Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

MP News: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कुड़का गांव के बाढ़ पीड़ितों से वीडियो कॉल पर लिया हाल

मध्य प्रदेश के गुना जिले की बमोरी विधानसभा के कुड़का गांव में भारी बारिश और बाढ़ ने तबाही मचाई है। इस संकट की घड़ी में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री और गुना के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कुड़का के बाढ़ पीड़ितों से वीडियो कॉल के जरिए सीधा संवाद किया। उन्होंने पीड़ितों का हालचाल जाना, उनकी समस्याएं सुनीं, और हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। सिंधिया ने कहा, "धैर्य रखें, चिंता न करें।

केंद्र और राज्य सरकार, सेना, NDRF, और SDRF आपके साथ हैं। हम हर कदम पर आपके साथ खड़े हैं।" उनकी इस संवेदनशील पहल और तत्परता ने पीड़ितों में उम्मीद की किरण जगाई है। यह खबर बाढ़ संकट, सिंधिया की सक्रियता, और राहत कार्यों की स्थिति को विस्तार से उजागर करती है।

Jyotiraditya Scindia took stock of the flood victims of Kudka village over a video call

बाढ़ का कहर: कुड़का गांव में हालात

जुलाई 2025 में दक्षिण-पश्चिम मानसून की भारी बारिश ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए। गुना जिले की बमोरी विधानसभा के कुड़का गांव सहित सिंगापुर, तुमड़ा, बंधा, उमरधा, बनियानी, मामली, और बिलोदा जैसे गांवों में कलोरा बांध की वेस्ट वियर टूटने से भारी जलभराव हो गया। @dailyaawaz ने 30 जुलाई 2025 को बताया कि बांध की 10 फीट की वेस्ट वियर टूटने से आसपास के गांवों में पानी भर गया, जिससे फसलें, घर, और सड़कें तबाह हो गईं।

कुड़का गांव में सड़कें जलमग्न हो गईं, और कई परिवार अपने घरों में फंस गए। सिंध नदी का जलस्तर बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो गई। शिवपुरी और गुना में सिंध नदी के उफान के कारण कोलारस, बदरवास, और रन्नौद जैसे क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि खेतों में पानी भरने से फसलें नष्ट हो गईं, और पेयजल, भोजन, और दवाइयों की कमी ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दीं।

सिंधिया का संवेदनशील हस्तक्षेप: वीडियो कॉल से संवाद

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 31 जुलाई 2025 को कुड़का गांव के बाढ़ पीड़ितों से वीडियो कॉल के जरिए सीधा संवाद किया। सिंधिया ने पीड़ितों को आश्वस्त किया, "चिंता मत करना, संकट की इस घड़ी में सरकार और मैं आपके साथ खड़ा हूं।" उन्होंने पीड़ितों की व्यथा सुनी, उनकी तत्काल जरूरतों को समझा, और प्रशासन को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

सिंधिया ने पीड़ितों से धैर्य बनाए रखने की अपील की और कहा, "प्रशासन, सेना, NDRF, और SDRF दिन-रात आपके लिए काम कर रहे हैं। आप मेरे परिवार के सदस्य हैं, और आपकी सुरक्षा मेरा दायित्व है।" सिंधिया ने नरवर और पचावली के बाढ़ पीड़ितों से भी फोन पर बात की, जिससे उनकी संवेदनशीलता और सक्रियता का पता चलता है। कुड़का के ग्रामीणों ने उनकी इस पहल के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि उनकी बातचीत ने उन्हें मानसिक और भावनात्मक सहारा दिया।

राहत कार्यों में सेना, NDRF, और SDRF की भूमिका

सिंधिया ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के लिए भारतीय सेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की तत्परता की सराहना की। @PTI_News ने 30 जुलाई 2025 को बताया कि गुना, अशोकनगर, और शिवपुरी में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में SDRF और NDRF की टीमें तैनात की गई हैं। भड़ौता गांव में तीन परिवार सिंध नदी के तेज बहाव में फंस गए थे, जिन्हें बचाने के लिए सेना को बुलाया गया।

