नौरादेही होगा मप्र का सातवां टाइगर रिजर्व, टाइगर प्रोजेक्ट की 50 वीं वर्षगांठ मिल सकता है तोहफा
सागर जिले के नौरादेही अभयारण्य के टाइगर रिजर्व बनाने का रास्ता साफ हो गया है। पन्ना टाइगर रिजर्व के अंदर केन-बेतवा प्रोजेक्ट में डूब में आने वाली भूमि के एवज में नया टाइगर रिजर्व बनाना होगा।

टाइगर स्टेट मप्र में बुंदेलखंड में जल्द ही दूसरा टाइगर रिजर्व बनने जा रहा है। इसके लिए लगभग सारी तैयारियां हो चुकी हैं। सागर-दमोह-नरसिंहपुर क्षेत्र में फैले प्रदेश के सबसे बड़े वन्य प्राणी अभयारण्य नौरादेही-दुर्गावती अभयारण्य टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया जाएगा। इसके लिए करीब छह महीने पहले विभाग से प्रोजेक्ट तैयार का सरकार को भेजा जा चुका है।
पन्न टाइगर रिजर्व के अंदर से प्रस्तावित केन-बेतवा प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द वाइल्ड लाइफ क्लीयरेंस दिलाने के लिए राज्य सरकार प्रोजेक्ट टाइगर की 50वीं वर्षगांठ पर एक नए टाइगर रिजर्व का तोहफा दे सकती है। यह टाइगर रिजर्व भी बुंदेलखंड की धरती पर सागर-दमोह के जंगलों में आकार लेगा। नौरादेही वाइल्ड लाइफ सेंचुरी और दमोह जिले की वीरांगना दुर्गावती वाइल्ड लाइफ सेंचुरी को मिलाकर नए टाइगर रिजर्व का कोर एरिया बनाया जाएगा।
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1 अप्रैल 2023 को प्रोजेक्ट टाइगर रिजर्व को 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। केंद्रीय वाइल्ड लाइफ बोर्ड ने केन बेतवा लिंक प्रोजेक्ट से पन्ना नेशनल पार्क को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए मप्र में एक नया टाइगर रिजर्व बनाने की शर्त रखी है। इस को पूरा हुए बिना केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट को फाइनल वाइल्ड लाइफ क्लीयरेंस नहीं मिलेगी। इस प्रोजेक्ट से पन्ना पार्क का 46 फीसदी हिस्सा जिसमें 6 हजार 17 हेक्टेयर हिस्सा डूब और निर्माण से प्रभावित हो रहा है।
सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार विधानसभा चुनाव से पहले केन-बेतवा प्रोजेक्ट को शुरू कराना चाहती है। मप्र राज्य जैव विविधता बोर्ड चार माह पहले अक्टूबर में नौरादेही और रानी दुर्गावती सेंचुरी को टाइगर रिजर्व बनाने की मंजूरी दे चुका है। हाल ही में वन विभाग ने टाइगर रिजर्व की स्वीकृति का प्रस्ताव राज्य सरकार के पास भेजा है।












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