MP News: आसानी से मिल रहे स्थायी बिजली कनेक्शन, बस इस तरह करना होगा आवेदन
मध्यप्रदेश में घोषित एवं अघोषित अवैध कॉलोनियों को स्थाई विद्युत कनेक्शन प्रदान करवाने के लिए सुगम विद्युत (सुविधा) योजना लागू की गई है। कार्यपालन यंत्री(शहर) मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी देवास ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिये केवल आवेदक या आवेदकों का समूह या रेजिडेंट बेलफेयर सोसाइटी या नगरीय निकाय ही पात्र होंगे।
कॉलोनी के संपूर्ण भार पर आधारित अधोसंरचना की प्राक्कलित राशि का न्यूनतम 25 प्रतिशत भुगतान आवेदन के साथ एकमुश्त देना होगा। शेष राशि का भुगतान किस्तों में कनेक्शन चालू होने के पश्चात मासिक देयकों के साथ योजना के प्रावधान अनुसार किया जा सकेगा।

विद्युत बिल की राशि में कमी होगी
अस्थाई कनेक्शन से स्थाई कनेक्शन में परिवर्तित होने से गुणवतापूर्ण विद्युत प्रदाय होगा। साथ ही समान खपत होने पर विद्युत बिल की राशि में भी कमी होगी। उन्होंने बताया कि, अधोसंरचना का निर्माण विद्युत वितरण कंपनी के नियम एवं प्रचलित शेडूयल ऑफ रेट्स के अनुसार किया जावेगा, जिन आवेदकों/परिसरों के विरूद्ध कोई अन्य बकाया राशि/विद्युत चोरी के प्रकरण लंबित हैं वे प्रकरण निराकृत होने तक योजना अंतर्गत पात्र नहीं होंगे।
न्यायालय में विचाराधीन प्रकरणों में योजनांतर्गत लाभ दिए जाने से पहले आवेदक द्वारा प्रकरण न्यायालय से वापस लिया जाना अनिवार्य होगा। योजनावधि में प्राप्त होने वाले आवेदन ही योजना का लाभ लेने के लिए पात्र होंगे। योजना अवधि समाप्ति के अंतिम दिन तक प्राप्त सभी आवेदनों का निराकरण हर स्थिति में योजना समाप्ति दिनांक से 30 दिन के अंदर कर दिया जायेगा। नवीन कनेक्शन के लिये आवेदन एवं नियमानुसार निर्धारित राशि का पृथक से भुगतान करना होगा। भुगतान अधिकतम 02 वर्ष की अवधि में किया जा सकेगा।
बजट में हुआ बंपर फायदा
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा है कि, वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा आज विधानसभा में वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तुत किया गया। बजट प्रदेश के विकास और सर्वहारा वर्ग के कल्याण के लिए समर्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में बनाये गये इस बजट में ग़रीब, युवाओं, अन्नदाता और नारी सहित सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। ऊर्जा विभाग के लिए इस वर्ष 37 हजार 734 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है, जो गत वर्ष की तुलना में 10 हजार 343 करोड़ रूपये अधिक है। इससे बिजली उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने में सहूलियत होगी।
मंत्री तोमर ने बताया कि, अटल गृह ज्योति योजना के लिए 7132 करोड़ रूपये और अटल कृषि ज्योति योजना के लिए 13909 करोड़ रूपये की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। आर.डी.एस.एस. योजना के लिए 2894 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। ट्रांसमिशन एवं वितरण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के लिए 774 करोड़ रूपये एवं अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के 5 एच.पी. पंपों तथा एक बत्ती कनेक्शन को नि:शुल्क बिजली देने के लिए 5299 करोड़ रूपये की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। उपरोक्त के अतिरिक्त विद्युत वितरण कंपनियों के सतत् लोन अंशपूंजी में परिवर्तित किए जाने हेतु राशि 5000 करोड रुपए का बजट प्रावधान किया गया है।
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