शिवपुरी में 3 बच्चों की गड्ढे में डूबने से दुखद मौत, खेलते समय गहराई में जाने से 6 बहनों से छिन गया इकलौता भाई
शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र के निवोदा गांव में तीन बच्चों की गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। यह दुखद घटना शनिवार सुबह उस समय हुई जब बच्चे खेलते-खेलते बस्ती से बाहर आए और गड्ढे में भरे पानी में नहाने लगे। खेलने के दौरान बच्चे गहराई में चले गए और डूब गए।
मृतक बच्चों की उम्र 8 से 10 साल के बीच थी। इनमें 10 साल का बालक 6 बहनों में इकलौता भाई था। हादसे के बाद परिजन बच्चों को निकालकर निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परिजनों की प्रतिक्रिया
परिजनों ने बच्चों के शवों को घर ले जाने का निर्णय लिया, जबकि उन्हें जिला अस्पताल जाने की सलाह दी गई थी। लेकिन परिजन पोस्टमॉर्टम कराने को राजी नहीं हुए, जिससे घटना की गंभीरता को लेकर सवाल उठने लगे।
प्रशासन की कार्रवाई
इस घटना की सूचना मिलने पर कोलारस एसडीओपी विजय यादव, एसडीएम, तहसीलदार और अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे पोस्टमॉर्टम कराने के लिए तैयार नहीं हुए। इसके बाद कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी ने गांव का दौरा किया और परिजनों से चर्चा की, फिर भी वे अपने निर्णय पर अड़े रहे।

अंतिम संस्कार की प्रक्रिया
स्थिति को देखते हुए कोलारस स्वास्थ्य केंद्र से डॉ विवेक शर्मा को बुलाया गया, जिन्होंने तीनों बच्चों की फॉर्मल ऑटोप्सी रिपोर्ट तैयार की। इसके बाद बच्चों के शवों के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की गई। इस घटना ने गांव में शोक का माहौल बना दिया है और बच्चों की असामयिक मौत ने सभी को गहरे दुःख में डाल दिया है।
शिवपुरी: गड्ढे में डूबने से तीन बच्चों की मौत
शिवपुरी के निवोदा गांव में एक दुखद घटना में तीन बच्चों की गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान निम्नलिखित है
- नीरज, पिता धारा बंजारा, उम्र 10 साल
- संजय, पिता कारू बंजारा, उम्र 8 साल
- रवि, पिता सरवन बंजारा, उम्र 9 साल
- घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार, तीनों बच्चे खेलते-खेलते गड्ढे में नहाने चले गए। इसी दौरान वे गहराई में चले गए और डूब गए। वहां मौजूद अन्य बच्चों ने यह देखकर तुरंत दौड़कर परिजनों को सूचना दी। परिजनों ने मौके पर पहुँचकर तीनों बच्चों को गड्ढे से बाहर निकाला और फौरन ट्रैक्टर से शिवपुरी के एक निजी अस्पताल ले गए।

अस्पताल में स्थिति
हालांकि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने गांव में शोक की लहर दौड़ा दी है और बच्चों के परिवार में गहरा दुःख छा गया है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना के बाद, स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लिया और बच्चों के परिजनों से बातचीत की, लेकिन वे पोस्टमॉर्टम कराने के लिए राजी नहीं हुए। इस स्थिति ने ग्रामीणों और प्रशासन के बीच एक संवेदनशील मुद्दा उत्पन्न कर दिया है। यह हादसा न केवल बच्चों के परिवारों के लिए, बल्कि पूरे गांव के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि बच्चों की सुरक्षा और निगरानी पर ध्यान देने की आवश्यकता है।












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