कौन है माधवी राजे, जिन्हें एम्स हॉस्पिटल में किया गया भर्ती और ज्योतिरादित्य सिंधिया से उनका क्या है रिश्ता
Jyotiraditya Scindia News: सिंधिया परिवार की राजमाता माधवी राजे दिल्ली एम्स में भर्ती है। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है।
जानकारी के अनुसार डॉक्टर ने माधवी राजे को वेंटिलेटर पर रखा है। जिस समय माधवी राजे को भर्ती किया गया, उसे समय केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने क्षेत्र गुना और शिवपुरी में पीड़ित किसानों से मुलाकात कर रहे थे।

कौन है माधवी राजे
माधवी सिंधिया एक शाही परिवार से संबंधित हैं। उनके मायके का भी एक गौरवपूर्ण इतिहास है। माधवी राजे सिंधिया के दादा, जुद्ध शमशेर जंग बहादुर, नेपाल के प्रधानमंत्री रहे हैं। वे किसी समय राणा डायनेस्टी के मुखिया भी थे। माधवी राजे सिंधिया को "प्रिंसेज किरण राज्य लक्ष्मी देवी" के नाम से भी जाना जाता है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के स्वर्गीय पिता, माधवराव सिंधिया ने 1966 में माधवी सिंधिया से विवाह किया था।
इससे पहले 2020 में कोरोना काल में ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी माता माधवी राज है कोरोना पॉजिटिव होने की वजह से अस्पताल में भर्ती हुए थे। सिंधिया के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार गुना शिवपुरी में ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को 30,000 से 1.4 लाख तक की प्रत्येक अन्नदाता को राहत राशि बांटने आज केंद्रीय मंत्री श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया जी उस समय पहुंचे हैं, जब उनकी मां माधवीराजे सिंधिया दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल में वेंटिलेटर पर हैं।
सिंधिया ने कहा कि मैं आज आया हूं, ये सही है की राजमाता जी की तबीयत ठीक नहीं, लेकिन आप सभी किसानों की तबियत भी ठीक नहीं है। तो आप सभी भी मेरे परिवार है, आपके दुःख में मैं आपके समकक्ष हूं।
तीन और चार तारीख़ को यह हुआ , प्रधानमंत्री जी ने मंत्री मंडल की बैठक थी । मेरी माँ की तबियत ठीक नहीं है लेकिन फिर भी मैं 6 तारीख़ को मैं आपके बीच आ गया हूं ।
मैं प्रशासन के साथ आया हूं, ताकि एक एक खेत का आकलन तुरंत हो! इन 29 गाँवो के चार हज़ार कृषक जो प्रभावित हुए उनमें से एक भी ना छूटे। इन सभी गांवों का सर्वेक्षण तुरंत हो व राज्य सरकार से तुरंत मुआवजा जारी हो।
केंद्रीय मंत्री ने कहा प्रदेश के मुख्यमंत्री भी किसान है व उनसे मेरी फ़ोन पर चर्चा हुई है इस विषय पर और मैं इस बात की गारंटी देता हूँ की पूरा मध्य प्रदेश प्रशासन इस दुःख की घड़ी में आपके साथ खड़ा हूं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मैं कलेक्टर के साथ आया हूँ और 48 घंटे के भीतर सभी का सर्वेक्षण व मुआवजा तुरंत साथ साथ जारी हो। केंद्रीय मंत्री ने कलेक्टर से एक एक किसान का नाम व मुआवज़ा राशि की घोषणा कराई।
केंद्रीय मंत्री ने इमझरा गांव में कहा कि "पिछले दो-तीन दिनों से समूचे गुना- ग्वालियर, मालवा, भोपाल संभाग क्षेत्र के अन्नदाताओं को एक बड़ी दुःख की घड़ी से दोबारा गुजरना पड़ रहा है। सिंधिया परिवार ने सैंकड़ों सालों से माना है कि इस पृथ्वी माता को पूजने वाले अगर कोई वर्ग या श्रेणी है, तो वो हमारे अन्नदाता हैं। उन अन्नदाताओं को मजबूत करना और विकास के मार्ग में प्रशस्त करना, यह सिंधिया परिवार की केवल ज़िम्मेदारी ही नहीं, धर्म भी है। हम सुख में आएं या न आएं, लेकिन दुःख में सिंधिया परिवार का मुखिया होने के नाते, हम ज़रूर आते हैं।
"सिंधिया परिवार ने आपका प्रतिनिधित्व किया, आपके भार को कम करने की ज़िम्मेदारी मेरी है। पहले 80 के दशक में, जब भीषण बाढ़ आई थी, तब राजमाता और बड़े महाराज गाड़ी से आकर आपकी मदद की थीं। इसी प्रकार, जब गुना में बाढ़ आई थी, तो मैंने आर्मी के हेलिकॉप्टर से, ना केवल सर्वेक्षण, बल्कि लोगों को बाढ़ से निकालने का काम भी किया था। वैसे ही, कोरोना काल में भी मैं तत्पर रहा हूं।"












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