Ladli Behna: लाड़ली बहनों को मिलेगा अप्रैल का तोहफा,CM कल मंडला से ट्रांसफर करेंगे योजना की 23वीं किस्त
Ladli Behna Yojana: मध्य प्रदेश सरकार की फ्लैगशिप योजना मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत प्रदेश की 1.27 करोड़ से अधिक महिलाओं को इस महीने एक और आर्थिक संबल मिलने जा रहा है। बुधवार, 16 अप्रैल को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंडला जिले के ग्राम टिकरवारा से योजना की 23वीं किस्त जारी करेंगे।
इस दौरान प्रत्येक पात्र महिला के खाते में ₹1250 की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की जाएगी। इसके अतिरिक्त, लाभार्थियों को गैस सिलेंडर रिफिलिंग के लिए अलग से राशि भी दी जाएगी, जिससे घरेलू बजट में राहत मिलेगी।

सीएम ने किया ऐलान, सोशल मीडिया पर साझा की जानकारी
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस आयोजन की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा करते हुए लिखा, "खुशहाल बहनें, समृद्ध मध्य प्रदेश। नारी सशक्तीकरण का पर्याय बनी लाड़ली बहना योजना की 23वीं किस्त ग्राम टिकरवारा, जिला मण्डला से बहनों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। प्रदेश की सभी लाड़ली बहनों को अग्रिम शुभकामनाएं।"
उन्होंने यह भी दोहराया कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता भर नहीं है, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, आत्मनिर्भरता और निर्णय लेने की क्षमता को सशक्त करने की दिशा में एक मजबूत पहल है।
योजना का परिचय: महिलाओं के लिए सुरक्षा और संबल का प्रतीक
लाड़ली बहना योजना की शुरुआत 28 जनवरी 2023 को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा की गई थी। इस योजना का उद्देश्य था - महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना, उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार लाना और उन्हें सामाजिक-परिवारिक निर्णयों में अधिक अधिकार देना। योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह ₹1250 की आर्थिक सहायता उनके आधार-लिंक्ड बैंक खातों में सीधे भेजी जाती है।
Ladli Behna Yojana: कौन है पात्र? ये हैं मानदंड
- योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलता है जो निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करती हैं:
- मध्य प्रदेश की स्थायी निवासी महिला
- 21 से 59 वर्ष की उम्र (1 जनवरी के आधार पर)
- विवाहित, विधवा, तलाकशुदा, या परित्यक्ता
- परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम
- परिवार में कोई भी आयकर दाता न हो
- अधिकतम 5 एकड़ भूमि वाले परिवार पात्र
अब तक की प्रगति: 22 किस्तें और 22 हजार करोड़ रुपये से अधिक वितरण
जून 2023 में योजना की पहली किस्त के साथ शुरू हुई यह यात्रा अब तक 22 किस्तों तक पहुंच चुकी है। जनवरी 2024 से फरवरी 2025 के बीच ही ₹22,227.89 करोड़ की राशि 1.27 करोड़ महिलाओं के खातों में भेजी जा चुकी है। इससे योजना के वृहद सामाजिक-आर्थिक प्रभाव का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
23वीं किस्त: महिलाओं के लिए खास क्या है?
इस बार 10 अप्रैल को नियमित भुगतान नहीं होने के कारण महिलाओं के बीच कुछ असमंजस था, लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया है कि 16 अप्रैल को मंडला से कार्यक्रम के दौरान राशि ट्रांसफर की जाएगी।
इस बार की किस्त के साथ गैस सिलेंडर रिफिलिंग के लिए भी अतिरिक्त राशि दी जाएगी। मार्च 2025 में महिला दिवस के मौके पर 26 लाख महिलाओं को ₹55.95 करोड़ की गैस सब्सिडी मिली थी। उम्मीद है कि अप्रैल में यह संख्या और बढ़ सकती है।
Ladli Behna: भुगतान की स्थिति ऐसे जांचें
- लाभार्थी महिलाएं अपनी भुगतान की स्थिति निम्नलिखित प्रक्रिया से देख सकती हैं:
- cmladlibahna.mp.gov.in वेबसाइट पर जाएं
- "आवेदन एवं भुगतान की स्थिति" पर क्लिक करें
- समग्र आईडी या आवेदन संख्या दर्ज करें
- रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP डालें
- भुगतान की स्थिति स्क्रीन पर देखी जा सकती है
Ladli Behna: राशि बढ़ेगी या नहीं?
हाल के समय में योजना की राशि को ₹1250 से बढ़ाकर ₹3000 करने की मांग और चर्चा जोरों पर रही है। हालांकि विधानसभा में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने स्पष्ट किया कि फिलहाल राशि बढ़ाने या नए पंजीकरण का कोई प्रस्ताव सरकार के पास नहीं है। मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा पहले यह आश्वासन जरूर दिया गया था, लेकिन बजटीय सीमाओं और समीक्षा के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
सकारात्मक बदलाव और कुछ चुनौतियां
यह योजना प्रदेश की महिलाओं के जीवन में एक ठोस बदलाव लेकर आई है। ग्रामीण इलाकों में कई महिलाएं इस राशि का उपयोग:
- बच्चों की शिक्षा में
- स्वास्थ्य सेवाओं पर
- छोटे व्यवसाय शुरू करने में
- या घरेलू खर्च में कर रही हैं
हालांकि कुछ चुनौतियां भी हैं। सतना और मैहर जिलों की लगभग 11,000 महिलाओं को इस बार किस्त नहीं मिलेगी क्योंकि उनकी पात्रता समाप्त हो चुकी है। साथ ही, 60 वर्ष की आयु पार कर चुकीं 3,19,991 महिलाएं योजना से बाहर हो गई हैं।
नारी सशक्तीकरण की मिसाल
लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार के नारी सशक्तीकरण के दृष्टिकोण की जीती-जागती मिसाल है। यह केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि महिलाओं को समाज में सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन की राह पर आगे बढ़ाने वाला कदम है। 16 अप्रैल को एक बार फिर यह योजना "बहनों की मुस्कान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक" बनकर उभरेगी।












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