श्रीअन्न संवर्धन अभियान का CM मोहन यादव ने किया शुभारंभ, कहा- खोले जाएंगे 11 नए आयुर्वेदिक कॉलेज
MP News: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने निवास पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने विशिष्ट अतिथियों, विद्यार्थियों और नागरिकों के साथ योगाभ्यास किया। कार्यक्रम में प्रमुख जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी शामिल हुए।
सीएम यादव ने इस बात पर जोर दिया कि योग मन और आत्मा के बीच संबंध को दर्शाता है। यह हमारी आत्मा को चेतना, खान-पान, जीवनशैली और आचरण से भी जोड़ता है। इस साल श्रीअन्ना योग से जुड़े हैं। योग को लोकप्रिय बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों को वैश्विक स्तर पर अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।

योग की वैश्विक मान्यता
2014 में प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा था, जिसे सभी देशों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया था। इस कदम ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और इसकी प्राचीन आहार प्रथाओं को उजागर किया। जहां योग शारीरिक तंदुरुस्ती के लिए ज़रूरी है, वहीं आहार भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सीएम यादव ने बताया कि पारंपरिक पूजा पद्धतियों में गेहूं का उपयोग नहीं किया जाता है, बल्कि चावल और अन्य मोटे अनाज को प्राथमिकता दी जाती है। यह प्रथा सनातन संस्कृति का हिस्सा है। वैदिक काल से लेकर पतंजलि काल तक योग की विभिन्न विधियां मौजूद रही हैं, जिनमें ध्यान और एकाग्रता भी शामिल है।
मध्य प्रदेश में योग को बनाया गया स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा
योग आज वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय हो चुका है। मध्य प्रदेश में योग को सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। योग आयोग की स्थापना के बाद योग को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बना दिया गया। योग शिक्षकों को अब अन्य विषयों के शिक्षकों के समान महत्व दिया जाता है।
इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए राज्य ने आनंद विभाग का गठन भी किया है। आयुर्वेद को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। मध्य प्रदेश की समृद्ध वन संपदा का लाभ उठाने के लिए यहां 11 नए आयुर्वेदिक कॉलेज खोले जाएंगे।
श्रीअन्ना का प्रचार
सीएम यादव ने कोदो-कुटकी जैसे मोटे अनाजों को बढ़ावा देने की बात कही, जिन्हें श्रीअन्ना के नाम से जाना जाता है। करीब छह महीने पहले जबलपुर में हुई कैबिनेट की बैठक में श्रीअन्ना उत्पादन को बढ़ावा देने का फैसला लिया गया था। महाकौशल क्षेत्र में श्रीअन्ना का उत्पादन प्रचुर मात्रा में होता है।
उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रति क्विंटल एक हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। कोरोना काल में लोगों को श्रीअन्ना के स्वास्थ्य लाभों का एहसास हुआ। आहार, विचार और व्यवहार में नियमितता से दीर्घायु प्राप्त की जा सकती है।












Click it and Unblock the Notifications