MP News: अधिकारियों की बल्ले-बल्ले मिलेगा 55% भत्ता, साढ़े सात लाख कर्मचारी फिर 5% महंगाई भत्ते में पीछे
MP News: मध्य प्रदेश में पदस्थ आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों सहित राज्य प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारियों को अब 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) मिलेगा।
राज्य सरकार ने इसके लिए आदेश भी जारी कर दिए हैं। लेकिन इसी फैसले के साथ एक बार फिर एमपी के कर्मचारी केंद्र सरकार के कर्मचारियों से पीछे हो गए हैं - और यह अंतर अब बढ़कर पूरे 5 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

जहां एक ओर यह फैसला राज्य कर्मचारियों को राहत देता नजर आ रहा है, वहीं यह भी स्पष्ट हो गया है कि एमपी के वेतन और भत्तों की गणना प्रणाली अब भी केंद्र के मुकाबले पीछे है।
पहले 3%, अब 5% का अंतर, पीछे क्यों हैं एमपी के कर्मचारी?
केंद्र सरकार ने 2 अप्रैल 2025 को आदेश जारी कर 1 जनवरी 2025 से महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। इससे केंद्र सरकार के कर्मचारियों को अब 55% डीए मिलेगा, जबकि एमपी के कर्मचारियों को पहले से ही 3% कम मिल रहा था, और अब यह अंतर बढ़कर 5% हो गया है।
मध्य प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने नाराजगी जताते हुए कहा:"राज्य सरकार के कर्मचारी पहले ही 50% डीए पर चल रहे थे। अब केंद्र ने 2% और बढ़ा दिया, जिससे हम 5% पीछे हो गए हैं। यह अनुचित है और कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात जैसा है।"
- जुलाई 2024 और जनवरी 2025 की दोहरी मार
- 1 जुलाई 2024 से एमपी के कर्मचारियों को मिलने वाला डीए 3% कम था।
- 1 जनवरी 2025 से केंद्र ने और 2% बढ़ाया।
- कुल मिलाकर अब राज्य के कर्मचारी केंद्र के मुकाबले 5% पीछे हैं।
हालांकि एमपी सरकार ने 17 अप्रैल 2025 को आदेश जारी कर 55% डीए देने की घोषणा की है, लेकिन यह केवल अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों (IAS, IPS, IFS) के लिए लागू किया गया है, और वो भी केंद्र सरकार की तर्ज पर। राज्य के अन्य कर्मचारियों के लिए अभी स्पष्टता नहीं है।
MP News: वित्त विभाग का आदेश क्या कहता है?
राज्य शासन के वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश में यह कहा गया है कि:"सभी विभागों, राजस्व मंडल, संभागायुक्तों और कलेक्टरों को निर्देशित किया जाता है कि अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों को एक जनवरी 2025 से 55% डीए का नकद भुगतान किया जाएगा।"
इसका अर्थ है कि केवल केंद्रीय प्रतिनियुक्त अफसरों को लाभ मिलेगा, जबकि राज्य के नियमित कर्मचारी इस फैसले में अब भी बाहर हैं।
MP News: डीए की जंग: किसे कितना भत्ता?
- कर्मचारी वर्ग मौजूदा DA (%) जनवरी 2025 से DA (%) अंतर केंद्र से
- केंद्र सरकार के अधिकारी 53% 55% 0%
- एमपी के अखिल भारतीय सेवा अफसर 50% 55% 0%
- एमपी के राज्य सेवा अधिकारी 50% ? 5% (अभी तक)
कर्मचारी संगठनों का विरोध तेज
मप्र के कर्मचारी संगठनों ने इसे लेकर वेतन विसंगति और भेदभाव का मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि जब केंद्रीय कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से डीए दिया जाता है, तो राज्य सरकार क्यों इतनी देरी करती है?
उमाशंकर तिवारी ने आगे कहा: "मप्र सरकार ने मार्च 2025 में डीए को 46% से बढ़ाकर 50% किया था, लेकिन वो बढ़ोतरी भी बहुत देर से आई। अब फिर पीछे कर दिया गया। ये कर्मचारियों के साथ दोहरा व्यवहार है।"
राहत की जगह असंतोष
एमपी सरकार ने भले ही आईएएस-आईपीएस अफसरों को राहत देते हुए 55% डीए लागू किया हो, लेकिन राज्य सेवा के हजारों कर्मचारियों के लिए यह फैसला अधूरा साबित हो रहा है। वे अब भी केंद्र से पीछे हैं - और असंतोष की चिंगारी तेज होती जा रही है।
अगर आने वाले दिनों में राज्य सरकार डीए विसंगति को दूर नहीं करती, तो संभव है कि कर्मचारी संगठनों द्वारा हड़ताल या बड़ा आंदोलन देखने को मिले। महंगाई के दौर में महंगाई भत्ता अब सिर्फ भत्ता नहीं, बल्कि सम्मान और समानता का सवाल बनता जा रहा है।












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