MP News: क्या खत्म होगी दिग्विजय सिंह की चुनावी राजनीति?, जीतू पटवारी को लगा झटका
Lok Sabha Election के लिए मतगणना संपन्न हो चुकी है, जहां देशभर के लोकसभा चुनाव के परिणाम सामने आ चुके हैं। वहीं अबकी बार लोकसभा चुनाव के परिणाम में मध्य प्रदेश में कांग्रेस को करारा झटका दिया है, जहां मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने सभी 29 लोकसभा सीट पर हार का सामना किया है। इतना ही नहीं मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह और नकुलनाथ जैसे दिग्गज कांग्रेसी नेताओं की हार हुई है।
देशभर में जहां INDI गठबंधन के प्रदर्शन में सुधार देखने मिला है, तो वहीं कांग्रेस ने अपना प्रदर्शन साल 2019 के मुकाबले सुधारा है। लेकिन, इधर मध्य प्रदेश में साल 2019 के मुकाबले कांग्रेस का प्रदर्शन खराब हुआ है, जहां मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने सभी 29 सीटों को गंवा दिया है। इधर, अब कांग्रेस की करारी हार के बाद प्रादेशिक नेतृत्व पर भी सवाल उठने लगे हैं।

मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने अबकी बार दिग्गज नेताओं को चुनाव मैदान में उतारा था। इसी के चलते राजगढ़ लोकसभा सीट से दिग्विजय सिंह, छिंदवाड़ा लोकसभा सीट से नकुलनाथ, रतलाम लोकसभा सीट से कांतिलाल भूरिया, जैसे दिग्गज नेता चुनाव मैदान में नजर आए थे, लेकिन बावजूद इसके कांग्रेस को मध्य प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है। वहीं कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद अब प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं, तो वहीं दिग्विजय सिंह जैसे नेताओं के राजनीतिक भविष्य पर सवालिया निशान खड़ा हो रहा है।
राजगढ़ लोकसभा सीट पर चुनाव प्रचार के वक्त दिग्विजय सिंह की ओर से ही आखिरी चुनाव होने के संकेत जनता तक पहुंचा जा रहे थे। वहीं अब इसके बाद यह सियासी कयास लगाए जा रही हैं की, दिग्विजय सिंह आने वाले वक्त में किसी तरह का कोई चुनाव लड़ने में रुचि नहीं रखेंगे। इतना ही नहीं उनकी सियासी सक्रियता कम होने का अनुमान भी सियासत के दिग्गज लग रहे हैं। उधर, अब प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद हाई कमान मंथन कर सकता है, जहां आने वाले दिनों में प्रदेश नेतृत्व में भी बड़ा बदलाव देखा जा सकता है।
प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के गृह जिले इंदौर में कांग्रेस प्रत्याशी ने चुनाव से पहले ही नामांकन वापस लेते हुए BJP का दामन थाम लिया था। वहीं मतगणना के वक्त भी जीतू पटवारी के गृह जिले से कांग्रेस के लिए कोई खास उपलब्धि हाथ नहीं लगी। उधर, विधानसभा चुनाव में भी जीतू पटवारी को राऊ विधानसभा सीट से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन उसके बाद कांग्रेस ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया था। वहीं पटवारी के प्रदेश अध्यक्ष बनते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं ने BJP का दामन थाम लिया था।
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