MP: 'कांग्रेस के सिर पर संविधान की हत्या का पाप...', राहुल गांधी की यात्रा पर कैलाश विजयवर्गीय का तंज
राहुल गांधी की प्रस्तावित इंदौर यात्रा के पहले मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने उनके खिलाफ तीखा वैचारिक हमला किया है। विजयवर्गीय ने कहा कि, गांधी परिवार और कांग्रेस के सर पर बाबा साहब के अपमान और उनके बनाए संविधान की हत्या करने का पाप लगा हुआ है।
इस महापाप से मुक्ति के लिए राजनीतिक नौटंकी करने की जगह राहुल को बाबा साहब की जन्मस्थली पर अपनी पार्टी और पूर्वजों द्वारा किए गए हर पाप के लिए, कम से कम एक दिन का निर्जल उपवास कर प्रायश्चित करना चाहिए अन्यथा ये पाप सात जन्मों तक उनका पीछा नहीं छोड़ेंगे।

विजयवर्गीय ने कहा कि, सच तो ये है कि बाबा साहब की असामयिक मृत्यु की जिम्मेदार भी कांग्रेस ही है। नेहरू जी बाबा साहब की प्रतिभा से जलते थे इसलिए उन्होंने हर जगह बाबा साहब को रोकने के षडयंत्र रचे। वो नेहरू जी ही थे जिन्होंने शुरुआत में बाबा साहब को संविधान सभा का सदस्य बनने नहीं दिया था। बाबा साहब अपने वैचारिक कद के कारण सभा के सदस्य बने और उन्होंने संविधान गढ़ा।
विजयवर्गीय ने कहा कि, नेहरू जी ने इसके बाद भी बाबा साहब के खिलाफ कई षडयंत्र रचे। देश के पहले लोकसभा चुनाव में नेहरू जी ने मुंबई में बाबा साहब को हराने के लिए उनके खिलाफ कई जनसभाएं ली। इससे भी काम नहीं चला तो देश में सबसे पहली बार नेहरू जी ने चुनाव के नतीजे में धांधली करवाकर बाबा साहब को लगभग 15 हजार वोट से हराया। इस चुनाव में नेहरू जी ने 74333 मतपत्रों को खारिज करवा दिया, उनकी गिनती नहीं की गई और बाबा साहब को पराजित घोषित कर दिया। बाबा साहब ने चुनाव परिणाम रद्द कर इसे अमान्य घोषित करने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त के समक्ष एक चुनाव याचिका दायर की थी। उनकी इस शिकायत पर नेहरु जी ने चुनाव आयोग को कोई कार्रवाई नहीं करने दिया। ये इतिहास के पन्नों में दर्ज है।
विजयवर्गीय ने कहा कि, नेहरू ने बाबा साहब के बनाए संविधान की आत्मा पर हमला कर उसमें जबरदस्ती वक्फ बोर्ड एक्ट जोड़ दिया और तानाशाह बनी इंदिरा गांधी ने तो संविधान को सूली पर लटकाकर आपातकाल लगा दिया। इन पापों की गठरी लेकर इंदौर आ रहे राहुल गांधी खुद बाबा साहब के संविधान से निर्मित भारत की संसद, न्यायपालिका, कार्यपालिका और भारत गणराज्य के खिलाफ आक्रमण करने की बात करते है। इन पापों से मुक्ति के लिए राहुल को बाबा साहब की जन्मस्थली पर एक दिन का निर्जल उपवास कर प्रायश्चित करना चाहिए।
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