mp nikay chunav 2022: अपने चहेतों को ‘महापौर’ बनाने अडे दिग्गज मंत्री, सागर में भाजपा का टिकट अटका
सागर,12 जून। नगरीय निकाय चुनाव के दौरान सागर में महापौर के टिकट के लिए दावेदार तो ठीक हैं, कद्दावर मंत्री भी आमने-सामने आ गए हैं। सागर में अनारक्षित महिला सीट के लिए भाजपा में घमासान मचा हुआ है। करीब दो दर्जन से अधिक दावेदार टिकट की लाइन में हैं। इसमें नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह और पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव अपने-अपने समर्थकों के एक-एक नाम पर अड गए हैं। जबकि संगठन स्तर से बनाए गए नियम में तीन-तीन नामों का पैनल देना था।

मप्र में भारतीय जनता पार्टी में महापौर के टिकट के लिए दावेदारों से ज्यादा उनके राजनीतिक संरक्षकों, नेताओं और मंत्रियों में घमासान मचा हुआ है। हर नेता ज्यादा से ज्यादा टिकट अपने समर्थकों को दिलाना चाहता है। इधर सागर जिले में स्थिति दो कद्दावर मंत्रियों के कारण अटक गई है। बीते दो दिन से मंत्री भूपेंद सिंह और गोपाल भार्गव के खेमे में एक-एक प्रत्याशी के नाम को लेकर सुगबुगाहट बनी है। अंदरखाने की खबरों के अनुसार मंत्री भूपेंद्र सिंह विभागीय मंत्री होने के नाते गृहनगर सागर में अपने समर्थक को महापौर का टिकट दिलाना चाहते हैं। वहीं राजनीतिक उठापठक के बाद मंत्री भार्गव ने भी महापौर टिकट के लिए अपने समर्थक का नाम आगे बढाते हुए पेंच फंसा दिया है, जिस कारण आलाकमान के सामने भी असमंजस की स्थिति बन गई है।
लगातार बढते जा रहे महापौर टिकट के दावेदार
भाजपा से महापौर टिकट के दावेदारों की सूची लगातार बढती जा रही है। इनकी संख्या बढकर अब 27 हो गई है। ये सभी ऐसे दावेदार हैं, जिन्होंने अपने लिए विधायक, मंत्रियों, संघ और जिलाध्यक्ष से लेकर संगठन मंत्रियों व अन्य नेताओं से संपर्क किया है। हालांकि अंतत: संगठन और मंत्रियों ने मिलकर फिलहाल जो लिस्ट बनाई है उसमें भी 14 नाम शामिल है। अब संभागीय चयन समिति 3 नामों की पैनल बनाकर भोपाल मुख्यालय भेजेगी।
48 वार्ड के लिए 213 से अधिक नाम
नगर निगम के 48 वार्ड में भी भाजपा से पार्षद का टिकट लेने के लिए होड मची है। बीते रोज तक 213 बायोडाटा पार्षद पद के लिए जमा किए जा चुके हैं। इनमें कुछ सीधे जमा हुए हैं तो कुछ मंडलअध्यक्षों की अनुशंसा के साथ सामने आए हैं। दावेदारों के नामों पर संघ कार्यालय में भी चर्चा हो चुकी है।
प्रदेश के तीनों मंत्रियों की खींचतान से मामला अटका
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह और राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह के परिजन में जिला पंचायत और जनपद पंचायत के चुनाव को लेकर आपसी समझौता हो गया था। इस मामले में गोविंद राजपूत ने अपने बडे भाई को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने की रुपरेखा बनाकर भूपेंद्र सिंह को साथ लिया, जिस कारण उनके भतीजों व अन्य सदस्यों ने नाम वापस ले लिए हैं। इस समझौते के बाद भार्गव नाराज बताए जा रहे थे सो उन्होंने निकाय चुनाव में सागर महापौर सीट के लिए पेंच फंसा दिया, जिस कारण अब मामल अटक गया है।












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