MP News: पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के करीबी कारोबारी चेतन सिंह का बड़ा खुलासा, 7.98 करोड़ की संपत्ति बरामद
MP Lokayukta News: भोपाल के आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के घर पर लोकायुक्त की छापेमारी के दौरान अब तक 7.98 करोड़ रुपए मूल्य का सामान बरामद हुआ है। अब इस मामले में सौरभ के करीबी कारोबारी (कर्मचारी) चेतन सिंह ने बड़ा खुलासा किया है।
इसमें सोने, चांदी, वाहन, आभूषण, नगद राशि और अन्य संपत्तियां शामिल हैं। यह छापेमारी सौरभ के भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही जांच का हिस्सा है।

चेतन सिंह का बयान: "मैं वर्कर की हैसियत से काम करता था"
आयकर विभाग (आईटी) को दिए गए बयान में चेतन सिंह गौर ने खुद को सौरभ शर्मा का एक साधारण वर्कर बताया। चेतन के अनुसार, वह सौरभ के लिए विभिन्न दस्तावेजों पर साइन किया करता था और सौरभ इन दस्तावेजों का इस्तेमाल विभिन्न कामों के लिए करता था। चेतन ने बताया कि सौरभ जहां कहता था, वह वहां साइन कर दिया करता था, और इसके बदले वह कभी भी सवाल नहीं उठाता था।
चेतन ने यह भी कहा कि:
"मैं और सौरभ पुराने परिचित थे और मुझे काम की आवश्यकता थी, इसीलिए मैंने कभी भी उसकी गतिविधियों पर सवाल नहीं उठाया।" चेतन के अनुसार, सौरभ ने इस भरोसे का फायदा उठाया और उसके दस्तावेजों का इस्तेमाल अपनी संपत्ति को बढ़ाने के लिए किया।

सौरभ ने चेतन के नाम से की कार खरीदी
सौरभ शर्मा ने चेतन के नाम से एक कार खरीदी थी। यह कार अब मेंडोरी के जंगल में पकड़ी गई कार से जुड़ी हुई है, जिसमें 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए नकद बरामद हुए थे। यह खुलासा लोकायुक्त की जांच में सामने आया है, जिससे सौरभ के अवैध संपत्ति निर्माण के आरोपों की पुष्टि हो रही है।
पेट्रोल पंप आवंटन और अन्य संपत्तियां
इसके अलावा, चेतन के दस्तावेजों का उपयोग कर सौरभ ने एक पेट्रोल पंप का आवंटन भी कराया और कई अन्य संपत्तियां भी खरीद लीं। इस प्रकार, सौरभ ने चेतन के नाम पर कई अवैध संपत्तियों का निर्माण किया।
स्कूल समिति में जुड़े नाम
चेतन सिंह गौर जयपुरिया स्कूल की समिति में सचिव के पद पर कार्यरत हैं, और सौरभ शर्मा के करीबी सहयोगी माने जा रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि सौरभ की मां उमा शर्मा भी इस स्कूल की समिति की प्रमुख पदाधिकारियों में से एक हैं। इस कनेक्शन से यह भी संकेत मिलते हैं कि सौरभ और उसकी मां ने अपनी व्यक्तिगत और पेशेवर नेटवर्क का इस्तेमाल कर अवैध संपत्तियां अर्जित कीं।
जांच में कहां-क्या मिला?
लोकायुक्त की जांच में सौरभ शर्मा और उसके सहयोगी चेतन सिंह गौर से जुड़े कई ठिकानों से अवैध संपत्ति बरामद हुई है। इस जांच के दौरान विभिन्न स्थानों से जो सामान और संपत्ति मिली, वह काफी बड़ी और महत्वपूर्ण है। आइए जानते हैं, इन छापों के दौरान कहां-क्या मिला:
सौरभ शर्मा के मकान (E-7/78) से बरामदगी:
- कार सहित घर का सामान: 2.21 करोड़ रुपए
- सोने व हीरे के आभूषण: 50 लाख रुपए
- नगद राशि: 1.15 करोड़ रुपए
- कुल बरामदगी: 3.86 करोड़ रुपए
- दूसरे ठिकाने पर बरामदगी (चेतन सिंह गौर के मकान E-7/657):
- घरेलू सामान: 30 लाख रुपए (जिसमें बेड, टीवी, फ्रिज, पर्दे, कपड़े और इंटीरियर का सामान शामिल हैं)
- नकद राशि: 1.72 करोड़ रुपए
- चांदी: 234 किलो (कीमत: 21 लाख रुपए)
- कुल बरामदगी: 4.12 करोड़ रुपए
जयपुरिया स्कूल से बरामदगी:
40 पेटी पैक एलईडी टीवी (43 इंच के): ये टीवी स्कूल के निर्माणाधीन भवन से बरामद की गईं। जानकारी के मुताबिक, सौरभ शर्मा ने दिवाली के दौरान इन टीवी को अपने रिश्तेदारों को उपहार के रूप में वितरित किया था, और जो शेष टीवी बची थीं, उन्हें स्कूल के भवन में छिपाकर रखा गया था।
सौरभ शर्मा का बंगला
- बंगला (E-7/78) की कीमत: इस बंगले को सौरभ शर्मा ने 2015 में सवा दो करोड़ रुपए में खरीदा था। हालांकि, सौरभ इसे अपने जीजा का बंगला बताता है।
- बंगले की वर्तमान कीमत: लगभग 7 करोड़ रुपए।
अनुमान: यह भी अनुमान है कि सौरभ ने इसे अपनी नौकरी के दौरान नजर से बचने के लिए किसी और के नाम से खरीदा था।
इन बरामद संपत्तियों से यह साफ हो गया है कि सौरभ शर्मा ने अपनी पद का गलत उपयोग करते हुए भारी मात्रा में अवैध संपत्ति अर्जित की थी, और वह इसे छिपाने के लिए विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल कर रहा था। लोकायुक्त की यह जांच अब सख्ती से आगे बढ़ रही है और इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।












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