MP: मंडी में 'मुद्दत शुल्क' पर दबंग विधायक लाल, व्यापारियों को हड़काया, ठीक नहीं होगा
सागर, 3 सितम्बर। मप्र में दमोह जिले के पथरिया से बसपा से विधायक रामबाई अपनी तेजतर्रार कार्यशैली और दबंगई के कारण चर्चाओं में बनी रहती हैं। उन्होंने बीते रोज मंडी के व्यापारियों को बुलाकर किसानों से मुद्दत शुल्क जबरन वसूलने को लेकर खूब खरी-खोटी सुनाते हुए क्लास लगा डाली। उन्होंने फरमान दिया है कि आज से कोई भी व्यापारी मुद्दत शुल्क नहीं ले सकेगा। यदि वह ऐसा करता है तो फिर मैं अपने तरीके से निपटूंगी। किसानों के लिए जरुरत पड़ी तो आपके गल्ले में हाथ डालकर किसानों का पैसा वापस दिलाऊंगी। उनकी बात का असर भी हुआ और व्यापारियों ने किसानों से शुल्क न लेने पर सहमति भी जताई है।

किसानो ने विधायक से की थी शिकायत, मुद्द शुल्क वसूलते हैं
दरअसल पथरिया इलाके के किसानों से मंडी व्यापारियों द्वारा उनकी उपज की राशि देने के एवज में 2 फीसदी मुद्दत शुल्क काटने की शिकायत की थी। इसको लेकर विधायक रामबाई ने बीते रोज मंडी के तमाम व्यापारियों अपने कार्यालय बुलाकर इस मुद्दे पर विस्तार से बात की थी। उन्होंने कहा कि आप लोग जो मुद्दत शुल्क वसूलते हैं यह गलत है। किसान हमारे अन्नदाता हैं आप लोग उनके हक का पैसा मत मारिए। यदि कोई व्यापारी ऐसा करते पाया गया तो फिर आप लोग समझ लीजिए।

व्यापारी से 3 गुना जुर्माना वसूला जाएगा
दबंग विधायक रामबाई ने व्यापारियों से चर्चा के दौरान कहा कि मुद्दत शुल्क वसूलना गलत है। सभी व्यापारी यह समझ लें कि वे अब से किसी व्यापारी से भी मुद्दत शुल्क नहीं काटेंगे। किसानों का पूरा भुगतान उनको नकद में देंगे। यदि कोई मुद्दत शुल्क वसूलेगा तो मैं खुद एक्शन लूंगी। उस व्यापारी से मुद्दत शुल्क का तीन गुना जुर्माना वसूला जाएगा। मैं खुद किसानों के साथ खड़ी हूं। जिसको अपना लाइसेंस निरस्त कराना हो, कार्रवाई करानी हो वह यह राशि काटे।

तौल में गड़बड़ी करते हो, कांटे बांट की जांच करा दूंगी
विधायक रामबाई ने चर्चा के दौरान कहा कि दुकानदार कांटे-बांट में भी गड़बड़ी रखते हैं। किसानों की उपज तौलते समय कभी 50 ग्राम तो कभी 100 ग्राम तक कम तौलते हैं। इस पर व्यापारियों ने कहा कि तौल करने वाले अलग लोग होते हैं, तो विधायक बोली कि कांटा और बांट आपका होता है। कोई कम तोलता है तो यह देखना आपका काम हैं। आप लोग तौल पर नजर रखें, यह आपका काम है। शिकायत आई तो आप लोगों के कांटा और बांट की जांच कराई जाए तो सबमें कमी निकलेंगी।

2 लाख के नीचे तक नकद भुगतान पर काट लेते हैं राशि
नियमानुसार मंडी में अनाज खरीदी के बाद व्यापारी किसान को दो लाख रुपए तक नकद भुगतान कर सकते हैं। इसको भुगतान के लिए कोई समय सीमा तय नहीं हैं। अतः इस लिहाज से तत्काल नकद भुगतान किया जा सकता है। व्यापारी इनमें से जितनी भी राशि नकद भुगतान की जाती है, उसमें से मुद्दत शुल्क के रुप में 2 फीसदी राशि काट लेते हैं। अर्थात तत्काल नकद भुगतान को लेकर व्यापारी कमीशन के नाम पर दो फीसदी राशि काट लेते हैं।












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