MP: तीज का व्रत रखा था, फोन आया तो रिश्वत लेने ऑफिस पहुंच गईं भ्रष्ट ट्रेजरी अफसर, रंगे हाथ गिरफ्तार
सागर, 31 अगस्त। मप्र के टीकमगढ़ में भ्रष्ट जिला कोषालय अधिकारी और सहायक कोषालय अधिकारी को 10 हजार रुपए कि रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। सबसे खास बात जिला कोषायल अधिकारी विभूति अग्रवाल तीजा का व्रत रखे हुए थीं। वे सुबह से कार्यालय नहीं आईं थी, लेकिन जैसे ही उनके पास रिश्वत के रुपए कि बात आई तो वे कार्यालय पहुंच गई और चंद मिनट बाद रुपए लेते लोकायुक्त ने उन्हें धर लिया। उनके खिलाफ टीकमगढ़ से रिटायर्ड सीएमएचओ ने रिश्वत की शिकायत की थी।

लोकायुक्त पुलिस से मिली जानकारी अनुसार टीकमगढ़ से रिटायर्ड हुए डॉ. शिवेंद्र चैरसिया ने सागर लोकायुक्त एसपी कार्यालय पहुंचकर टीकमगढ़ जिला कोषालय अधिकारी विभूति अग्रवाल और सहायक कोषालय अधिकारी शिवराम प्रजापति के खिलाफ लिखित में शिकायत की थी। इसमें उन्होंने उल्लेख किया था कि वे सीएमएचओ रहे हैं। सेवानिवृत्ति के तीन साल बाद भी उनके बिलों का भुगतान नहीं किया जा रहा। दोनों अधिकारी परेशान कर रहे हैं। कुछ बिल रिजेक्ट कर दोबारा सबमिट करने का दबाव भी बना रहे हैं, जबकि बिल सही हैं। रिश्वत के 5 हजार रुपए पहले ले चुके हैं। 10 हजार रुपए और मांग रहे हैं।

लोकायुक्त ने रंगे नोट लेकर डॉ. शिवेंद्र चैरसिया को भेजा था
लोकायुक्त एसपी ने पूर्व सीएमएचओ की डॉ. शिवेंद्र चैरसिया की शिकायत के बाद लोकायुक्त डीएसपी राजेश खेड़े की अगुवाई में टीम गठित कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। टीम ने मंगलवार को डॉ शिवेंद्र चैरसिया को 10 हजार रुपए जिनमें कैमिकल लगा हुआ था, लेकर भेजा। उस समय जिला कोषालय अधिकारी विभूति अग्रवाल कार्यालय में नहीं थीं। डॉक्टर ने उनको फोन लगाकर बताया कि वे पैसे लेकर आ गए हैं। इसके कुछ समय बाद अग्रवाल कार्यालय पहुंच गईं और रिश्वत के रुपए ले लिए। डॉक्टर चैरसिया का इशारा मिलते ही टीम ने तुरंत कोषालय कार्यालय में छापामार कर विभुति अग्रवाल को रंगे हाथ नोट के साथ गिरफ््तार कर लिया। वहीं सहायक कोषालय अधिकारी शिवराम प्रजापति भी मौके पर ही रिश्वत में अपना हिस्सा लेते हुए गिरफ्तार किए गए थे।
जीपीएफ, सभी क्लेम बकाया, पेंशन भी नहीं बनाई
लोकायुक्त डीएसपी राजेश खेड़े ने बताया कि पूर्व सीएमएचओ डॉ. शिवराम चैरसिया करीब डेढ़ साल पहले रिटायर्ड हो चुके हैं। उनकी जीपीएफ, अन्य क्लेम की राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा था। बिलों को बार-बार रिजेक्ट किया जा रहा था। उनकी पेंशन तक नहीं बनाई गई है। परेशान होकर वे लोकायुक्त में शिकायत करने पहुंचे थे। टीम ने आज उन्हें रिश्वत के 10 हजार की रिश्वत लेकर भेजा था। पैसे का लेनदेन होने के बाद जिला कोषायल अधिकारी विभूति अग्रवाल व सहायक कोषालय अधिकारी शिवराम प्रजापति को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। 5 हजार पूर्व में लिए जा चुके थे, 10 हजार अभी लिए जाने थे।












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