Panna: गृहलक्ष्मी बनी धनलक्ष्मी, 40 लाख का हीरा मिला, किस्मत ने पति को बनाया लखपति
पन्ना की धरती गृहलक्ष्मी को हीरे देकर बना रही लखपति, पति की किस्मत चमक उठी
सागर, 5 अक्टूबर। (The housewife got a diamond worth 40 lakhs) मप्र के पन्ना में इन दिनों मानो हीरों की बारिश हो रही हो। सितंबर महीने से लेकर अक्टूबर के शुरुआती दिनों में साल में सबसे ज्यादा हीरे मिले है। इधर नोयडा के एक व्यक्ति ने पहले खुद के नाम पर खदान ली। हीरे नहीं मिले तो पत्नी के नाम से खदान लगाई एक साल में उसे 7 हीरे मिल चुके हैं। बीते रोज जो हीरा जमा कराया गया है व अकेला ही 40 से 50 लाख अनुमानित कीमत का होगा। उनकी पत्नी गृहलक्ष्मी से धनलक्ष्मी बन गई हैं। इसके अलावा कुछ दिनों पहले एक ही व्यक्ति को छह हीरे एक खदान में मिले थे। एक दिन में 10 हीरे जमा कराए गए थे।

पत्नी के नाम से खदान का पट्टा बनवाया, तब से 7 हीरे मिल चुके हैं
मप्र के पन्ना जिले में देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग यहां आकर अपनी किस्मत आजमाते हैं। ऐसा ही एक मामला नोयडा निवासी राणा प्रताप सिंह का है। उन्होंने यहां करीब एक साल पहले खुद के नाम से खदान लेकर हीरा की तलाश शुरु की थी। करीब छह महीने में उन्हें एकाध हीरा वह भी महज एकाध कैरेट का मिल सका था। वे निराश हो गए थे। बाद में उन्होंने अपनी धर्मपत्नी मीना के नाम खदान का पटटा स्वीकृत कराया था। यह खदान भरका गांव सिरस्वहा क्षेत्र में आती है। यह खदान उन्हें कई हीरे दे चुकी है। हाल ही में उनको सबसे बड़ा हीरा 9.64 कैरेट वजनी मिला है, वह भी जेम्स क्वालिटी का है। हीरा कार्यालय में जब यह हीरा जमा कराया तो बताया गया कि इसकी अनुमानित कीमत करीब 40 से 50 लाख तक हो सकती है। नीलामी में यह इससे ज्यादा में भी बिक सकता है।

पत्नी को एक महीने में 6 हीरे मिल चुके
हीरा जमा करने हीरा कार्यालय पहुंचे राणा प्रताप सिंह ने स्थानीय मीडिया को बताया कि वे पहले निराश हो गए थे। बाद में उनकी पत्नी मीना के नाम से खदान ली तो हीरे मिलना शुरु हो गए थे। अभी तक उन्हें सात हीरे मिल चुके हैं। पति-पत्नी दोनों खदान में अपने हाथों से मिट्टी खोदकर साफ-सफाई करते रहे हैं। यह हीरा उनकी पत्नी को मिला था। वे कहते हैं पत्नी की किस्मत से उनकी भी किस्मत चमक उठी है और नोयडा से यहां आकर हीरा खनन काम करने का निर्णय सही साबित हुआ है। उनकी पत्नी को पूर्व में एक महीने में 6 हीरे मिल चुके हैं, वे सभी उज्जवल किस्म के हीरे थे। इनमें पहला हीरा 2.13 कैरेट का था, बाकी के पांच हीरे 1 कैरेट से कम वजन के थे। नवरात्र में तो मानों मीना और राणा प्रताप की किस्मत ही चमक उठी।

उथली खदानों में एक दिन में मिले थे 10 हीरे
पन्ना में उथली खदानों में छोटे-छोटे हीरे आए दिन मिलते रहे हैं। बीते हफ्ते एक ही दिन में यहां 10 हीरे जमा कराए गए थे। इनका कुल वजन 17.4 कैरेट था। इनकी अनुमानित कीमत करीब 55 लाख रुपए आंकी गई है। जानकारी अनुसार पन्ना जिले में पटी कृष्णकल्याणपुर इलाके की खदानों में हीरे मिले थे। इसमें छतरपुर जिले के दुकमन अहिरवार को 6 हीरे मिले थे। इनका कुल वजन 2.46 कैरेट है। सतना के अशोक खरे को 2 हीरे मिले इनका वजन 6.37 कैरेट, पन्ना के जगन जड़िया को 4.74 कैरेट तथा पन्ना के ही लखन केवट को 3.47 कैरेट हीरा मिला था।

नीलामी में रखे जाएंगे सभी हीरे, 18 से प्रारंभ होगी नीलामी
पन्ना की खदानों से निकलने वाले हीरों को यहां साल में दो दफा नीलामी आयोजित कर बोली लगवाई जाती है। कलेक्टर के अधीन आयोजित होने वाली नीलामी में में मप्र और देश के बड़े जौहरी और हीरा कारोबारी शामिल होते हैं। राणा प्रताप को मिले हीरे सहित करीब 130 से अधिक हीरे नीलामी में रखे जाएंगे। इसके पूर्व इन हीरों का शासन के जौहरी परीक्षण कर एक-एक हीरे का न्यूनतम राशि तय करेंगे। इसके बाद नीलामी में आने वाले जौहरी व व्यापारियों को इन हीरों का परीक्षण कराया जाता है। इसके दूसरे और तीसरे दिन नीलामी की प्रक्रिया पूरी होती हैं












Click it and Unblock the Notifications