MPPSC 2019: अशोक नगर के गांव की बेटी नम्रता सोनी बनी श्रम अधिकारी, लाइट के खंभे के नीचे बैठकर करती थी तैयारी
MP PSC News: भारतीय गांवों से निकलकर शहरों में अपने सपनों की पुर्ति करना किसी के लिए भीड़ की आड़ में होता है। अशोक नगर जिले के छोटे से गांव, प्राणपुर की बेटी नम्रता सोनी ने भी ऐसा ही कुछ किया है। नम्रता सोनी का जीवन एक कठिनाई भरा सफर है, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उनकी शिक्षा का आरंभ गांव के स्कूल से हुआ था, लेकिन उनका सपना बड़ा था।
बता दे नम्रता सोनी का चयन राज्य मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा MPPSC में श्रम अधिकारी के पद पर हुआ है। नमृता के इस परीक्षा में सफल हो जाने पर उनके घर सहित पूरे गांव में खुशी का माहौल है।

तैयारी की कहानी
जब उन्होंने अधिकारी बनने का निर्णय लिया, तो उन्होंने लाइट के खंभे के नीचे बैठकर करने में जुट जाने का निर्णय किया। उनकी रातों की मेहनत और आत्मसमर्पण ने उन्हें उनके लक्ष्य की प्राप्ति में सफल बनाया। 24 वर्षीय नम्रता सोनी परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के चलते कड़ी मेहनत के साथ तैयारी कर रही थी। उन्होंने इंदौर में संघर्ष करते हुए अपनी पढ़ाई को जारी रखा। उनके पिता ने बताया कि नम्रता गांव में बिजली के खंभे के नीचे बैठकर तैयारी करती थी।
नम्रता ने वन इंडिया से खास चर्चा करते हुए कहा कि उनकी सफलता का श्रेय वे अपने माता-पिता और भगवान को देती हैं, जिन्होंने उन्हें हर मुश्किल चुनौतियों से निपटने के लिए हिम्मत दी। नम्रता सोनी ने बताया कि सफलता पाने के लिए उन्होंने पेशंस रखा और तैयारी करती रही। वे इस परीक्षा की तैयारी करीब 3 साल से कर रही थी।
सामाजिक प्रभाव
"नम्रता ने अपनी सफलता का उपयोग गांव के युवाओं को प्रेरित करने के लिए किया है। उनकी कहानी ने गांव के लोगों को नए सपनों की ऊंचाइयों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया है। नम्रता सोनी ने अपनी मेहनत और समर्पण के माध्यम से अपने सपनों को हकीकत में बदल दिखाया है। उनकी उपलब्धियों से हमें यह सिखने को मिलता है कि किसी भी मुश्किल को पार करने के लिए सही दिशा और मेहनत का होना आवश्यक है।
MPPSC 2019 का परीक्षा परिणाम कुछ इस प्रकार है
बता दे राज्य लोक सेवा आयोग एमपीपीएससी ने मंगलवार देर रात 2019 का फाइनल रिजल्ट जारी किया। जिसमें 87 फीसदी पदों पर चयन सूची जारी की गई है। OBC आरक्षण मामला कोर्ट में लंबित होनेके कारण 13% पदों पर नियुक्तियां रोकी गई हैं। टॉप-10 में 7 लड़कियां हैं।
मध्य प्रदेश PSC के 484 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा हुई थी। इनमें से फिलहाल 472 का रिजल्ट जारी किया गया है। इन पदों में से 197 पर महिलाओं ने सफलता प्राप्त की है। ये कुल भर्ती संख्या का 42% है। 13 कैंडिडेट डिप्टी कलेक्टर जबकि 9 DSP बनी हैं।
राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा जारी डिप्टी कलेक्टर श्रेणी की सूची में पहले नंबर पर सतना की प्रिया पाठक, दूसरे पर रीवा की शिवांगी बघेल और तीसरे नंबर पर पन्ना की पूजा सोनी हैं। इनके अलावा राहुल कुमार पटेल, निधि मिश्रा, हरनीत कौर कलसी, सौरभ मिश्रा, सलोनी अग्रवाल, रीतिका पाटीदार, आशुतोष महादेव सिंह ठाकुर के नाम मेरिट लिस्ट में हैं। डीएसपी पद के लिए चयनित अभ्यर्थियों की सूची में पहला नाम रुचि जैन, दूसरा ललित बैरागी और तीसरे नंबर पर हर्ष राठौर का है।












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