MP News: भारत-पाकिस्तान सीजफायर, कांग्रेस-भाजपा में तीखी तकरार, दिग्विजय ने शेयर किया मोदी का पुराना वीडियो

MP News: भारत और पाकिस्तान के बीच 10 मई 2025 को घोषित सीजफायर ने न केवल सीमा पर तनाव को कम किया है, बल्कि देश में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी बहस को जन्म दिया है। जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस सीजफायर को अपनी कूटनीतिक और सैन्य ताकत का परिणाम बता रही है, वहीं कांग्रेस ने इसे समय से पहले और अपर्याप्त बताते हुए कई सवाल खड़े किए हैं।

इस बीच, मध्य प्रदेश के बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सीजफायर के बीच पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) पर कब्जा करने की बात कहकर नया विवाद खड़ा कर दिया है।

India-Pakistan ceasefire fierce conflict between Congress and BJP Digvijay Singh shared an old video of Modi

दूसरी ओर, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर कर उनकी 'कथनी और करनी' पर सवाल उठाए हैं। यह वीडियो 26/11 मुंबई हमले के बाद का है, जिसमें तत्कालीन गुजरात मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी हस्तक्षेप की आलोचना की थी।

सीजफायर की पृष्ठभूमि, ऑपरेशन सिंदूर और तनाव

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे, ने भारत-पाकिस्तान संबंधों में नया तनाव पैदा किया। भारत ने इस हमले का जवाब 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत 6-7 मई को दिया, जिसमें भारतीय सेना ने पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया। इस ऑपरेशन में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों के 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए, जिनमें IC-814 हाईजैकिंग का वांछित मौलाना यूसुफ अजहर भी शामिल था।

इसके बाद दोनों देशों के बीच चार दिनों तक भारी गोलीबारी, ड्रोन हमले और मिसाइल हमले हुए, जो पिछले 25 वर्षों में सबसे भीषण संघर्ष था। 10 मई को अमेरिकी मध्यस्थता के बाद दोनों देशों ने सीजफायर की घोषणा की, जो उसी दिन शाम 5 बजे से प्रभावी हुआ। हालांकि, भारत ने पाकिस्तान पर कुछ घंटों बाद ही सीजफायर उल्लंघन का आरोप लगाया। विदेश सचिव विक्रम मिश्री ने कहा, "पाकिस्तान ने समझौते का उल्लंघन किया। भारतीय सेना को किसी भी उल्लंघन का कड़ा जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।"

भाजपा, 'मोदी की ताकत, पाकिस्तान को सबक'

भाजपा ने सीजफायर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता और भारतीय सेना की ताकत का परिणाम बताया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा, "ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों में खलबली मचा दी। हमारी सेना ने आतंकवाद को करारा जवाब दिया और यह सीजफायर हमारी शर्तों पर हुआ।"

प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को अपने आवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवल, और तीनों सेना प्रमुख शामिल थे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने X पर लिखा, "मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। ऑपरेशन सिंदूर इसका जीता-जागता सबूत है। सीजफायर के बाद भी हमारी सेना सतर्क है।"

भाजपा नेताओं ने दावा किया कि सीजफायर से भारत ने रणनीतिक बढ़त हासिल की, क्योंकि पाकिस्तान को अपनी सैन्य कमजोरी का अहसास हुआ। मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा, "पाकिस्तान को उसकी औकात याद दिला दी गई। यह मोदी जी की कूटनीति और सेना की ताकत का कमाल है।"

'समय से पहले सीजफायर, अमेरिकी हस्तक्षेप पर सवाल'

कांग्रेस ने सीजफायर का स्वागत तो किया, लेकिन इसे समय से पहले और रणनीतिक रूप से कमजोर कदम बताया। कांग्रेस ने संसद का विशेष सत्र बुलाने और सर्वदलीय बैठक की मांग की। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर कहा, "ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर पर संसद में चर्चा जरूरी है। देश को यह जानने का हक है कि हमने क्या हासिल किया और क्या खोया।"

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक सिंघवी ने कहा, "या तो पाकिस्तान को पूरी तरह सबक सिखाया जाए, या फिर उसे छोड़ दिया जाए। तीन दिन की कार्रवाई से क्या हासिल हुआ? जब हम पाकिस्तान को सबक सिखाने की कगार पर थे, तब समय से पहले सीजफायर क्यों?" कांग्रेस ने अमेरिकी मध्यस्थता पर भी सवाल उठाए।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "हमें सीजफायर की घोषणा डोनाल्ड ट्रंप से पता चली। यह भारत की कूटनीति के लिए शर्मनाक है। सरकार को संसद में जवाब देना होगा।" AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी इसी तरह के सवाल उठाए, लेकिन आतंकवाद के खिलाफ सरकार और सेना का समर्थन किया। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान आतंकवाद का इस्तेमाल बंद नहीं करेगा। सीजफायर के बावजूद पहलगाम हमले के दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।"

