Madhav National Park: टाइगर का जोड़ा बाड़े से आजाद, खुले जंगलों पर अब ‘टाइगर्स का राज'
मध्य प्रदेश में शिवपुरी का माधव नेशनल पार्क के जंगल भी अब टाइगर्स फैमिली से आबाद हो गए हैं। सतपुड़ा के टाइगर के बाद अब बीते रोज बांधवगढ़ की बाघिन को भी बाड़े से खुले जंगल में छोड़ दिया गया है।

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टाइगर पुनर्विस्थापन प्रोजेक्ट के तहत मध्य प्रदेश के शिवपुरी स्थित माधव नेशनल पार्क में लाए गए बाघों को अब बाड़े से आजाद कर खुले जंगलों में छोड़ दिया गया है। बता दें कि पन्ना, बांधवगढ़ से दो युवा बाघिन व सतपुड़ा से एक टाइगर लाया गया था। इनमें टाइगर को चार दिन पहले तो एक बाघिन को बीते रोज बाड़े से आजाद कर दिया गया। पार्क के जंगलों में अब दो टाइगर आजादी से अपनी टेरेटरी तैयार कर रहे हैं।
शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क में बाघिन का बाड़ा शुक्रवार सुबह खोल दिया गया था। बाघिन दोपहर तक बाड़े से बाहर नहीं निकली। शाम करीब साढ़े पांच बजे बाघिन आराम से हल्के कदमों से टहलते हुए बाड़े को छोड़कर जंगल में चली गई। इसके पहले 21 मार्च को सतपुड़ा से लाया गया टाइगर भी पास के बाड़े से आजाद किया गया था, वह भी करीब 8 घंटे बाद बाड़े से बाहर निकलकर जंगल में चला गया था। बाड़े में फिलहाल एक बाघिन अभी मौजूद है, इसे 13 मार्च को पन्ना टाइगर रिजर्व से यहां लाया गया था। एक-दो दिन में इसे भी बाड़े से जंगल में छोड़ दिया जाएगा। बता दें कि माधव नेशनल पार्क में कुल पांच बाघों को टाइगर रीलोकेशन प्रोजेक्ट के तहत लाया जाना है। दो और टाइगर यहां लाए जाएंगे। उम्मीद आगामी सालों में यहां बाघों का कुनबा बढ़ेगा और माधव एनपी को टाइगर रिजर्व का दर्जा मिलेगा।












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