Opinion: मास्टर स्ट्रोक साबित होगी शिवराज की 'लाड़ली बहना योजना'
Laadli Bahna Yojana: मध्य प्रदेश के चुनावी साल में सियासी दल एक से बढ़कर एक दांव चल रहे हैं। सबसे बड़ा दांव लाड़ली बहना योजना हैं। जो बीजेपी सरकार के लिए मास्टर स्ट्रोक साबित हो सकता है। सीएम शिवराज के अब तक कार्यकाल में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए ये सबसे महत्वाकांक्षी योजना है।
सूबे में सरकार ने ऐसे वक्त यह योजना लॉन्च की जब, प्रदेश की आधी आबादी यानि महिलाओं को साधने की दरकार थी। ये योजना, जीत का पंजा लगाने के लिए महिलाओं के हर वर्ग में पहुंच बनाने में मददगार साबित होगी। इसके जरिए विधानसभा चुनाव के साथ लोकसभा चुनाव में भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

मध्य प्रदेश में 5 करोड़ 40 लाख वोटर है, इनमें महिलाओं की संख्या दो करोड़ 60 लाख से अधिक है. राज्य में लाडली बहना योजना की पात्र महिलाओं की संख्या एक करोड़ 25 लाख है. ऐसा इसलिए क्योंकि राज्य सरकार ने 23 वर्ष से 60 वर्ष तक की महिलाओं के लिए यह योजना अमल में लाई है। साथ ही कुछ शर्तें तय की हैं जिसमें महिला के परिवार का सदस्य केंद्रीय अथवा राज्य की सेवा में न हो, सालाना आय ढाई लाख से अधिक न हो, उसके पास पांच एकड़ से ज्यादा जमीन न हो और घर में कोई चार पहिया वाहन न हो।
शिवराज सरकार की लाडली बहना योजना के जवाब में कांग्रेस ने सत्ता में आने पर नारी सम्मान योजना को शुरू करने का वादा किया है, जिसमें हर महिला के खाते में डेढ़ हजार रुपये मासिक जमा होगा, उसके लिए किसी तरह की शर्त नहीं होगी,यानि सभी दो करोड़ 60 लाख से ज्यादा महिलाओं को यह राशि हासिल होगी। लेकिन मौजूदा मूड में कोई भी हितग्राही इंतजार नहीं कर सकता, इसी वजह से मामा-बहना के बीच प्यार की बहार हर तरफ नजर आ रही है और आने वाले वक्त में चुनावी सभाओं में शिवराज की लाड़ली बहना खूब नजर आएंगी।
सीधे खाते में पैसा ट्रांसफर होने से महिलाएं भी खुश नजर आ रही हैं। महिलाओं को आर्थिक संबल मिलने से महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण होने जा रहा है और वे कुछ फैसले अपने दम पर अपने हक में करने में सक्षम हुई हैं। सरकार ने इस योजना के प्रोत्साहन के लिए अतिरिक्त बजट बढ़ाकर इसे चुनाव से पहले एक ऐसा मुद्दा बना दिया है, विपक्षी दलों के पास जिसका फिलहाल कोई तोड़ नजर नहीं आ रहा है।












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