दुग्ध उत्पादन से बढ़ेगी पशुपालकों की आय, CM मोहन यादव ने कहा- वृद्ध गायों के लिए गौशाला भी जरूरी
MP News: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों और पशुपालकों को खेती के साथ-साथ पशुपालन पर भी ध्यान देने की जरूरत बताई। उन्होंने पशुपालन विकास और गौशालाओं के संचालन को प्राथमिकता देकर गायों, खासकर विकलांग और वृद्ध गायों के सम्मान और संरक्षण पर जोर दिया।
मंत्रालय में हुई बैठक में सीएम मोहन यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गौ संरक्षण एवं दुग्ध उत्पादन प्रोत्साहन योजना पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने पशुपालन एवं डेयरी विभाग को बेहतर परिणाम के लिए संबंधित विभागों के साथ मिलकर काम करने के निर्देश दिए।

मवेशियों के लिए हाइड्रोलिक वाहन की व्यवस्था
सीएम यादव ने इस बात पर प्रकाश डाला कि दूध उत्पादन बढ़ने से पशुपालकों की आय बढ़ेगी। उन्होंने मध्य प्रदेश में प्रयासों को बेहतर बनाने के लिए गुजरात और अन्य प्रांतों की प्रणालियों का अध्ययन करने का सुझाव दिया। उन्होंने राजमार्गों पर छोड़ी गई गायों के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं और यातायात समस्याओं के बारे में भी बात की।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने रायसेन, विदिशा, सीहोर, देवास और राजगढ़ जैसे जिलों का चयन करके इस समस्या से निपटने के लिए कदम उठाए हैं। उन्होंने मवेशियों को नजदीकी गौशालाओं तक पहुंचाने के लिए हाइड्रोलिक कैटल लिफ्टिंग वाहनों को टोल सिस्टम से जोड़ा है।
मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयां
पशुओं को प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विभाग द्वारा मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई (टोल-फ्री नंबर 1962) संचालित की जाती है। सीएम यादव ने सार्वजनिक घोषणाओं के माध्यम से पशुपालकों और किसानों को सलाह दी कि वे अपने पशुओं को सड़कों पर न छोड़ें।
दुग्ध उत्पादकों के लिए प्रोत्साहन पर भी चर्चा की गई। उन्होंने दुग्ध उपार्जन, किसानों के लिए उचित मूल्य निर्धारण, दुग्ध संघों को सहयोग, दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्रों की स्थापना, सहकारी दुग्ध समितियों को प्रोत्साहित करने के संबंध में विभागीय प्रयासों की जानकारी ली।
दुग्ध संघों का विस्तार
बैठक में राज्य के विभिन्न दुग्ध संघों की आय बढ़ाने के प्रयासों और उनकी सफलताओं पर चर्चा की गई। बैठक में दुग्ध संघों की प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने, ग्राम पंचायतों में सहकारी समितियों की भूमिका और गौ-संवर्धन बोर्ड की योजनाओं पर चर्चा की गई। चर्चा का उद्देश्य मध्य प्रदेश में गौ संरक्षण सुनिश्चित करते हुए पशुपालन प्रथाओं में सुधार करना था। इन पहलों से राज्य के किसानों और पशुपालकों को महत्वपूर्ण लाभ मिलने की उम्मीद है।












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