Central Advisory Committee: खजुराहो में फूड सेफ्टी मिशन पर मंथन, देशभर से अधिकारी जुटे
MP के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने 38वीं केन्द्रीय सलाहकार समिति की बैठक में संबोधित करते हुए कहा कि मिलावट से मुक्ति अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये प्रदेश सरकार कृत संकल्पित है।

Madhya Pradesh लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने 38वीं केन्द्रीय सलाहकार समिति की बैठक में संबोधित करते हुए कहा कि मिलावट से मुक्ति अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये प्रदेश सरकार कृत संकल्पित है। लोगों की खानपान की व्यवस्था शुद्ध बनाये रखने का कार्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। 2020 से शुरू किए गए मिलावट से मुक्ति अभियान में प्रदेश भर में प्रभावी कार्यवाही हुई है।

Khajuraho के महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर में सोमवार को शुरू हुई केन्द्रीय सलाहकार समिति की बैठक में भारत सरकार के एफएसएसएआई के सीईओ एस गोपाल कृष्णन सहित स्वास्थ्य आयुक्त एवं कमिश्नर फूड सेफ्टी सुदाम खाडे़ सहित देश के विभिन्न प्रांतों के हेल्थ कमिश्नर, सीएसी मेम्बर और एफएसएसएआई के पदाधिकारी तथा फूड सेफ्टी से जुड़े अधिकारी भी मौजूद थे। प्रथम सत्र में केन्द्रीय सलाहकार समिति की बैठक का शुभारंभ एफएसएसएआई के सीईओ एस गोपाल कृष्णन द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इस अवसर पर समिति की बैठक में फूड सेफ्टी के स्ट्रक्चर, फंक्शन प्रोसीजर और सुधार के लिए नियंत्रण के उपायों पर मंथन किया गया।
अन्य राज्यों में हुए बेहतर कार्यों को मप्र में शुरु किया जाएगा
हेल्थ मिनिस्टर ने कहा कि केन्द्रीय सलाहकार समिति की बैठक में देश के अन्य प्रांतों में फूड सेफ्टी के संबंध में हो रहे अच्छे कार्यों को प्रदेश में भी शुरू किया जाएगा। इस आयोजन से शुद्ध खाद्यान्न उपलब्ध कराने के संबंध में आने वाली विभिन्न समस्याओं के निदान के लिए किये गए विचार विमर्श के मंथन से बेहतर कार्ययोजना बनाने में मदद मिलेगी, जिससे प्रदेश में मिलावट से मुक्ति अभियान को और बेहतर बनाने में भी मदद मिलेगी। यहां लिए गए निर्णय और सुझाव गए सकारात्मक बिन्दुओं को बताया जाएगा। उन्हें विचार मंथन के बाद योजनाबद्ध तरीके से प्रदेश में भी लागू किया जाएगा।
605 एफआईआर, 45 एनएसए कार्यवाही सहित 300 प्रतिष्ठान बंद कराए
डॉण् प्रभुराम चौधरी ने बताया कि प्रदेश में चल रहे मिलावट से मुक्ति अभियान में की गई व्यापक कार्यवाही के तहत 605 एफआईआर दर्ज हुई और 45 प्रकरणों में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम ;एनएसएद्ध में कार्यवाही की गई और 300 प्रतिष्ठान को सील किया गया तथा 18 करोड़ रुपए का अर्थदंड भी आरोपित किया गया। प्रदेश भर में 32 हजार नमूने लिये गए 24 करोड़ से अधिक मूल्य की खाद्यान्न सामग्री जब्त हुई। प्रदेश में खाद्यान्न सुरक्षा की जांच को और दक्ष और क्षमतावान बनाने के लिए इंदौर, जबलपुर एवं ग्वालियर में तीन नवीन प्रयोगशाला का निर्माण पूर्णतः पर है, इसके समुचित उपकरण की व्यवस्था बनाई गई है। खाद्यान्न सामग्री की जांच के लिए शुरू की गई चलित प्रयोगशाला में नागरिक मात्र 10 रुपये का शुल्क देकर शुद्धता की जांच कराकर प्रमाण-पत्र प्राप्त कर रहे है। खाद्य सुरक्षा की गतिविधियों को और प्रभावी बनाने के लिये रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।












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