Kuno National park: दक्षिणी अफ्रीका से आए 12 चीतों में से 3 को बड़े बाड़े में छोड़ा
दक्षिण अफ्रीकी से दूसरे चरण में आए 12 चीतों की क्वारेंटीन अवधि लगभग पूरी हो गई है। इनमें से 3 नर चीतों को छोटे बाड़े से बड़े बाड़े में रिलीज किया गया है। बाकी नौ चीतों के लिए भी अनुमति मांगी है।

कूनो नेशनल पार्क में अब तक दो चरणों में कुल 8 चीते दक्षिण अफ्रीका से भारत आ चुके हैं। पहले चरण के 6 चीतों को खुले जंगल में छोड़ा गया है। दूसरे चरण के 12 चीतों को दो महीने से क्वारेंटीन अवधि में छोटे बाड़ों में रखा गया था। इनमें से 3 नर चीतों को डीएएचडी की अनुमति के बाद बड़े बाड़े में रिलीज किया गया है।
दक्षिण अफ्रीकी चीतों का भारत की धरती और वातावरण में भी व्यवहार सामान्य है। इनकी एक-एक हरकत, एक्टिविटी पर नजर रखी जा रही है। बीते दो दूसरे चरण में आए 12 चीतों में से 3 नर चीतों को बड़े बाड़े में छोड़ा गया है। अभी 9 चीतें छोटे बाड़े में मौजूद हैं, इनमें 5 मादा व 4 नर चीते शामिल हैं, इनको भी बड़े बाड़े में छोड़ने के लिए भारत सरकार के डिपार्टमेंट आॅफ एनिमल हस्बेंड्री एंड डेयरी (डीएएचडी) विभाग से अनुमति मांगी गई है, जैसे ही अनुमति आती है, इनको भी छोड़ दिया जाएगा। करीब एक महीने तक बड़े बाड़े में इनको रखा जाएगा, उसके बाद कूनो के जंगल अर्थात फ्री रेंज में छोड़ दिया जाएगा।

18 फरवरी को विशेष विमान से भारत आए थे
कूनो प्रबंधन के अनुसार जिन तीन चीतों को बड़े बाड़े में शिफ्ट किया गया है, उनको मिलाकर कुल 12 चीतों को दक्षिण अफ्रीका से विशेष विमान के द्वारा लाया गया था। इनमें 5 मादा चीता व 7 नर चीता आए हैं। इनको कूनो में छोड़े क्वारेंटीन बाड़ें में रखकर इनके स्वास्थ्य व एक्टिविटी पर नजर रखी जाती है। दक्षिण अफ्रीका से आए विशेषज्ञ कूनो प्रबंधन के साथ-साथ इन पर नजर रखते हैं। दो महीनों के दौरान सभी स्वस्थ्य हैं व सामान्य व्यवहार कर रहे हैं। डीएएचडी से अनुमति के बाद ही इन्हें बाड़ों में छोड़ा जाता है। बता दें कि कूनों में अब तक कुल 20 चीते आ चुके हैं, जिनमें से एक मादा चीता साशा की किडनी इंफेक्शन के कारण मौत हो गई थी। एक मादा चीता सियाया को बाड़े में रखा गया है, उसने 4 शावकों को जन्म दिया है।












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