दिग्विजय सिंह का तंज, मोदी का पुराना वीडियो वायरल

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सीजफायर के बाद प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने X पर 26/11 मुंबई हमले के बाद का नरेंद्र मोदी का एक पुराना वीडियो शेयर किया, जिसमें तत्कालीन गुजरात मुख्यमंत्री अमेरिकी हस्तक्षेप की आलोचना करते हुए कह रहे हैं।

"पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब देना चाहिए। ये लव लेटर लिखना बंद करना चाहिए। इंटरनेशनल प्रेशर पैदा करने की ताकत आज हिन्दुस्तान में है। पूरी दुनिया पर आज हम प्रेशर पैदा कर सकते हैं। पाकिस्तान हमको मारकर चला गया। मुंबई में हमला बोल दिया। हमारे मंत्री जी अमेरिका गए और रोने लगे कि ओबामा, ओबामा... ये हमको मारकर चला गया। पड़ोसी मारकर चला जाए और आप अमेरिका जाते हो? पाकिस्तान जाओ न। पाकिस्तान जिस भाषा में समझे, समझाना चाहिए।"

दिग्विजय ने इस वीडियो को कोट करते हुए लिखा: "अमेरिका कौन होता है हमारे बीच पंचायत करने वाला? पाकिस्तान हमको मार कर चला गया और मंत्री अमेरिका जाकर रो रहे हैं - हमें बचाओ बचाओ। यह कोई तरीका होता है क्या? पड़ोसी मार कर चला गया तो अमेरिका क्या जाना - पाकिस्तान जाओ ना।" उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "मोदी जी की कथनी और करनी में अंतर। कोई नई बात नहीं है।"

यह वीडियो X पर तेजी से वायरल हो गया और कांग्रेस समर्थकों ने इसे मौजूदा सीजफायर में अमेरिकी मध्यस्थता से जोड़कर सरकार की आलोचना की। हालांकि, भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने पलटवार करते हुए कहा, "दिग्विजय सिंह पुराने वीडियो निकालकर भ्रम फैला रहे हैं। तब और अब की परिस्थितियां अलग हैं। मोदी जी ने ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया, और सीजफायर हमारी शर्तों पर हुआ।"

धीरेंद्र शास्त्री का बयानस, 'PoK लेने का सही समय'

बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सीजफायर के बीच एक विवादास्पद बयान देकर हलचल मचा दी। छतरपुर में श्री लक्ष्मी-नारायण महायज्ञ के दौरान उन्होंने कहा, "पाकिस्तान एक बिगड़ा हुआ बच्चा है, जो सीजफायर का सम्मान नहीं करता। यह PoK को वापस लेने का सही समय है। भारतीय सेना और सरकार को इसका फायदा उठाना चाहिए।"

शास्त्री ने भारतीय सेना की तारीफ करते हुए छतरपुर की कर्नल सोफिया कुरैशी को 'आधुनिक रानी लक्ष्मीबाई' करार दिया। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर समर्थन और आलोचना दोनों को जन्म दिया। एक यूजर ने लिखा, "शास्त्री जी ने सही कहा। PoK भारत का हिस्सा है, और इसे वापस लेना चाहिए।" वहीं, एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, "धार्मिक नेताओं को राजनीति और युद्ध के मुद्दों पर बोलने से बचना चाहिए।"

मध्य प्रदेश का स्थानीय परिदृश्य

मध्यप्रदेश में भी यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है। भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीजफायर पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने कहा, "हम सेना का सम्मान करते हैं, लेकिन सरकार को बताना चाहिए कि सीजफायर से क्या हासिल हुआ। क्या पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड को सजा मिलेगी?" उधर, इंदौर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर एक रैली निकाली, जिसमें 'भारत माता की जय' के नारे लगाए गए।

छतरपुर में धीरेंद्र शास्त्री के बयान ने स्थानीय लोगों में जोश भरा, लेकिन कुछ नेताओं ने इसे 'अनावश्यक' बताया। कांग्रेस विधायक आलोक चतुर्वेदी ने कहा, "PoK का मुद्दा सरकार और सेना का है। धार्मिक नेताओं को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए।"

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