MP News: देवास टेकरी पर हंगामा, MLA के बेटे पर कांग्रेस का आरोप, आंदोलन का दिया अल्टीमेटम
मध्यप्रदेश के देवास में चामुंडा माता मंदिर की टेकरी पर BJP विधायक गोलू शुक्ला के बेटे रुद्राक्ष शुक्ला ने अपने साथियों के साथ मिलकर पुजारी परिवार के साथ अभद्रता को अंजाम दिया है। 11 अप्रैल 2025 की देर रात, रुद्राक्ष शुक्ला ने अपनी लक्जरी गाड़ी (एमपी09 डब्ल्यूएल 0009) और 10 से अधिक वाहनों के काफिले के साथ मंदिर पर धावा बोला था।
मंदिर के पट बंद होने के बावजूद, उन्होंने जबरन पट खुलवाने की मांग की, पुजारी और उनके परिवार के साथ गाली-गलौज की, और मारपीट कर मंदिर की गरिमा को ठेस पहुंचाई। वहीं अब इस पूरे मामले पर कांग्रेस ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

मध्यप्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक व प्रदेश प्रवक्ता एवं देवास जिला मिडिया प्रभारी अमित चौरसिया ने अपने संयुक्त प्रेस व्यक्तव्य में इस कांड की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए बीजेपी और मुख्यमंत्री मोहन यादव पर करारा प्रहार किया। नायक ने कहा कि, बीजेपी, जो दिन-रात धर्म और संस्कृति की रक्षा का ढोंग रचती है, आज अपने ही विधायक के बेटे की इस घृणित हरकत पर मौन धारण किए हुए है। रुद्राक्ष शुक्ला का यह कृत्य माता रानी के मंदिर की पवित्रता पर हमला ही नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की सवा सात करोड़ जनता की आस्था और विश्वास पर कायराना प्रहार है। क्या यही है बीजेपी का रामराज्य? क्या यही है उनका धर्म और संस्कृति के प्रति समर्पण? यह घटना बीजेपी की दोहरी नीति और सत्ता के दुरुपयोग का सबसे बड़ा प्रमाण है।
पुलिस और प्रशासन की निष्क्रियता
नायक ने देवास पुलिस और जिला प्रशासन की भूमिका को कायराना और संदिग्ध करार देते हुए कहा कि वायरल सीसीटीवी फुटेज में रुद्राक्ष शुक्ला और उनकी गाड़ी साफ नजर आ रही है, फिर भी पुलिस की आंखों पर सत्ता की पट्टी बंधी हुई है। पुलिस ने भले ही जीतेंद्र रघुवंशी नामक व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की हो, लेकिन मुख्य आरोपी रुद्राक्ष शुक्ला को बचाने की हर संभव कोशिश की जा रही है। यह साफ दर्शाता है कि देवास पुलिस सत्ता के दबाव में निष्पक्षता और कर्तव्य दोनों को भूल चुकी है। कलेक्टर और एसपी की भूमिका तो और भी शर्मनाक है। ये अधिकारी अपनी कुर्सी बचाने के लिए माता रानी के मंदिर की गरिमा और जनता की आस्था के साथ समझौता कर रहे हैं। क्या यही है भारतीय प्रशासनिक और पुलिस सेवा की मर्यादा?
नायक ने जोर देकर कहा, अगर कोई आम नागरिक मंदिर में इस तरह का उत्पात मचाता, तो उसे तुरंत जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया जाता। लेकिन बीजेपी विधायक का बेटा होने के कारण रुद्राक्ष शुक्ला को खुला संरक्षण दिया जा रहा है। यह कानून के समक्ष सबके बराबर होने के सिद्धांत का खुला उल्लंघन है। पुलिस की यह दोहरी नीति न केवल जनता के विश्वास को तोड़ रही है, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश को शर्मसार कर रही है।
प्रदेश प्रवक्ता एवं देवास जिला मिडिया प्रभारी अमित चौरसिया ने मुख्यमंत्री एवं देवास विधायक की चुप्पी पर सवाल उठाया, मुख्यमंत्री मोहन यादव की इस पूरे मामले में चुप्पी को लेकर चौरसिया ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव, जो खुद को मध्यप्रदेश की गंगा-जमुना तहजीब का प्रतीक बताते हैं, इस मामले में पूरी तरह मौन हैं। क्या उनकी यह चुप्पी बीजेपी विधायक के रसूख के सामने आत्मसमर्पण नहीं दर्शाती? बीजेपी बार-बार कहती है कि वह कानून और व्यवस्था की रक्षक है, लेकिन जब उनके अपने लोग कानून तोड़ते हैं, तब उनकी नैतिकता कहां चली जाती है? यह चुप्पी साफ बताती है कि बीजेपी के लिए सत्ता और रसूख धर्म, संस्कृति और कानून से कहीं ऊपर हैं।
जन आंदोलन की चेतावनी
मुकेश नायक ने बीजेपी सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की जनता इस सत्ता के अहंकार को और बर्दाश्त नहीं करेगी। अगर सरकार और पुलिस ने समय रहते रुद्राक्ष शुक्ला और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, तो मध्यप्रदेश कांग्रेस जनता के साथ मिलकर सड़कों पर उतरेगी। हम इस गुंडागर्दी और सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ निर्णायक आंदोलन चलाएंगे। माता रानी के मंदिर का अपमान और जनता की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।












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