पर्यटन और धार्मिक स्थलों को बनाएं आकर्षक और भव्य, CM मोहन यादव ने अधिकारियों से कहा
MP News: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश में पर्यटन और धार्मिक स्थलों को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्य योजना बनाने की जरूरत बताई। उन्होंने इन स्थलों को और अधिक आकर्षक और भव्य बनाने का सुझाव दिया। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाले स्थलों की संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जाने चाहिए।
सीएम मोहन यादव ने संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के अंतर्गत भगवान श्री राम और भगवान श्री कृष्ण से संबंधित धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास की समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश में गीता जयंती और मानस जयंती पर गीता महोत्सव मनाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने भारतीय संस्कृति और दर्शन को आम जनता तक व्यापक रूप से पहुंचाने पर जोर दिया।

सीएम यादव ने यह भी निर्देश दिए कि भोपाल के प्रवेश द्वारों का नाम भगवान श्री राम और भगवान श्री कृष्ण के नाम पर रखा जाए। उन्होंने राज्य की सीमा पर राजा भोज और राजा विक्रमादित्य के नाम पर प्रवेश द्वार बनाने का सुझाव दिया। इससे आगंतुकों को राज्य की संस्कृति और धार्मिक स्थलों के बारे में जानने में मदद मिलेगी। इन स्थानों की बेहतर ब्रांडिंग और प्रचार-प्रसार के भी दिए निर्देश।
भगवना राम-कृष्ण से जुड़े स्थानों का होगा विकास
डॉ. यादव ने भगवान श्री राम और भगवान कृष्ण से जुड़े स्थलों को चिन्हित कर विद्वानों की मदद से विकास करने के निर्देश दिए। इस कार्य के लिए सांसदों और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय जरूरी है। उन्होंने कहा कि उज्जैन, मैहर, इंदौर और चित्रकूट जैसे स्थानों पर पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों को उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने राज्य में बन रहे 18 लोकों, सात स्थानों पर रोपवे परियोजनाओं, लाइट एंड साउंड शो स्थलों, संग्रहालय निर्माण और नए कार्यों के प्रस्तावों का उल्लेख किया।
संग्रहालय और स्थानीय उत्पाद
संग्रहालयों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। डॉ. यादव ने कहा कि पुस्तकों के माध्यम से भी स्थानीय उत्पादों, धार्मिक स्थलों और पर्यटन स्थलों के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए। ओंकारेश्वर स्थित ममलेश्वर मंदिर का विकास कार्य उज्जैन मॉडल पर होना चाहिए। प्रदेश में चल रहे प्रोजेक्टों को देखने के लिए भारत सरकार के मंत्रियों को आमंत्रित किया जाना चाहिए।
निवेश प्रोत्साहन
प्रमुख शहरों में कन्वेंशन सेंटर बनाए जाने चाहिए ताकि रोड शो के माध्यम से निवेश को बढ़ावा दिया जा सके। धार्मिक पर्यटन गतिविधियों के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी चर्चा की गई। जिला कलेक्टरों को सतना विकास प्राधिकरण की योजना तैयार करने के निर्देश दिये गये। प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला ने पर्यटन निगम के विभिन्न विकास कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी दी।












Click it and Unblock the Notifications