Bhopal MP News: भारतीय किसान संघ ने कलेक्टरों को सौंपा ज्ञापन, 2700 रुपए क्विंटल गेहूं खरीदने की उठाई मांग
Bharatiya Kisan Sangh: भारतीय किसान संघ (BKS) ने मंगलवार को प्रदेशभर के सभी जिलों में कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपे, जिसमें उन्होंने प्रदेश सरकार से गेहूं की कीमत 2700 रुपए प्रति क्विंटल तय करने की मांग की। इसके साथ ही किसानों ने बिजली की पर्याप्त आपूर्ति की भी मांग की है।
कलेक्टोरेट पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
भोपाल में किसान संघ के पदाधिकारी कलेक्टोरेट पहुंचे और डिप्टी कलेक्टर राजेश सोरते को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान किसान रैली के रूप में कलेक्टोरेट पहुंचे और नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रस्तुत किया। किसानों ने इस ज्ञापन में कई मुद्दों पर जोर दिया और उन्हें तत्काल प्रभाव से सुलझाने की मांग की।

गाड़ी में आग लगाने वाले किसान परिवार को न्याय
कलेक्टोरेट पहुंचे किसानों ने हाल ही में कलेक्ट्रेट में अपनी गाड़ी में आग लगाने वाले किसान परिवार को न्याय देने की भी मांग की। भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि किसान को प्रशासन और सरकार से कोई सुनवाई नहीं मिली, जिससे परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। किसानों ने कहा कि उनका संघ पीड़ित किसान परिवार के साथ खड़ा है और उन्हें न्याय मिलना चाहिए।

किसान संघ की मुख्य मांगें, भारतीय किसान संघ ने ज्ञापन में कई प्रमुख मांगें उठाईं, जिनमें से कुछ इस प्रकार थीं
- 2700 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीद: भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में 2700 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदने की बात कही थी। किसानों ने इस घोषणा को पूरा करने की मांग की है।
- धान को 4000 रुपए प्रति क्विंटल खरीदा जाए: प्रदेश में धान का रकबा बढ़ने के कारण भारतीय किसान संघ ने मांग की है कि प्रदेश को बासमती का दर्जा दिया जाए। साथ ही, धान का समर्थन मूल्य 1000 रुपए बढ़ाकर 4000 रुपए प्रति क्विंटल किया जाए।
- सोयाबीन की खरीद 6000 रुपए प्रति क्विंटल: सितंबर में भारतीय किसान संघ ने सोयाबीन के समर्थन में आंदोलन किया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने सोयाबीन का मूल्य 6000 रुपए प्रति क्विंटल तय करने का आश्वासन दिया था। किसान संघ ने यह मांग फिर से उठाई है कि सोयाबीन उसी दर पर खरीदी जाए।
- खाद की पर्याप्त आपूर्ति: किसानों ने खाद की कमी की समस्या का समाधान करने और उसकी पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की भी मांग की है।
- सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार: रेसई परियोजना को बैरसिया होते हुए सम्राट अशोक सागर बांध से जोड़ा जाए। साथ ही, टेम परियोजना को सिंचाई के लिए जममेरी में फुल स्टॉक किया जाए।
- कृषि पंपों के लिए बिजली आपूर्ति: किसानों ने कृषि पंपों के लिए बिजली की आपूर्ति 10 घंटे बिना ट्रिपिंग के सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही, जर्जर तार और पोलों को बदलने की भी आवश्यकता जताई गई।
किसानों का संघर्ष जारी
भारतीय किसान संघ ने प्रशासन और सरकार से तुरंत इन मांगों पर कार्रवाई करने की अपील की है। संघ ने कहा कि यदि इन मांगों पर जल्दी कोई कदम नहीं उठाया गया तो वे आगे और अधिक बड़े आंदोलन की ओर कदम बढ़ा सकते हैं। किसान संघ का कहना है कि कृषि संकट और अन्य समस्याओं के कारण किसान लगातार परेशान हैं, और सरकार को किसानों की आवाज को गंभीरता से सुनना चाहिए।












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