Bhopal News: भोपाल में पुलिस की मौजूदगी में बदमाश का बड़ा कांड, टीआई पर लगाया हत्या की कोशिश का आरोप
MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक सनसनीखेज घटना ने पुलिस प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। छोला मंदिर थाना क्षेत्र में बुधवार रात को राजा खटीक, जो 29 जून 2025 को हुए अमित वर्मा हत्याकांड का मुख्य गवाह है, ने पुलिस की मौजूदगी में कांच के टुकड़े से खुद का गला काटने की कोशिश की।
इस घटना ने न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, बल्कि सोशल मीडिया पर राजा खटीक के वायरल वीडियो ने इस मामले को और तूल दे दिया है। राजा ने इस वीडियो में छोला मंदिर थाना प्रभारी (टीआई) सुरेशचंद्र नागर और उनके स्टाफ पर हत्या की कोशिश का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे दबाव बनाने की साजिश करार दिया है। वन इंडिया हिंदी की यह विशेष रिपोर्ट लाई है इस रोचक और विवादास्पद घटना की पूरी कहानी।

छोला मंदिर थाने के सामने चौंकाने वाली घटना
बुधवार, 9 जुलाई 2025 की रात को छोला मंदिर थाना परिसर के बाहर उस समय हड़कंप मच गया, जब राजा खटीक को पूछताछ के लिए पुलिस वाहन से उतारा गया। पुलिस के मुताबिक, जैसे ही राजा वाहन से उतरा, उसने कांच के टुकड़े से अपनी गर्दन पर वार कर लिया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर उसे पकड़ लिया, जिससे गंभीर चोट नहीं हुई। राजा को तुरंत हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत को स्थिर बताया।
पुलिस का जवाब: राजा ने बनाया दबाव
छोला मंदिर थाना प्रभारी सुरेशचंद्र नागर ने राजा के आरोपों को निराधार और दबाव बनाने की कोशिश करार दिया। उन्होंने कहा, "राजा खटीक एक कुख्यात अपराधी है, जिसके खिलाफ शहर के विभिन्न थानों में 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह अमित वर्मा हत्याकांड में गवाह है, और पूछताछ के लिए थाने लाया गया था। वाहन से उतरते ही उसने कांच का टुकड़ा उठाकर खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। यह सब पुलिस पर दबाव बनाने की साजिश है।"
पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए कहा, "अमित वर्मा हत्याकांड की जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है। हम हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। राजा के आरोपों की भी जांच की जाएगी, लेकिन प्रारंभिक तथ्य बताते हैं कि उसने खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।" मिश्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि 10 आरोपियों को इस हत्याकांड में अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है।
अमित वर्मा हत्याकांड: हवाला लूट से शुरू हुआ विवाद
29 जून 2025 की रात को छोला मंदिर थाना क्षेत्र की लीलाधर कॉलोनी में एक जन्मदिन पार्टी के दौरान 22 वर्षीय अमित वर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि नसीम बन्ने खान, जिसके खिलाफ 34 आपराधिक मामले दर्ज हैं, ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया। नसीम का असली निशाना राजा खटीक था, लेकिन गोली चूकने के कारण अमित वर्मा की मौत हो गई।
पुलिस ने नसीम बन्ने खान को बैतूल से गिरफ्तार किया, साथ ही उसकी मां, प्रेमिका, और चार अन्य सहयोगियों को भी हिरासत में लिया गया। जांच में पता चला कि नसीम और राजा के बीच हवाला लूट की रकम के बंटवारे को लेकर विवाद था। टीटी नगर और श्यामला हिल्स में हुई हवाला लूट की घटनाओं में राजा की संलिप्तता सामने आई थी, और इसी रकम के बंटवारे को लेकर नसीम और उसके भाई वसीम खान ने राजा को निशाना बनाने की योजना बनाई थी।
डीसीपी रियाज इकबाल के नेतृत्व में SIT इस मामले की गहन जांच कर रही है। पुलिस ने वसीम खान को मंगलवार को गिरफ्तार किया था और राजा को वसीम के साथ आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने की योजना थी। लेकिन राजा ने इस पूछताछ से पहले ही थाने के बाहर यह खौफनाक कदम उठा लिया।
राजा खटीक: कुख्यात अपराधी या पीड़ित?
