Bhopal News: ब्रांडेड शराब को लेकर आबकारी विभाग का बड़ा खुलासा, भारी मात्रा में नकली शराब जब्त
Bhopal news: राजधानी भोपाल में आबकारी विभाग में बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी संख्या में नकली शराब को जब्त किया है। खास बात यह है कि आरोपी कबाड़ियों से महंगी शराब की ब्रांडेड बोतलें खरीद कर उनमें खराब क्वालिटी की शराब भरकर और नकली लेबल लगाकर सस्ते दामों में बेच रहे थे।
आबकारी विभाग को कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि कई लोग खराब क्वालिटी की शराब ब्रांडेड बोतलों में भरकर सस्ते दामों पर बेच रहे हैं, जिससे, लाइसेंस वाली दुकानों को काफी नुकसान हो रहा है। इसके बाद पुलिस ने गुप्तचरों से संपर्क कर आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। पुलिस ने ग्राहक बनाकर उनसे शराब खरीदने की बात कही।उनसे शराब की मांग की। फोन पर डिलीवरी की लोकेशन तय होने के बाद भोपाल के चेतक ब्रिज के पास आबकारी विभाग ने ट्रैप लगाया और जब आरोपी शराब लेकर वहां आए, तो तीन आरोपियों को पकड़ लिया गया।

इसके बाद पुलिस ने i20 कार से भारी मात्रा में शराब की बोतलें बरामद की है, जिसकी कीमत करीब 2 लाख 75 हजार रूपये बताई जा रही है। वहीं पुलिस ने एक वाहन भी जप्त किया है, जिसकी कीमत करीब 5 लाख रुपए बताई जा रही है। आबकारी विभाग की टीम में टीम में वर्षा उईके और कंट्रोलर आरजी भदौरिया शामिल से थे। आबकारी अधिकारियों ने इस मामले में सवार गजेंद्र सिंह गुर्जर, आर्यन मीणा, और प्रशांत सिंह के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।
बता दे आबकारी विभाग ने प्रीमियम स्कॉच में सस्ती शराब भर कर बेचने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से करीब ₹3 लाख की महंगी स्कॉच की बोतलें बरामद हुई है। जिसमें सस्ती शराब भरी हुई थी। ये स्कॉच की बोतल में जानी वॉकर गोल्ड लेबल, डबल ब्लैक जानी वॉकर, इंद्री, सिंगल माल्ट, ग्लैन लैविट जैसे ब्रांड शामिल है।
एक पूरा गिरोह है सक्रिय
सख्ती से पूछताछ के बाद पता चला कि महंगे ब्रांड की बोतलों में सस्ती शराब भरकर बेचने वाला एक पूरा गिरोह सक्रिय है। इस धंधे में रायसेन, मध्य प्रदेश में पदस्थ एएसआई पर्वत सिंह मीना के बेटे आर्यन मीणा भी शामिल हैं। आबकारी अधिकारियों ने दावा किया है कि आरोपितों के कब्जे से तीन लाख रुपये कीमत की शराब बोतलें जब्त की गई हैं। आरोपितों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
कैसे करते थे हेराफेरी
जांच में पाया गया कि आरोपित महंगे ब्रांड की शराब की बोतलों में 500 से एक हजार रुपये कीमत की सस्ती शराब डाल रहे थे, जिन्हें पांच से सात हजार की बोतलों के नाम पर ढाई से तीन हजार रुपये में बेचा जाता था। इन आरोपितों ने पिछले तीन महीनों से अवैध कार्य किया था। आबकारी अधिकारी दीपम रायचुरा ने उपभोक्ताओं को सलाह दी कि वे क्वार कोड से बांद का पता लगाएं और अधिकृत दुकानों से ही शराब खरीदें, ताकि उन्हें धोखाधड़ी से बचा जा सके। इसके अलावा, शराब की सैंपलिंग जांच भी की जा रही है।












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