MP News: बारिश का तांडव: शिवपुरी में गांव डूबे, शहडोल में दीवार गिरने से 2 की मौत, जानिए कब तक रहेगा ऐसा मौसम
MP Weather news: मध्य प्रदेश में मानसून की भारी बारिश ने तीसरे दिन भी तबाही मचाई है। शिवपुरी, शहडोल, मंडला, कटनी, और नरसिंहपुर जैसे जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नदियां और नाले उफान पर हैं, सड़कों और हाईवे पर पानी भर गया है, और कई जगह भूस्खलन ने यातायात को ठप कर दिया है।
शिवपुरी के बैराड क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है, जबकि शहडोल में एक कच्ची दीवार गिरने से बुजुर्ग दंपती की मौत हो गई। मौसम विभाग ने कटनी और मंडला में रेड अलर्ट जारी किया है, जहां अगले 24 घंटों में 8 इंच से अधिक बारिश की आशंका है। यह बारिश का सिलसिला अगले चार दिनों तक जारी रह सकता है, जिससे हालात और गंभीर होने की संभावना है।

शिवपुरी में बाढ़ का कहर: गांवों में पानी, सड़कों पर डूबी गाड़ियां
शिवपुरी जिले में लगातार बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। बैराड क्षेत्र के जोराई गांव में सड़कों पर खड़ी गाड़ियां पानी में डूब गईं। कई निचली बस्तियों जैसे संजय कॉलोनी, फतेहपुर, रामबाग कॉलोनी, और नमो नगर में 3 से 4 फीट तक पानी भर गया है, जिससे लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण नाले अवरुद्ध हैं, जिससे बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। जिला प्रशासन ने स्कूलों में 8वीं कक्षा तक की छुट्टियां घोषित कर दी हैं, और राहत कार्यों के लिए टीमें तैनात की गई हैं।
श्योपुर जिले के बेनीपुरा गांव में क्वारी नदी का पानी गांवों में घुस गया, जिससे करीब 20 घरों में पानी भर गया। गृहस्थी का सामान खराब होने से ग्रामीणों को भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन ने प्रभावित लोगों को अस्थायी शिविरों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि नुकसान की भरपाई मुश्किल होगी।
शहडोल में दर्दनाक हादसा: दीवार गिरने से बुजुर्ग दंपती की मौत
शहडोल जिले के केशवाही के मझौली क्षेत्र में भारी बारिश के कारण एक दुखद घटना सामने आई। शनिवार, 5 जुलाई 2025 को सुबह करीब 4 बजे एक मकान की कच्ची दीवार गिरने से बुजुर्ग दंपती की मौत हो गई। स्थानीय पुलिस के अनुसार, बारिश से कमजोर हुई दीवार अचानक ढह गई, जिसके मलबे में दंपती दब गए। मृतकों की पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन इस घटना ने क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किए, लेकिन लगातार बारिश के कारण बचाव कार्यों में बाधा आ रही है।
नरसिंहपुर और डिंडौरी में हाईवे बंद, लोग रस्सी के सहारे नदी पार कर रहे
नरसिंहपुर जिले में शनिवार सुबह स्टेट हाईवे-22 पर एक पुलिया धंस गई, जिससे जबलपुर-गोटेगांव मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। शक्कर नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण लोग रस्सी के सहारे नदी पार करने को मजबूर हैं। इस खतरनाक स्थिति ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। डिंडौरी में जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे पर खेत की मिट्टी बहकर सड़क पर आ गई, जिससे वाहन कीचड़ में फंस रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि भारी बारिश के कारण सड़क का रखरखाव नहीं हो पा रहा है, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई है।
सागर और मंडला में बाढ़: गांवों का संपर्क टूटा
सागर जिले में भारी बारिश के कारण बेगमगंज और ग्यारसपुर जाने वाला मार्ग बंद हो गया है। नदियों में बाढ़ के कारण कई गांवों का संपर्क मुख्य सड़कों से कट गया है। मंडला में नर्मदा नदी चेतावनी स्तर पर बह रही है, और बिछिया-घुघरी मार्ग पर नाले का पानी पुल के ऊपर बह रहा है। होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीमें अब तक 70 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा चुकी हैं। मंडला के मटियारी में 190 मिमी और बिछिया में 185.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसने बाढ़ की स्थिति को और गंभीर कर दिया है।
मौसम विभाग का अलर्ट: कब तक रहेगी बारिश?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, एक ट्रफ लाइन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण यह मजबूत बारिश का सिस्टम अगले चार दिनों तक सक्रिय रहेगा। अलर्ट की स्थिति इस प्रकार है:
- रेड अलर्ट (अति भारी बारिश, 8 इंच से अधिक): कटनी और मंडला में अगले 24 घंटों में 204 मिमी तक बारिश की आशंका।
- ऑरेंज अलर्ट (भारी से अति भारी बारिश, 3-8 इंच): जबलपुर, सतना, पन्ना, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, डिंडौरी, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, दमोह, श्योपुर, और शिवपुरी।
- यलो अलर्ट (मध्यम बारिश, 1-2.5 इंच): भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, पांढुर्णा, बैतूल, नर्मदापुरम, सीहोर, रायसेन, विदिशा, सागर, गुना, और अशोकनगर।
- मौसम विभाग के अनुसार, यह बारिश का सिलसिला 9 जुलाई 2025 तक जारी रह सकता है, क्योंकि बंगाल की खाड़ी में बना एक नया निम्न दबाव क्षेत्र मानसून को और मजबूत कर रहा है।
प्रशासन की कार्रवाई और राहत कार्य
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। शिवपुरी में कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी ने नदियों और जलप्रपातों जैसे पवा जलप्रपात और भदैया कुंड पर लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। मंडला में जिला कमांडेंट नरेश कुमार साहू ने बताया कि एसडीआरएफ और होमगार्ड की टीमें लगातार बचाव कार्य में जुटी हैं। नरसिंहपुर में धंसी हुई पुलिया को ठीक करने के लिए इंजीनियरों की टीमें तैनात की गई हैं, लेकिन बारिश के कारण काम में देरी हो रही है। डिंडौरी में कलेक्टर नेहा मारव्या ने स्कूलों में 5 जुलाई तक छुट्टियां घोषित की हैं।
प्रदेश के कई डैम, जैसे मड़िखेड़ा डैम (शिवपुरी) और राजघाट बांध (अशोकनगर), छलकने की कगार पर हैं। मड़िखेड़ा डैम के चार गेट खोलकर 680 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, और निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।
सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
लगातार बारिश ने मध्य प्रदेश में सामाजिक और आर्थिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। शिवपुरी और श्योपुर में फसलों को भारी नुकसान हुआ है, क्योंकि खेतों में पानी भर गया है। शहडोल में दीवार गिरने की घटना ने स्थानीय लोगों में दहशत पैदा कर दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित है, और कई जगहों पर मोबाइल नेटवर्क भी प्रभावित हुआ है।
भविष्य की चुनौतियां और सावधानियां
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक बारिश का यह सिलसिला जारी रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से नदियों, नालों, और जलमग्न सड़कों से दूर रहने की अपील की है। ग्रामीणों को अस्थायी शिविरों में स्थानांतरित किया जा रहा है, लेकिन जल निकासी की खराब व्यवस्था और बुनियादी ढांचे की कमियां इस आपदा को और गंभीर बना रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश ने जहां एक ओर पेयजल और सिंचाई के लिए डैमों को भर दिया है, वहीं बाढ़ और भूस्खलन ने बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है।












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