MP News: PM नरेंद्र मोदी की आवास योजना का भोपाल में क्या हाल है, जानकार हो जाएंगे हैरान, कब मिलेगा पक्का घर
PM Awas Yojana Bhopal News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने लगातार तीसरी बार केंद्र में सरकार बनाई है, और इसकी कई जनहितैषी योजनाओं, जैसे कि प्रधानमंत्री आवास योजना, का जिक्र किया जाता है। इस योजना का उद्देश्य गरीबों को कम दामों पर पक्के आवास उपलब्ध कराना है। लेकिन क्या वास्तव में यह योजना अपनी मंशा में सफल हो रही है?
लेकिन क्या वास्तव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सब कुछ ठीक चल रहा है ? ये जानने के लिए वन इंडिया हिंदी की टीम जब ग्राउंड पर पहुंची तो, जो देखने को मिला उसे जानकर आप चौंक जाएंगे। दरअसल, राजधानी भोपाल में बागमुगलिया में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रही बिल्डिंग निर्माण पूरा नहीं हो पाया है।

ग्राउंड रिपोर्ट: भोपाल के बागमुगलिया से
Recommended Video
वन इंडिया की टीम जब भोपाल के बाग मुगलिया पहुंची, तो पाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। यह प्रोजेक्ट 2019 में शुरू हुआ था और 2022 में पूरा होना था, लेकिन अब तक इसे पूरा नहीं किया गया है और घटिया मटेरियल लगाया जा रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के कई लोगों ने अपनी जमा पूंजी और उधारी लेकर इन फ्लैट्स के लिए भुगतान किया, लेकिन ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत के कारण काम रुक गया।

हितग्राहियों की परेशानियां
पात्र हितग्राही कई बार अपनी समस्याओं के लिए आवेदन पत्र दे चुके हैं, लेकिन नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही ने स्थिति को और भी बिगाड़ दिया है। निर्माण कार्य में घटिया मटेरियल का उपयोग किया जा रहा है। कई लोग मजबूरीवश अधूरे निर्माण में रहने लगे हैं, जिससे उन्हें पानी और बिजली की गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
वित्तीय चुनौतियां
बाग मुगलिया में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को फ्लैट्स उपलब्ध कराने का वादा किया गया था। लेकिन अब कई लाभार्थी, जैसे कि नीतीश, ने बताया कि उन्होंने 2019 में 7 लाख रुपये जमा किए थे, लेकिन अब तक उन्हें फ्लैट नहीं मिल पाया है। एक अन्य लाभार्थी ने कहा कि उन्होंने झुग्गी से बाहर आने के लिए यह योजना अपनाई थी, लेकिन अब उन्हें फ्लैट की कीमत 11 से 12 लाख के बजाय 18 से 19 लाख रुपये का पड़ेगा।

किराए पर जीवन यापन
लोग बिना पोजिशन के रहने को मजबूर हैं और अपने किराए के घरों में रहने के लिए मजबूर हैं। कई परिवार बिना बिजली के जीवन यापन कर रहे हैं, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पूरी बिल्डिंग में करीब 25 परिवार निवास कर रहे हैं, जिन्हें लगातार डर और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है।

किशन सूर्यवंशी का बयान: रेरा अप्रूवल में देरी से बढ़ी परेशानियाँ
भोपाल नगर निगम के अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने बताया कि रेरा से अप्रूवल लेने में समय लग गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम ने बिल्डिंग बनाने से पहले रेरा से अप्रूवल नहीं लिया, जिससे निर्माण कार्य में बाधाएं आईं हैं। उन्होंने वन इंडिया के संवाददाता को बताया कि 1 साल के अंदर इन निर्माण कार्यों को पूरा कर लिया जाएगा।
नगर निगम का आश्वासन
नगर निगम के कमिश्नर ने कहा है कि अगले तीन महीनों में विवाद को सुलझाकर लोगों को उनके मकान देने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि गुणवत्ताहीन निर्माण करने वाली कंपनियों को ब्लैक लिस्ट किया जा चुका है और उनका अनुबंध समाप्त कर दिया गया है। उनका लक्ष्य है कि जनता को अच्छे मकान प्रदान किए जाएं।
कांग्रेस का विरोध
इस बीच, कांग्रेस ने नगर निगम पर आरोप लगाया है कि यह केवल लोगों को सपने दिखाने वाली योजना है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि लोग गुणवत्ताहीन मकान और थर्ड पार्टी एग्रीमेंट के कारण परेशान हो रहे हैं। VO अध्यक्ष ने कहा कि रेरा से अप्रूवल लेने में समय लगने के कारण निर्माण कार्य में देरी हुई, और नगर निगम ने बिल्डिंग बनाने से पहले रेरा से अप्रूवल नहीं लिया।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भोपाल में जो समस्याएं सामने आई हैं, वे न केवल योजना की कार्यान्वयन में खामी दर्शाती हैं, बल्कि यह भी बताती हैं कि कैसे लाभार्थियों की मेहनत की कमाई का दुरुपयोग किया जा रहा है। यदि समय पर सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो यह योजना अपनी मंशा में विफल साबित होगी। सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है, ताकि वास्तविक लाभार्थियों को उनका हक मिल सके।












Click it and Unblock the Notifications