MP: मोदी के मंत्री की गांधीगिरी, हाॅफपेंट पहनकर तालाब के गंदे पानी में उतरे, निकालने लगे कचरा
सागर, 2 सितंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक मंत्री इन दिनों हाॅफपेंट-टीशर्ट पहनकर सुबह-सुबह गांधीगिरी करते दिख रहे हैं। वे तालाब के गंदे, बदबूदार पानी में उतरकर उसे साफ कर रहे हैं। मंत्री के साथ तालाब सफाई में कई सारे समाजसेवी और आमजन भी जुडे़ नजर आ रहे हैं। यह तस्वीरें मप्र के जिला मुख्यालय की हैं। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण राज्यमं़त्री दमोह लोकसभा से सांसद हैं। वे यहां जलस्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए व्यक्तिगत रुप से प्रयासरत हैं।

मंत्री प्रहलाद पटेल मंत्री प्रहलाद पटेल दमोह में तालाब के गंदे पानी में उतरकर उसकी सफाई करते नजर आ रहे हैं
पीएम मोदी के मंत्री प्रहलाद पटेल दमोह में तालाब के गंदे पानी में उतरकर उसकी सफाई करते नजर आ रहे हैं। उनके साथ दर्जनों स्थानीय महिला-पुरुष भी सफाई के इस काम में तन्मयता से जुटे हुए हैं। तालाब के बदबूदार पानी की परवाह किए बगैर मंत्री पटेल और उनके साथी तालाब की गंदगी को खींचकर किनारे लाते हैं और हाथों से तसलों में भरकर बाहर फिंकवा रहे हैं। इसके पूर्व भी मंत्री पटेल दमोह के तालाबों की इसी तरह सफाई करवा चुके हैं।

केंद्रीय मंत्री पटेल ने उठाया बेलाताल को साफ करने का बीड़ा
दमोह सांसद व केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री प्रहलाद पटेल ने दमोह के बेलाताल को साफ करने, स्वच्छ बनाने का बीड़ा उठाया है। तालाब बारिश के दौरान पानी से भरा हुआ है, बावजूद इसके इसमें पानी नजर नहीं आता है! कारण पानी के ऊपर काई और जलकुंभी ने कब्जा जमा लिया हैं। पानी का रंग हरा हो गया और इसमें आॅक्सीजन लेबल भी घट गया है। पानी झमाझम बारिश में भी बदबू मार रहा हैं। तालाब को साफ करने के लिए मंत्री पटेल ने जनसहयोग लिया है।

सुबह-सुबह कार्यकर्ताओं के साथ पहुंच जाते हैं तालाब
केंद्रीय राज्यमंत्री प्रहलाद पटेल बीते तीन दिन से सुबह की सैर के बाद अपने कार्यकर्ताओं के साथ बेलाताल पर साफ-सफाई करने पहुंचे जाते हैं। वे यहां हाफपेंट और टीशर्ट पहनकर तालाब के गंदे पानी में उतरकर कार्यकर्ताओं के साथ गंदगी को साफ करते नजर आते हैं। वे तसलों में तालाब से निकले कचरे को उठाकर, जलकुंभी को निकलवाकर उसे ट्रेक्टर ट्राॅलियों में भरवाकर बाहर फिंकवा रहे हैं।

मंत्री पटेल बीते सालों में भी करा चुके तालाब साफ
केंद्रीय राज्यमंत्री प्रहलाद पटेल बीते सालों में भी दमोह शहर के तालाबों को श्रमदार के माध्यम से साफ करा चुके हैं। बीते साल गर्मियों के दिनों में सुबह-सुबह दमोह जिले के प्रमुख तालाबों को उनकी अगुवाई में श्रमदान के माध्यम से साफ कराया गया था। इसके साथ ही नगर पालिका और स्वयं सेवी संस्थाएं, व्यापारिक संगठन, एसोसिएशन भी लगातार इस काम में आगे आकर सहयोग करते रहे हैं।

दमोह और सागर में जनसहयोग से तालाब, जलस्रोत साफ करने की परम्परा कायम रही है
बुंदेलखंड में श्रमदान के माध्यम से जलस्रोतों के संरक्षण की परम्परा काफी लंबे समय से कायम रही है। 80 के दशक से दोनों शहरों में तालाबों के संरक्षण और संवर्धन के प्रयास किए जा रहे हैं। सागर में समाजसेवी संस्थाएं, राजनीतिक व्यक्ति, जनप्रतिनिधि, मीडिया से जुडे़ समूह और मीडियाकर्मी, समाजसेवी सागर के ऐतिहासिक लाखा बंजारा झील को साफ कराते रहे हैं। कुछ समय पहले सागर के तालाब को समाजसेवियों ओर निगम के माध्यम से खाली कराकर डी-सिल्टिंग कराई गई थी। हालांकि अब स्मार्ट सिटी करोड़ों की लागत से यह काम करा रही है। दमोह में भी तालाब संरक्षण और सफाई का काम हर साल आमजन और समाजसेवी मिलकर करते हैं।












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