Betul News: 400 साल से लगता आ रहा है भूतों का मेला, लोग समाधि की करते हैं उल्टी परिक्रमा
Betul News: मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में मलाजपुर गांव में एक अनोखे मेले का आयोजन किया जाता है।इस मेले को भूतों का मेला भी कहा जाता है। मेले में आने वाले इंसानों पर सवार होकर भूत भी साथ आते हैं। यह मेला लगभग 20 दिन चलता है।
आप इस बात को जानकर हैरान हो जाएंगे कि बैतूल जिले से 42 किलोमीटर दूर चिचोली तहसील मुख्यालय से करीब 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मलाजपुर गांव में भूतों का मेला लगता है।

यह मेला लगभग 400 सालो से चला आ रहा है। हर साल मकर संक्रांति को पूर्णिमा को लगने वाला भूतों का यह मेला बसंत पंचमी तक चलता है। दूर-दूर से लोग यहां पर अपने परिजनों को प्रेत बाधा से मुक्ति दिलाने के लिए यहां पर आते हैं।
कहा जाता है कि गुरु साहब बाबा नाम के साधु यहां पर अपनी शक्तियों के द्वारा लोगों की समस्याओं का समाधान करते थे और लोगों को प्रेत बाधाओ से मुक्ति दिलवाते थे। गांव के सभी लोग उन्हें भगवान का ही अवतार मानते थे। बाबा के पास ऐसी चमत्कारिक शक्तियां थी कि वह भूत प्रेतो को वश में कर लिया करते थे।

उन्होंने एक वृक्ष के नीचे ही जिंदा समाधि ले ली थी। बाद में गांव वालों ने समाधि स्थल के पास ही एक मंदिर बनवाया और मेले का आयोजन प्रारंभ करवा दिया। गांव वाले भूतों के इस मेले में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। बाबा की समाधी लेने के बाद यहां प्रेत बाधा से पीड़ित व्यक्ति को प्रेतबाधा से मुक्ति मिल जाती है। श्री देव जी संत को ही गुरु साहब बाबा का नाम से पुकारा जाता है।
यहाँ के पुजारी बाबू सिंह यादव बताते हैं कि यहां पर भूत प्रेत से पीड़ित लोग ठीक हो जाते हैं। सर्पदंश से पीड़ित भी सही हो जाते हैं। समाधि स्थल का इतिहास 400 वर्ष का है। पीड़ित लोग परिक्रमा लगाते है। उसके बाद उन्हें चरणामृत और भभूत देते हैं तो वह ठीक हो जाते हैं।












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