मजदूर बेटी BSF में ट्रेनिंग पूरी करके लौटी तो पूरा गांव जमकर नाचा, गली में लगाती थी दौड़, देखें VIDEO
राजगढ़, 20 दिसम्बर। संध्या के लिए तरक्की का सूरज उगा है। आठ माह पहले तक जो संध्या मजदूर हुआ करती थी वो अब सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की जवान बन गई है। यह मजदूर बेटी बीएसएफ की ट्रेनिंग करके लौटी तो खुशी में पूरा गांव झूठा उठा। ग्रामीणों को डांस करते देख यह बेटी भी खुद को जमकर नाचने से नहीं रोक पाई।
Recommended Video

बेटी की उपलब्धि पर जश्न मनाया
दरअसल, मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ तहसील के पिपल्या रसोड़ा गांव की बेटी संध्या का चयन सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में हुआ था। 8 महीने की ट्रेनिंग पूरी कर बेटी वर्दी में गांव लौटी तो परिवार सहित गांववाले भावुक हो गए। लोगों ने बेटी की उपलब्धि पर जश्न मनाया।

मजदूर देवचंद भिलाला की बेटी है संध्या
ग्रामीणों ने संध्या को घोड़े पर बैठाकर गाजे-बाजे के साथ उसका जुलूस निकाला। इस दौरान ग्रामीणों के साथ संध्या ने भी जमकर डांस किया। डांस वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। बता दें कि पिपल्या रसोड़ा गांव में रहने वाले मजदूर देवचंद भिलाला की बेटी संध्या भिलाला का अप्रैल 2021 में बीएसएफ में चयन हुआ था।
इसके बाद वह राजस्थान ट्रेनिंग के लिए चली गई। रविवार को ट्रेनिंग खत्म कर 8 महीने बाद वह वर्दी में वापस अपने गांव लौटी। इस खुशी के मौके पर गांववालों ने संध्या का जोरदार स्वागत किया।

गांव में दो फौजी
12वीं पास होने के बाद उसने एक निजी स्कूल में पढ़ाना शुरू किया। हालांकि उसने अपनी पढ़ाई भी जारी रखी। गांव में दो लोग फौज में हैं, उन्हें देख और उसकी बातें सुन उसे भी सेना में भर्ती होने का जुनून चढ़ गया।

सुबह 5 बजे गली में लगाती थीं दौड़
इस कारण वह पढ़ाने और खुद की पढ़ाई के साथ सुबह उठकर दौड़ लगाना शुरू किया। सुबह 5 बजे वह लोगों को गली में दौड़ती नजर आने लगी। दो बार फौज में विफल होने के बाद भी हार नहीं मानी और लगातार 7 साल प्रायस करने के बाद उसे आखिरकार सीमा सुरक्षा बल के लिए चुन लिया गया।

तीसरे नंबर की बेटी है संध्या
27 साल की संध्या ने यह साबित कर दिया कि दुख की चट्टान हौंसलों के आगे घुटने टेक देती है। संध्या का जन्म देवचंद भिलाला के घर हुआ। देवचंद मजदूर हैं। उनकी तीन बेटियां और दो बेटे हैं, जिसमें से तीसरे नंबर की है। संध्या ने अब बीएसएफ की वर्दी पहन ली है।

नेपाल-भूटान पर होंगी तैनात
उसका सीमा सुरक्षा बल में चयन हुआ है। वह नेपाल, भूटान की बॉर्डर पर सुरक्षा करेगी। एमए पास संध्या के लिए यह मुकाम पाना आसान नहीं था। गरीबी की वजह से संध्या ने दूसरों के खेतों पर काम किया। मजदूरी के रुपयों से उसने 12वीं तक की पढ़ाई की।












Click it and Unblock the Notifications