MP News: मध्य प्रदेश में किसानों को मिली बड़ी राहत, केंद्र ने दी 3.51 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी की मंजूरी
MP Farmers News: मध्य प्रदेश में मूंग की समर्थन मूल्य पर खरीदी को लेकर लंबे समय से किसान आंदोलित थे। विपक्ष लगातार सरकार को इस मुद्दे पर घेर रहा था। अब केंद्र सरकार ने इस दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए राज्य में 3 लाख 51 हजार मीट्रिक टन मूंग की खरीदी को मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत मंजूरी दे दी है।
यह फैसला केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक के बाद लिया गया, जिससे न केवल किसानों को राहत मिली है, बल्कि सरकार ने यह संदेश भी दे दिया है कि वह किसान हितों को लेकर सजग और सक्रिय है।

किसानों के दबाव और कांग्रेस के हमलों का असर
पिछले एक महीने से प्रदेश में मूंग उपज बेचने को लेकर किसानों में भारी नाराजगी थी। समर्थन मूल्य पर खरीदी नहीं होने से उन्हें मजबूरी में उपज औने-पौने दामों में निजी व्यापारियों को बेचनी पड़ रही थी। कांग्रेस ने इसे बड़ा मुद्दा बनाया और कमलनाथ, जीतू पटवारी सहित अन्य नेताओं ने सरकार को घेरते हुए सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक अभियान चलाया।
यह वही मूंग है जिसे किसान गर्मी में मेहनत कर उगाते हैं और बरसात से पहले बाजार में लाते हैं। लेकिन जब सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीदी नहीं होती, तो यह मेहनत घाटे के सौदे में बदल जाती है। कांग्रेस ने कहा था कि भाजपा सरकार किसानों को उनके पसीने की कीमत देने में नाकाम रही है।
अब आया केंद्र सरकार का फैसला - मूंग और उड़द की खरीदी की मंजूरी
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्रियों के साथ एक वर्चुअल बैठक की। बैठक में एमपी के कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना, यूपी के मंत्री सूर्य प्रताप शाही, केंद्रीय कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी, नेफेड, एनसीसीएफ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
बैठक के बाद शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "मूल्य समर्थन योजना के तहत मध्य प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की खरीदी जल्द शुरू होगी। किसानों को एमएसपी पर भुगतान होगा और उन्हें फसल बेचने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।"
मूल्य समर्थन योजना (PSS) क्या है?
PSS यानी मूल्य समर्थन योजना केंद्र सरकार की वह व्यवस्था है जिसके तहत किसानों से तय न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर उपज की खरीदी की जाती है। इसका मकसद किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाना और उन्हें फसल की उचित कीमत देना होता है।
इस योजना के तहत नेफेड (NAFED) और एनसीसीएफ (NCCF) जैसी एजेंसियां खरीदी की जिम्मेदारी लेती हैं और राज्य सरकारें इस प्रक्रिया में सहयोग करती हैं।
खरीदी की तैयारी तेज, केंद्र ने दिए निर्देश
बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए, किसानों का पंजीयन समय पर हो और उन्हें भुगतान में कोई देरी न हो। उन्होंने राज्य सरकार को खरीदी की समयसीमा तय करने, शुद्धता जांच की व्यवस्था मजबूत करने और मंडियों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विशेष कदम उठाने के निर्देश दिए।
किसानों की प्रतिक्रिया: "सरकार ने सुनी हमारी बात"
प्रदेश के कई जिलों में मूंग की उपज तैयार है और किसान इस फैसले को राहत की तरह देख रहे हैं। गुना, श्योपुर, भिंड, मुरैना और सागर जैसे जिलों के किसान अब सरकार से खरीदी शुरू करने की तिथि और प्रक्रिया को लेकर जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।
भिंड जिले के किसान सुभाष पटेल कहते हैं, "हमें डर था कि फिर से समर्थन मूल्य नहीं मिलेगा। अब केंद्र ने खरीदी मंजूर की है तो राहत मिली है। बस खरीदी जल्द शुरू होनी चाहिए।"
राजनीतिक असर भी तय
यह फैसला ऐसे समय आया है जब कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर गांव-गांव अभियान चला रही थी। अब सरकार ने खरीदी की मंजूरी देकर इस आक्रोश को शांत करने की कोशिश की है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, "मूंग खरीदी का मामला भाजपा सरकार के लिए बड़ा सिरदर्द बन सकता था। समय रहते फैसला लेकर सरकार ने किसानों का भरोसा फिर से जीतने की कोशिश की है।"
अब आगे क्या? खरीदी कब शुरू होगी?
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, खरीदी की तारीखें जल्दी घोषित की जाएंगी। अनुमान है कि अगले 7 दिनों में पंजीयन की प्रक्रिया शुरू होगी, और जुलाई के पहले सप्ताह से खरीदी केंद्रों पर मूंग-उड़द की सरकारी खरीद शुरू हो सकती है।
किसानों को राहत, सरकार को सुकून, विपक्ष को झटका
मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी को लेकर लंबे समय से चल रही उथल-पुथल के बीच केंद्र सरकार की यह मंजूरी न केवल किसानों को राहत देती है, बल्कि राजनीतिक रूप से भाजपा सरकार के लिए एक 'डैमेज कंट्रोल' की तरह भी काम करती है। अब देखना यह होगा कि खरीदी प्रक्रिया कितनी पारदर्शी, समय पर और सटीक होती है, क्योंकि यही तय करेगा कि सरकार को इसका 'क्रेडिट' मिलेगा या फिर किसान फिर से आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।












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