राजा खटीक कोई नया नाम नहीं है। भोपाल पुलिस के रिकॉर्ड में वह एक कुख्यात अपराधी है, जिसके खिलाफ 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हवाला लूट, मारपीट, और अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राजा ने न केवल भोपाल, बल्कि सतना जैसे अन्य शहरों में भी हवाला लूट की वारदातों को अंजाम दिया था।
हालांकि, राजा के वायरल वीडियो ने उसे पीड़ित के रूप में पेश किया है। उसने दावा किया कि "पुलिस ने उसे जानबूझकर निशाना बनाया और उसका गला काटने की कोशिश की।" इस वीडियो ने जनता और सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है।
स्थानीय निवासी रमेश साहू ने कहा, "पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अगर राजा अपराधी है, तो भी उसे इस तरह निशाना बनाना गलत है। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।"
पुलिस की लापरवाही पर सवाल
अमित वर्मा हत्याकांड ने पहले ही भोपाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए थे। नसीम बन्ने खान के खिलाफ 34 आपराधिक मामले होने के बावजूद, पुलिस उसकी गतिविधियों पर नजर नहीं रख सकी। हत्याकांड से पहले नसीम ने वीआईपी रोड पर तलवार लहराई थी और बड़ा तालाब के पास एक व्यक्ति पर हमला किया था, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस लापरवाही ने अमित वर्मा की हत्या का रास्ता साफ कर दिया।
अब राजा खटीक की इस घटना ने पुलिस की विश्वसनीयता पर एक और सवालिया निशान लगा दिया है। कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "भोपाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति चरमरा गई है। एक गवाह पुलिस की मौजूदगी में खुद को नुकसान पहुंचाता है और पुलिस पर हत्या की कोशिश का आरोप लगाता है। यह शर्मनाक है।"
कांग्रेस प्रवक्ता मुकेश नायक ने भी टिप्पणी करते हुए कहा, "पुलिस की भूमिका संदिग्ध है। अगर राजा अपराधी है, तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी पुलिस की थी। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।"
हवाला लूट और अपराध का जाल
पुलिस जांच में सामने आया कि हवाला लूट का यह पूरा मामला भोपाल के आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा है। टीटी नगर और श्यामला हिल्स में हुई हवाला लूट की घटनाओं में राजा खटीक और वसीम खान की भूमिका सामने आई थी। इन लूट की रकम के बंटवारे को लेकर दोनों के बीच तनातनी थी, जिसके चलते नसीम बन्ने खान ने राजा को निशाना बनाने की योजना बनाई।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नसीम ने 29 जून को लीलाधर कॉलोनी में एक जन्मदिन पार्टी के दौरान राजा पर गोली चलाई, लेकिन गलती से गोली अमित वर्मा को लगी। इस हत्याकांड में इस्तेमाल पिस्टल को नसीम ने अपने दोस्त शाहरुख के घर छिपाया था, जिसे पुलिस ने बाद में बरामद कर लिया।
जांच के दायरे में पुलिस और गवाह
पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा ने इस मामले में SIT की जांच को और तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा, "हम न केवल हत्याकांड के आरोपियों को पकड़ रहे हैं, बल्कि पुलिस की भूमिका और राजा के आरोपों की भी जांच कर रहे हैं। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।"
DCP रियाज इकबाल ने बताया कि नसीम बन्ने खान और उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले में हवाला रैकेट की गहराई तक जांच की जा रही है। "हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस आपराधिक नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है। राजा खटीक की भूमिका भी संदिग्ध है, और उसकी हरकतें इस जांच को प्रभावित करने की कोशिश हो सकती हैं।"
भोपाल में बढ़ता अपराध और पुलिस की चुनौतियां
अमित वर्मा हत्याकांड और अब राजा खटीक की घटना ने भोपाल में बढ़ते अपराध और पुलिस की चुनौतियों को उजागर किया है। हवाला रैकेट, गैंगवार, और आपराधिक नेटवर्क शहर में कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बन रहे हैं। पुलिस कमिश्नर ने स्वीकार किया कि "शहर में अपराध को नियंत्रित करने के लिए और सख्त कदम उठाए जाएंगे।"
शिक्षा विशेषज्ञ प्रो. अनिल गुप्ता ने कहा, "यह घटना दर्शाती है कि पुलिस को अपनी निगरानी और खुफिया तंत्र को और मजबूत करना होगा। अपराधियों को खुली छूट देना और गवाहों की सुरक्षा में चूक होना चिंताजनक है।"












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