कोर्ट में मुस्लिम युवक की अर्जी, पत्नी हिन्दू इसलिए मां-बाप ने कर रखा कैद, अदालत ने ऐसे निपटाया मामला
भोपाल। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक मुस्लिम युवक की हिन्दू पत्नी को लौटाने की याचिका को निपटारा करते हुए उस लड़की को उसके माता-पिता के साथ भेज दिया क्योंकि युवक अपनी शादी को साबित नहीं कर सका। युवक ने कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उसकी पत्नी को उसके माता-पिता ने घर में कैदकर रखा है। ऐसे में उसे वहां से आजाद कराकर उसके साथ भेजा जाए। जब जज ने लड़की से बात की तो कई बार बात बदलने के बाद लड़की ने अपने माता-पिता के साथ जाने की बात कही।

इंदौर में की दोनों ने शादी!
समीर खान नाम के शख्स ने जनवरी में मध्य प्रदेश के हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसमें उसने कहा था कि उसने बीते साल सितंबर में 23 साल की हिन्दू लड़की से शादी की थी। लड़की इंदौर में रहती है और वो वहां एक बुटिक चलाता है। जब इस शादी का पता लड़की के परिजनों को चला तो घर छोड़ गए और लड़की को उससे मिलने भी नहीं दिया गया।

समीर के साथ जाने के लिए रखी शर्त
याचिका पर कोर्ट ने लड़की को बुलवाया। 26 फरवरी को जस्टिस जे के माहेश्वरी की अदालत में इस लड़की को पेश किया गया। लड़की ने कोर्ट से कहा कि वह समीर के साथ जाना चाहती है लेकिन उसकी कुछ शर्तें हैं। लड़की ने कहा कि अगर समीर उसका नाम ना बदलने और दूसरी शादी ना करने का वादा करे तो वो समीर के साथ जाएगी।

जज के चैंबर में कही माता-पिता के साथ जाने की बात
समीर के वकील कुलदीप पाठक ने बताया कि समीर लड़की की शर्तों को मानने को राजी है। लड़की जाने को तैयार हो गई तो सरकारी वकील ने जज को चैंबर में लड़की से अकेले में बात करने को कहा। उसने कहा कि लड़की फैसला नहीं कर पा रही है और वो कंफ्यूज है। इसके बाद जज ने अकेले में लड़की से बात की तो उसने मां-बाप के साथ जाने की ख्वाहिश का इजहार किया। जज ने लड़की को माता-पिता के साथ भेज दिया।












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