलाओं की भागीदारी
इस कार्यकारिणी में महिलाओं की भागीदारी अपेक्षाकृत कम है। कुल 177 सदस्यों में केवल 20 महिलाएं शामिल हैं, जो कुल सदस्यों का केवल 11 प्रतिशत है। इनमें 2 उपाध्यक्ष, 12 महासचिव, 1 कार्यकारी सदस्य, 2 स्थाई आमंत्रित सदस्य और 3 विशेष आमंत्रित सदस्य हैं। यह महिला प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की आवश्यकता को दर्शाता है।
16 कार्यकारी सदस्यों में कई सीनियर नेताओं का नाम शामिल है:
- पूर्व सीएम कमलनाथ
- पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह
- नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार
- पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया
- पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव
- पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह
- पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह
- राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा
- पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन
- पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल
- पूर्व मंत्री ओमकार मरकाम
- पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल
- पूर्व विधायक निलांशु चतुर्वेदी
- पूर्व विधायक कुणाल चौधरी
- मनोज चौहान
- भूपेन्द्र मरावी
मध्य प्रदेश कांग्रेस की नई प्रदेश कार्यकारिणी में जीतू पटवारी की टीम में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का प्रभाव स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है। 177 सदस्यीय कार्यकारिणी में 17 उपाध्यक्षों में से 7 कमलनाथ के करीबी हैं, जबकि 5 दिग्विजय सिंह के। महासचिवों की बात करें तो 71 में से 23 सीधे कमलनाथ के सहयोगी माने जाते हैं, जबकि दिग्विजय के करीबी महासचिवों की संख्या 17 है।
सज्जन सिंह वर्मा की स्थिति
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा को इस नई कार्यकारिणी में स्थाई आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। सूत्रों के अनुसार, कमलनाथ के बीजेपी में शामिल होने के संबंध में सज्जन सिंह वर्मा द्वारा की गई बयानबाजी के कारण उन्हें उपाध्यक्ष और महासचिवों की लिस्ट से बाहर रखा गया है। यह कदम उनके राजनीतिक प्रभाव को कम करने की दिशा में एक संकेत माना जा रहा है।
प्रमोद टंडन का बागी तेवर
इंदौर के कांग्रेस नेता प्रमोद टंडन ने कार्यकारिणी में विशेष आमंत्रित सदस्य का पद ठुकरा दिया है। उन्होंने एक पत्र जारी कर कहा है कि स्वास्थ्य कारणों से वह अपनी भूमिका का निर्धारण बाद में करेंगे और कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा देते हैं। टंडन पहले बीजेपी में शामिल हो चुके थे, लेकिन विधानसभा चुनाव के समय वापस कांग्रेस में लौट आए थे। यह बागी सुर पार्टी के अंदर असंतोष का संकेत देता है, खासकर जब उनकी चुनावी हार भी हुई थी।
कांग्रेस की नई कार्यकारिणी में कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के करीबी नेताओं की उपस्थिति से पार्टी की दिशा और नेतृत्व स्पष्ट होता है। हालांकि, पार्टी में अंदरूनी मतभेद भी उभरकर सामने आ रहे हैं, जैसे कि सज्जन सिंह वर्मा और प्रमोद टंडन की स्थिति। यह देखना दिलचस्प होगा कि ये मुद्दे पार्टी की एकता और चुनावी रणनीति को कैसे प्रभावित करते हैं। ऐसे समय में जब पार्टी आगामी चुनावों की तैयारी कर रही है, यह सब एक महत्वपूर्ण विकास बन जाता है।












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