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Sagar: मंत्री भार्गव के विस क्षेत्र रहली में चांदपुर समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र ब्लैक लिस्टेट

सागर, 22 सितंबर। मप्र के अपनी गड़बड़ियों और मूंग घोटाले के लिए चर्चाओं में आए सागर जिले के चांदपुर स्थित मूंग समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र को गड़ड़ियों के बाद कलेक्टर दीपक आर्य ने ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। इस केंद्र के अधीन आने वाले किसानों को पास के खरीदी केंद्रों से जोड़ा जाएगा। मामले में जांच के बाद केंद्र प्रभारी पर कार्रवाई भी की जा सकती है। यह खरीदी केंद्र इसलिए चर्चाओं में आया था, क्योंकि यह क्षेत्र प्रदेश के कद्दावर मंत्री गोपाल भार्गव के विधानसभा क्षेत्र के अधीन आता है।

चांदपुर मूंग खरीदी केंद्र को जिला प्रशासन ने ब्लैक लिस्टेड कर दिया

चांदपुर मूंग खरीदी केंद्र को जिला प्रशासन ने ब्लैक लिस्टेड कर दिया

मप्र में सागर जिले के चांदपुर मूंग खरीदी केंद्र को जिला प्रशासन ने ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। यहां मूंग खरीदी घोटाला सामने आया है। सबसे अहम बात यह खरीदी केंद्र कई सालों से गड़बड़ियों को लेकर चर्चाओं में रहा है। खरीदी केंद्र प्रभारी दबंगई दिखाते हुए जांच अधिकारियों को भी हड़काने से नहीं चूके थे। यहां पर करीब 1500 क्विंटल अमानक मूंग खरीदी गई थी। खरीदी केंद्र संचालक ने कचरा मिली अमानक मूंग का छह ट्रकों में भरवाकर 1000 क्विंटल मूंग को साईंखेड़ा बेयर हाउस में जमा करने भेजा था, लेकिन मामला उजागर होने से इसे जमा करने से इकार कर दिया था। छह ट्रक पांच दिन तक केंद्र के बाहर ही खड़े रहे थे।

अपग्रेड करना होगी पूरी मूंग, तभी बेयर हाउस में जमा होगी

अपग्रेड करना होगी पूरी मूंग, तभी बेयर हाउस में जमा होगी

सागर जिले गढ़ाकोटा मे सोमवार की सुबह 6 ट्रक मूंग गढ़ाकोटा के नर्मदा वेयर हाउस पहुंची है। सेपिल में मूंग अमानक पाई गई। रहली के चांदपुर खरीदी केंद्र पर खरीदी गई निम्न स्तर की मूंग की खरीदी की गई जो भंडारण के लिए सागर के साईंखेड़ा वेयरहाउस पहुंची थी। जहां मार्कफेड और वेयर हाउस के अधिकारियों ने भंडारण के पहले सैंपल की जांच की तो मूंग अमानक पाई गई और जिसे अपग्रेड करने के लिए खरीदी केंद्र भेजने के निर्देश दिए थे। अपग्रेड के बाद उसे गढ़ाकोटा के नर्मदा पुरम वेयरहाउस में जमा कराया जाना था, लेकिन बिना अपग्रेड के ही समिति संचालक उसे लेकर पहुंचे। रहली वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के अधिकारी अशोक गुप्ता ने सैंपल की जांच की तो अमानक पाई गई और उसे जांच के बाद समिति को अपग्रेड करने के बाद जमा करने के निर्देश दिए है। अपग्रेडिंग के बाद नमूने की जांच की जाएगी और फिर माल अगर मानक पाए जाएगा तो भंडारण किया जाएगा।

पूरी नियमविरुद्ध तरीके से की गई खरीदी

पूरी नियमविरुद्ध तरीके से की गई खरीदी

इस मामले में जिला विपणन अधिकारी राखी सूर्यवंशी का कहना है कि जब से खरीदी शुरू हुई है, मेरे द्वारा लगातार निरीक्षण किए जा रहे हैं। जब केंद्र का निरीक्षण किया गया था तो मैंने पाया था कि ऑनलाइन जो खरीदी की रिपोर्ट थी उसमें जो तुला हुआ नही रखा थाण् करीब ढाई हजार से तीन हजार क्विंटल बहुत बड़ा ढेर उपार्जन केंद्र पर लगा हुआ था। जो की पूरी तरह से अमानक था। जिसमें दाल में मिट्टी-डंठल बहुत अधिक थे। मैंने उन्हें तभी सूचित किया था कि यह पूरी तरह से अमानक है। वहां पर पूरी नियमविरुद्ध खरीदी की गई है। किसी भी किसान का 25 क्विंटल से ज्यादा लेने का निर्देश नहीं है तो इतना मूंग और ढेर कहां से आ गया था।

 चांदपुर खरीदी केंद्र आगे से खरीदी के लिए नहीं होगा अधिकृत: कलेक्टर

चांदपुर खरीदी केंद्र आगे से खरीदी के लिए नहीं होगा अधिकृत: कलेक्टर

इस मामले में कलेक्टर दीपक आर्य का कहना है अपग्रेड करके मूंग जमा करने के लिए कहा गया था, जिससे किसानों को भुगतान किया जा सके। उनके द्वारा बिना अपग्रेड किए मूंग भेज दी गई। जिससे उन्हें फिर से वापस की गई है। बैठक ली है और निर्देशित किया है कि इसको स्थान पर वापस ले जाकर अपडेट करके सात दिन में जमा करें। खरीदी केंद्र संचालक द्वारा अनियमितताएं की गई हैं। चांदपुर जो खरीदी केंद्र आगे से अब अधिकृत नहीं होगा। इसके ब्लैक लिस्ट किया गया है। इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए।

ऐसे समझे मूंग घोटाला और अनाज माफिया का खेल

ऐसे समझे मूंग घोटाला और अनाज माफिया का खेल

दरअसल समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र संचालक और इस पूरी व्यवस्था से जुड़े लोग कई समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र के भ्रष्टाचार का जरिया बना लेते हैं। इसमें ये किसानों की बंदी अपने पास रख लेते हैं। किसान ने खेत में जो उपज लगाई नहीं, इलाके में जितन रकबा ही नहीं, उससे कहीं अधिक रकबे में खेती दर्शाकर बाहर से घटिया माल खरीदकर किसानों की बंदियों पर चढ़वा लेते हैं। भुगतान किसानों के खातों से होता हुआ, वापस इनके पास आ जाता है। इसमें कंप्यूटर आॅपरेटर से लेकर खरीदी केंद्र संचालक, निरीक्षण करने वाले अधिकारी तक शामिल होते हैं। जिले और बाहर के मंडी व्यापारी भी शामिल होते हैं। रहली के चांदपुर में भी यही हुआ। एरिया में मूंग के रकबे से दोगुनी मूंग खरीद ली गई, वह भी घटिया और अमानक स्तर की। यह कहां से आई, किन किसानों से खरीदी, रकबा कितना था, इन सब बिंदुओं पर भी जांच होना चाहिए।

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