Indore News: इंदौर की प्राइवेट कंपनी ने 300 कर्मचारियों की कैसे छीनी रोजी-रोटी, जानिए पूरा मामला
MP Indore News: इंदौर स्थित आईटी और बीपीओ कंपनी टास्कस में बुधवार रात उस समय हंगामा मच गया, जब कंपनी ने 300 से अधिक कर्मचारियों को अचानक से नौकरी से निकाल दिया। यह निर्णय कंपनी द्वारा प्रोजेक्ट बंद होने और जांच के कारण लिया गया था।
कर्मचारियों को रातोंरात नौकरी से बाहर कर दिया गया, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। इसके बाद कर्मचारियों ने कंपनी के बाहर प्रदर्शन किया और कई कर्मचारी अपनी नौकरी वापस पाने के लिए एचआर विभाग से गुहार लगाते नजर आए।

कर्मचारियों का कहना था कि कंपनी बार-बार फर्जीवाड़े का आरोप लगाकर किसी भी प्रोजेक्ट के समाप्त होने के बाद उन्हें बिना पूर्व सूचना के नौकरी से हटा देती है। हालाँकि कंपनी ने इसे नियमों के तहत किया है और कर्मचारियों को 13 दिनों का नोटिस दिया था, लेकिन इसके बावजूद कर्मचारियों में भारी असंतोष था।
कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी प्रोजेक्ट में फर्जीवाड़े का बहाना बनाकर उन्हें निकाल देती है और हर बार जब किसी प्रोजेक्ट का अंत होता है, तो सैकड़ों कर्मचारियों को निकाल दिया जाता है। इस बार भी कर्मचारियों के अनुसार, कंपनी ने किसी तथाकथित फर्जीवाड़े का बहाना बनाया और उन्हें जबरन निकाल दिया।
कर्मचारी कंपनी की इस कार्रवाई को अत्यधिक और अन्यायपूर्ण मानते हैं। उनकी मांग थी कि उन्हें उचित समय दिया जाए और उनकी नौकरी को बहाल किया जाए। जब विवाद बढ़ा तो कंपनी की सुरक्षा टीम ने खजराना पुलिस को मौके पर बुला लिया, ताकि स्थिति को नियंत्रण में किया जा सके।
कंपनी के इस कदम ने इंदौर में एक बड़ा हंगामा खड़ा कर दिया है और इसके खिलाफ कर्मचारियों की नाराजगी बढ़ गई है। कर्मचारियों का आरोप है कि इस तरह की लगातार कार्रवाई से उनका जीवन प्रभावित हो रहा है, और उन्हें इस बात की चिंता है कि वे अब अपनी रोजी-रोटी कहां से प्राप्त करेंगे।
इस पूरे मामले में एक बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या प्राइवेट कंपनियां इस तरह से कर्मचारियों की नौकरी छीनने के फैसले बिना किसी ठोस आधार के ले सकती हैं या नहीं?












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