टीकमगढ़ः मनरेगा में भ्रष्टाचार! दिल्ली की टीम ने सड़क नपवाकर-खुदवाकर किया परीक्षण
सागर, 15 सितंबर। मप्र के टीकमगढ़ में केंद्र सरकार की मनरेगा योजना में जमकर भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आते रही हैं। बीते दिनों मामला तब गंभीर हो गया, जब यहां से सांसद व केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार ने खुद यहां मनरेगा के तहत बनाई सड़कों, तालाब, गो-शालाओं में भ्रष्टाचार को लेकर केंद्र सरकार को पत्र भेजा था। इसका असर हुआ और बीते रोज दिल्ली से केंद्रीय जांच दल टीकमगढ़ पहुंच गया। टीम ने यहां मैदानी स्तर पर पड़ताल की तो भ्रष्टाचार की परतें अपने-आप खुलने लगीं। टीम के अधिकारियों ने मनरेगा में बनाई गई कच्ची सड़क को कुदाली से खुदवाकर परीक्षण कराया तो भरी बरसात में लाखों की लागत से बना छोटा तालाब खाली मिला। टीम ने मौके पर ही संबंधित सरपंच, सचिव की क्लास लगा दी। टीम में मुख्य रुप से मनरेगा डिवीजन के संयुक्त निदेशक अमरेंद्र प्रताप सिंह, असिस्टेंट डायरेक्टर, हिमांशी, प्रोग्राम आफिसर किरण सी एवं रनजू तुलसी शामिल हैं।

मनरेगा के कामों में भ्रष्टाचार की जांच करने के लिए दिल्ली की टीम पलेरा जनपद के कछियागुड़ा में निरीक्षण करने पहुंची थी। यहां टीम ने नई बनी गो-शाला, सुदूर सड़क और तलैया का निरीक्षण किया। इस दौरान जनपद के अधिकारियों की टीम, संबंधित पंचायातों के सरपंच और सचिव भी मौके पर मौजूद थे। पहली नजर में यहां पर निर्माण घटिया स्तर का नजर आ रहा था। टीम ने मौके पर ही अधिकारियों को फटकार लगाते हुए खरी-खोटी सुनाई। टीम की जांच में सामने आया कि कई काम तो कागजों पर ही दर्शाकर राशि का भुगतान कर दिया गया है। कछियागुड़ा पंचायत में मनरेगा के तहत जो सुदूर सड़क बनाई गई थी वहां मौके पर खड़े होकर टीम के अधिकारियों ने नाप कराया और सड़क को खुदवाकर उसकी गुणवत्ता की जांच कराई। दोनों ही जगह सड़क परीक्षण में फेल हो गई।

भरी बरसात में तलैया खाली मिली
पंचायत के अधीन यहां पर लाखों की लागत से एक तलैया बनवाई गई थी। टीम जब तलैया के पास निरीक्षण करने पहुंची तो उसे तलैया के किनारे खड़े होकर भी समझ नहीं आया कि यह छोटा तालाब बनाया गया है। जब बताया गया कि सामने जो खाली जगह देख रहे हैं, यहीं तलैया है, जिसमें पानी ही नहीं है तो टीम हैरत में पड़ गई। टीम का सवाल था, भरी बरसात में तलैया खाली है तो कब भरेगी? तलैया निर्माण का पंचायत ने आधे से ज्यादा भुगतान कर दिया है। टीम ने इससे संबंधित तमाम दस्तावेज तलब किए तो मौके पर मौजूद सरपंच, सचिव, उपयंत्री सहित जनपद और जिला पंचायत के सीईओ तक चुप्पी साध गए।
काम हुआ नहीं और भुगतान कर दिया गया, सीधे भ्रष्टाचार की आशंका
दिल्ली का केंद्रीय दल पंचायत के अधीन पहाड़ी पर कराए गए कार्यों का निरीक्षण करने पहुंची तो मौके पर कोई काम मिला ही नहीं। टीम यहां पर पंचायत ने साफ-सफाई के नाम पर 52 हजार से अधिक का भुगतान निकाला जा चुका है। जबकि यहां पर कोई भी काम कराया ही नहीं गया था। टीम यहां पर पंचायत के अधीन चल रहे कार्यों की पूरी सूची लेकर पहुंची थी।












Click it and Unblock the Notifications