kailash Nayak : मप्र कांस्टेबल बना 'बजरंगी भाईजान', मूक बधिर युवक को 10 साल बाद परिजनों से मिलवाया
राजगढ़, 21 जून। बॉलीवुड फिल्म बजरंगी भाईजान तो देखी होगी कि उसमें सलमान खान मूक बधिर बच्ची मुन्नी को हिंदूस्तान से पाकिस्तान ले जाकर उसके परिजनों से मिलवा देते हैं। उसी तरह का मामला मध्य प्रदेश के राजगढ़ में भी देखने को मिला है। यहां आठ माह पहले एक कांस्टेबल को मूक बधिर युवक मिला था, जिसे कांस्टेबल पहले अपने थाने पर लाता है और फिर युवक अपने परिजनों का पता नहीं बता पाया तो। ऐसी परिस्थिति में कांस्टेबल ने युवक को अपने घर पर रखा और उसके परिजनों की तलाश शुरू की।
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8 माह से कर रहा था तलाश
आखिर में कांस्टेबल को सफलता मिलती है। फिल्म बजरंगी भाई की तरह ही 8 माह की कड़ी मेहनत और लगातार प्रयास के बाद वह युवक को अपने परिजनों से 10 साल बाद मिलने में कामयाब हो जाता है। 10 साल से इधर-उधर भटक रहे युवक के परिजनों का पता चल जाता है और वे युवक को अपने साथ ले जाते हैं।

पीपल चौराहे पर मिला युवक
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा सिटी पुलिस थाने के कांस्टेबल कैलाश नायक आठ महीने ब्यावरा के पीपल चौराहे पर ड्यूटी दे रहे थे। इसी दौरान उन्हें बताया गया की एक युवक भूखा प्यासा यहां बैठा हुआ है और कुछ बोल भी नहीं पा रहा। कांस्टेबल युवक को लेकर थाने पर गए लेकिन युवक मूक बधिर होने से अपना कोई पता नहीं बता सका।

लापता युवक का नाम रखा गजानंद
पुलिस ने कई प्रयास किए लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। ऐसे में कांस्टेबल कैलाश युवक को अपने घर ले गए और पत्नी और बच्चों को पूरा मामला बताया। युवक को देखकर कांस्टेबल की पत्नी और बच्चे भी बहुत खुश हुए। युवक को कांस्टेबल बुधवार के दिन अपने घर ले गए तो पत्नी ने युवक का नाम गजानंद रख दिया और उसे अपने परिवार का हिस्सा मान लिया।

कांस्टेबल ने किए ये प्रयास
उसके बाद कांस्टेबल युवक के घरवालों को ढूंढ़ने में लगे और आखिर सफलता भी मिल गई। कांस्टेबल युवक के फोटो को हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालकों को दिखाकर, सभी पुलिस थानों पर युवक का फोटो भेजकर तलाश में जुटे थे।

बिहार के बिलासपुर से हुआ लापता
इसी बीच बिहार के सीवान जिले की पुलिस से पता चला बिलासपुर का एक मूक बधिर युवक गायब है। इसके बाद युवक का फोटो भेजा गया तो माता-पिता ने पहचान लिया। पहचान के बाद युवक के परिजन ब्यावरा आकर उसे अपने साथ ले गए।
परिजनों ने कांस्टेबल का नाम रखा बजरंगी भाईजान
जहां युवक के लिए लगातार मध्य प्रदेश पुलिस कांस्टेबल ने 8 माह तक तलाश जारी रखी थी और वे लगातार उसके लिए उसके परिजनों की तलाश कर रहे थे। वहीं परिजनों ने जब अपने बिछड़े हुए बेटे को देखा तो उन लोगों ने कांस्टेबल को बजरंगी भाईजान का नाम दिया और कांस्टेबल ने अपनी मेहनत से एक मूक बधिर युवक को उसके परिजनों से मिला दिया।












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