kuno cheetah project: दक्षिण अफ्रीका से आए सभी 12 चीते बड़े बाड़े में आजाद, खुद शिकार कर सकेंगे
Kuno National Park दक्षिण अफ्रीका और भारत के कूनो में 9 महीने तक क्वारेंटीन बाड़े में रहने और दिए गए भोजन से अब 12 चीतों को राहत मिली है। इन्हें बड़े बाड़े में छोड़ दिया गया है, यहां ये खुद शिकार कर पेट भरेंगे।

kuno cheetah project : कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) में दक्षिण अफ्रीका से दूसरे चरण में लाए गए सभी 12 चीतों को अब क्वारेंटीन बाड़े से निकालकर बड़े बाड़े में आजाद कर दिया गया है। सबसे बड़ी बात दो महीने से क्वारेंटीन बाड़े में इन्हें भोजन दिया जा रहा था, अब इनको खुद शिकार करना होगा। एक महीने बाद इनका स्वास्थ्य व व्यवहार सामान्य रहा तो इन्हें कूनो नेशनल पार्क के फ्री रेंज एरिया में आजाद कर दिया जाएगा।
कूनो में एक चीता ओबान जंगल औ जिला छोड़कर पड़ोसी जिले शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क पहुंच गया है। इधर दक्षिण अफ्रीका से दूसरे चरण में लाए गए 12 चीतों में से 3 नर चीतों को दो दिन पहले बड़े बाड़े में छोड़ा गया था। बीते रोज बाकी 9 चीतों को भी एक-एक कर बड़े बाड़े में रिलीज किया गया है। इन्हें 18 फरवरी को भारत लाया गया था, तब से ये सभी छोटे बाड़े में रखे गए थे, यहां इनका क्वारेंटीन पीरियड था।

सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो एक महीने बाद जंगल में आजाद
जिन 12 चीतों को बड़े बाड़े में आजाद किया गया है, यहां पर कम से कम ये चीते एक महीने रहेंगे। इस दौरान विशेषज्ञ इनकी आदतों, व्यवहार, स्वास्थ्य पर नजर रखेंगे। यदि सबकुछ सामान्य और मौसम के अनुकूल रहा तो इनको एक-एक कर कूनो के जंगल में फ्री रेंज एरिया में आजाद कर दिया जाएगा।
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कूनो में अब कुल 23 नर-मादा चीते मौजूद हैं
बता दें कि 17 सितंबर से लेकर अब तक नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से दो चरणों में 20 चीतों को भारत लाकर कूनो नेशनल पार्क लाया गया है। पहले चरण में 8 और दूसरे चरण में कुल 12 चीते आए हैं। पहले चरण में आई एक मादा चीता साशा की किडनी इंफेक्शन के चलते मौत हो गई थी। इस कारण कुल 9 नर-मादा चीते दक्षिण अफ्रीका के बचे हैं। इधर एक मादा चीता सियाया ने 4 शावकों को जन्म दिया है। इस लिहाज से वर्तमान में कूनो में कुल 23 चीते मौजूद हैं। जिनमें से 6 चीते जंगल में आजाद घूम रहे हैं।
6 वर्ग किलोमीटर का है बड़ा बाड़ा, यहां 9 एनक्लोजर बनाए गए हैं
कूनो नेशनल पार्क प्रबंधन के अनुसार चीतों को जिस बड़े बाड़े में आजाद किया गया है, वह 6 वर्ग किलोमीटर एरिया में फैला हुआ है। इसमें 9 एनक्लोजर बनाए गए हैं। इनमें कुछ में नर-मादा को जोड़ी से छोड़ा गया है। तो कुछ अकेले रहेंगें। बता दें कि दो-दो नर चीतों और दो मादा चीतों को जोड़ी से सेपरेट बाड़े में छोड़ा गया है। कुल तीन बाड़ों में 6 चीते तो बाकी चीतों को अलग-अलग बाड़ों में छोड़ा गया है।
7 महीने अफ्रीका और 2 महीने भारत में क्वारेंटीन रहे
कूनो प्रबंधन के अनुसार सभी 20 चीते जो दक्षिण अफ्रीका से भारत लाए गए हैं, उनको 9 महीने तक शिकार करने का मौका ही नहीं मिला था। दरअसल इन्हें अफ्रीका से भारत लाने के पहले 7 महीने क्वारेंटीन में रखा गया, इसके बाद भारत में दो-दो महीने सभी को क्वारेंटी बाड़े में रखा गया है। यहां पर ये शिकार नहीं कर सकते थे, क्वारेंटीन में इन्हें पार्क प्रबंधन भोजन उपलब्ध कराता रहा है। अब 9 महीने बाद ये बड़े बाड़े में दो से 3 किलोमीटर इलाके में दौड़ लगा सकेंगे और यहां छोड़े गए चीतों का शिकार कर सकेंगे। दो दिन पहले बड़े बाड़े में छोड़े गए एक चीते के जोड़े ने हिरन का शिकार कर पेट भरा है।












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