सिंधिया के निर्देश पर गुना में फंसे लोगों को भारतीय वायु सेना (IAF) द्वारा हवाई मार्ग से निकाला जा रहा है। कुड़का और आसपास के गांवों में सेना और NDRF ने नावों और हेलीकॉप्टरों के जरिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।

सिंधिया ने प्रशासन और राहत दलों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा। @ians_india ने 29 जुलाई 2025 को पोस्ट किया कि सिंधिया ने पिछले 72 घंटों में गुना, अशोकनगर, और शिवपुरी के कलेक्टरों के साथ फोन और वीडियो कॉल के जरिए चर्चा की। उन्होंने राहत शिविरों में भोजन, पानी, दवाइयां, और कपड़े जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

केंद्र और राज्य सरकार की तत्परता

सिंधिया ने केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, और मुख्यमंत्री मोहन यादव का आभार व्यक्त किया। @gktoday ने 10 जुलाई 2025 को बताया कि केंद्र सरकार ने बाढ़ प्रभावित राज्यों के लिए ₹1,066.80 करोड़ की राहत राशि जारी की है, जिसमें मध्य प्रदेश भी शामिल है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 30 जुलाई 2025 को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया और कलेक्टरों को नुकसान का आकलन कर मुआवजे के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। @dhar.nic.in ने बताया कि यादव ने राहत दलों से संसाधनों की कमी न होने की पुष्टि की और सामाजिक संगठनों की मदद की सराहना की। सिंधिया ने कहा, "केंद्र और राज्य सरकार का समन्वय इस आपदा से निपटने में महत्वपूर्ण है। प्रभावितों को हरसंभव मदद दी जाएगी।"

कोलारस बस हादसा: एक सवालिया निशान

हालांकि, सिंधिया की सक्रियता के बीच कोलारस में एक घटना ने विवाद खड़ा किया। @bhopalsamachar ने 30 जुलाई 2025 को बताया कि रुब्रिक हाई स्कूल, खतौरा की बस, जिसमें 30 बच्चे सवार थे, बाढ़ग्रस्त रपटे पर बह गई थी। बस चालक की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ, लेकिन ग्रामीणों ने बच्चों को पेड़ों की मदद से सुरक्षित निकाला। इस स्कूल की संचालक नेहा यादव, जो सिंधिया समर्थक हैं, की ओर से कोई बयान नहीं आया, और सिंधिया ने भी इस घटना पर तत्काल प्रतिक्रिया नहीं दी। @bhopalsamachar ने टिप्पणी की, "सिंधिया का वीडियो कॉल दुनिया भर में पहुंच जाता है, लेकिन इस हादसे पर उनकी चुप्पी सवाल उठाती है।"

इस घटना ने सोशल मीडिया पर आलोचना को जन्म दिया। @INCMP ने 31 जुलाई 2025 को ट्वीट किया, "सिंधिया का वीडियो कॉल और राहत शिविर दौरा दिखावा है। कोलारस बस हादसे पर उनकी चुप्पी उनकी प्राथमिकताओं को दर्शाती है।" BJP प्रवक्ता आलोक दुबे ने जवाब में कहा, "सिंधिया जी बाढ़ राहत में दिन-रात जुटे हैं। कांग्रेस केवल सियासत कर रही है।"

विशेषज्ञों की राय

कानूनी विशेषज्ञ डॉ. अनिल वर्मा ने कहा, "सिंधिया की वीडियो कॉल और राहत कार्यों में सक्रियता सराहनीय है, लेकिन कोलारस बस हादसे जैसे मामलों में त्वरित जवाबदेही जरूरी है।" सामाजिक कार्यकर्ता रीना शर्मा ने कहा, "बाढ़ प्रभावितों के लिए राहत शिविर और रेस्क्यू ऑपरेशन महत्वपूर्ण हैं, लेकिन बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा।"

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+