Success Story: MP की आदिवासी बेटी का कमाल, पहली बार सीधे IAS बनने का रचा इतिहास
MP News: कहते हैं मंजिले उन्हें को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौंसलो से उड़ान होती है। जी हां, इन्हीं पंक्तियों को साकार कर दिखाया है। आदिवासी छात्रा मनीषा धार्वे ने, मनीषा प्रदेश की पहली आदिवासी छात्रा हैं, जिन्होंने UPSC की एग्जाम पास कर सीधे IAS बनने में सफलता हासिल की है।
आदिवासी छात्रा मनीषा धार्वे की इस सफलता पर उन्हें बधाई देने कैबिनेट मंत्री विजय शाह इंदौर पहुंचे, जहां शाह ने मनीषा को बधाई देते हुए इसी तरह आगे बढ़ने की बात कही है। साथ ही शाह ने मनीषा को आगे हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है।

मनीषा बताती हैं की, शुरुआत में कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पहली बार जब दिल्ली जाना हो, घरवालों से परमिशन लेनी हो, उन्हें कन्वेंस करना हो, गांव वालों को तैयार करना हो, इतनी दूर जाकर पढ़ाई करुंगी। पहली बार इतनी बड़ी पोस्ट किसी ने सुनी थी। किसी को विश्वास नहीं था, की सिलेक्शन होगा। शुरुआत में बेहद संघर्ष रहा, घर वालों को मनाने में, और खुद को तैयार करने में एक साल का समय लगा था। मेरा फोर्थ अटेम्प्ट में सिलेक्शन हुआ है। पिछले तीन अटेम्प्ट में मैं फेल हो गई थी। इसके बाद खुद को मोटिवेट कर रही थी, और लगातार प्रयास कर रही थी।
मनीषा बताती हैं की, आठवीं तक की पढ़ाई मेरी सरकारी स्कूल में हुई है। खरगोन के उत्कृष्ट स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई हुई है। ग्रेजुएशन इंदौर के होलकर साइंस कॉलेज से किया है। मैंने अपने पहले अटेम्प्ट की तैयारी अपने गांव में रहकर की, जहां पानी की दिक्कत आई, बिजली की दिक्कत आई, कई तरह की समस्या आई। इन समस्याओं के बीच रहकर UPSC जैसी बड़ी परीक्षा की तैयारी की, पहले अटेम्प्ट में डेढ़ प्रश्न से एग्जाम क्वालीफाई नहीं कर पाई। फिर, झिरन्या तहसील से दूसरा अटेम्प्ट दिया, जिसमें एक प्रश्न से बाहर हो गई। तीसरे अटेम्प्ट में इंदौर तक पहुंची, जिसमें कुछ नंबर से बाहर हो गई। फिर, फोर्थ अटेम्प्ट में दिल्ली पहुंची, जहां से मेरा सिलेक्शन हुआ।
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