MP News: किसानों के लिए खुशखबरी, गेहूं बेचने के लिए पंजीयन की तिथि 9 अप्रैल तक बढ़ी, 15 लाख ने कराया पंजीयन!
MP News: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए इस बार गेहूं बेचने का एक सुनहरा मौका सामने आया है। राज्य सरकार ने गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीदी को लेकर किसानों को एक बड़ी राहत दी है।
इस बार किसानों में गेहूं बेचने को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है, और इसका मुख्य कारण है राज्य सरकार द्वारा समर्थन मूल्य में वृद्धि। इस बार गेहूं की खरीदी ₹2600 प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है, जिसमें ₹2425 का न्यूनतम समर्थन मूल्य और ₹175 प्रति क्विंटल का बोनस शामिल है।

अब तक 15 लाख से ज्यादा किसान हो चुके हैं पंजीयन
31 मार्च तक पंजीयन कराने की तिथि निर्धारित की गई थी, जिसके अंतर्गत राज्य सरकार को करीब 15 लाख 93 हजार 324 किसानों ने पंजीयन करा लिया था। यह आंकड़ा इस बात का गवाह है कि किसानों में सरकार के द्वारा घोषित समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के प्रति भारी रुचि है। सरकार की इस पहल ने किसानों को एक अच्छा मौका दिया है, जिससे उनकी आमदनी में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
लेकिन जिन किसानों ने अभी तक पंजीयन नहीं कराया है, उनके लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने पंजीयन की तिथि को बढ़ाकर 9 अप्रैल 2025 तक कर दिया है। इस फैसले से उन किसानों को राहत मिलेगी, जो किसी कारणवश पहले पंजीयन नहीं करा पाए थे। अब उनके पास गेहूं बेचने के लिए और एक अतिरिक्त अवसर होगा।
सरकार का कदम: किसानों के हित में बड़ा फैसला
खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा, "हमने किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए पंजीयन की तिथि 9 अप्रैल तक बढ़ा दी है। इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य ₹2425 प्रति क्विंटल है, और सरकार की ओर से ₹175 प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जा रहा है, जिससे गेहूं की खरीदी ₹2600 प्रति क्विंटल की दर से हो रही है।"
मंत्री राजपूत ने आगे किसानों से अपील करते हुए कहा, "जो किसान अभी तक पंजीयन नहीं कर पाए हैं, वे 9 अप्रैल तक अपनी पंजीयन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि वे इस बार के अच्छे समर्थन मूल्य का फायदा उठा सकें।"
बढ़ी हुई कीमतों से खुश किसान
पिछले सालों की तुलना में इस बार गेहूं के समर्थन मूल्य में हुई वृद्धि ने किसानों को राहत दी है। पहले जहां गेहूं का समर्थन मूल्य ₹2000 प्रति क्विंटल था, वहीं अब इसे ₹2425 प्रति क्विंटल किया गया है। इसके साथ ही बोनस के रूप में ₹175 प्रति क्विंटल और मिलाकर कुल ₹2600 प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीदी हो रही है। इस फैसले से किसानों को अपने गेहूं के उत्पादन का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार हो सकता है।
राज्य सरकार ने यह कदम किसानों को समुचित मूल्य देने और उनके हितों की रक्षा करने के लिए उठाया है। यह कदम कृषि क्षेत्र को मजबूती प्रदान करेगा और राज्य के किसानों को एक मजबूत आर्थिक सहारा देने का काम करेगा।
गेहूं की आपूर्ति जारी, किसानों के लिए एक अच्छा अवसर
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गेहूं की फसल का उत्पादन इस साल भी अच्छे स्तर पर हो रहा है। राज्यभर में गेहूं की फसल का उत्पादन जारी है, और सरकार ने किसानों को इस अवसर का लाभ उठाने के लिए पंजीयन प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया है। इसके लिए किसानों को ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा भी दी गई है, जिससे उन्हें अपने नजदीकी कृषि मंडियों में जाकर पंजीयन कराने में कोई कठिनाई न हो।
किसान मित्र केंद्रों से मदद
राज्य सरकार ने किसानों को पंजीयन की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए किसान मित्र केंद्रों का भी सहारा लिया है। इन केंद्रों पर किसानों को पंजीयन संबंधी हर तरह की मदद दी जा रही है।
किसानों को मिलेगी बेहतर कीमत, बढ़ेगा आत्मनिर्भरता
इस बार की गेहूं खरीदी ने किसानों को एक नई उम्मीद दी है। इससे न सिर्फ उनके आर्थिक हालात में सुधार होगा, बल्कि उनका आत्मनिर्भर बनने का रास्ता भी साफ होगा। इस योजना से जुड़ी खबरों के जरिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि वे इस अवसर का भरपूर लाभ उठा सकें।
अंतिम तिथि 9 अप्रैल तक: पंजीयन करें, ना करें चूक
किसानों के लिए यह अवसर बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसे हाथ से जाने देना उनके लिए आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है। ऐसे में किसानों से अपील है कि वे अंतिम तिथि 9 अप्रैल 2025 तक अपनी पंजीयन प्रक्रिया पूरी करें और अपने गेहूं की फसल को बेहतर मूल्य पर बेचें।












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