Damoh: खुदाई में मिला खजाना, रात भर सो नहीं सका, सुबह चांदी के सिक्के लेकर थाने पहुंच गया
दमोह में एक मजदूर की किस्मत तो चमकी, लेकिन उसका जमीन जाग गया, दरअसल एक मजदूर को पिलर की खुदाई करते हुए चांदी के पुराने सिक्के मिले थे। पहले तो लालच आया, बाद में जमीर जागा तो उसने सिक्के पुलिस को सौंप दिए।

मध्य प्रदेश के दमोह शहर में पुरानी बस्ती इलाके में एक पुराने मकान का निर्माण और पिलर के लिए गड्ढा खोदते वक्त एक मजदूर की किस्मत चमक गई। उसे बिट्रिश काॅलीन चांदी के करीब 240 सिक्के हाथ लगे, जिन्हें लेकर चुपचाप वह घर चला गया, लेकिन डर के कारण रातभर सो नहीं पाया। सुबह वह सिक्के लेकर थाने जा पहुंचा और सरकारी खजाने में जमा करा दिए।
दमोह के टाॅकीज तिराहा क्षेत्र में सप्रे बाढ़ा के पीछे पिलर की खुदाई के दौरान एक मजदूर को विक्टोरिया राज ब्रिटिशकाॅलीन 240 चांदी के सिक्के मिले, उन सिक्कों को मजदूर घर ले गया। फिर उसको डर लगा तो वह सिक्के लेकर कोतवाली पहुंच गया।

पुलिस से मिली जानकारी अनुसार बड़ापुरा निवासी मजदूर हल्ले अहिरवार मकान बनाने के लिए पिलर की खुदाई कर रहा था। इस दौरान उसे खुदाई में 240 सिक्के मिले। उसने सिक्के चुपचाप अपने पास रख लिए, जिसके बाद उसे डर लगा कि उसने पुरातत्व धरोहर को अपने पास दबा लिया तो उसके जमीर ने उसे कोतवाली में सिक्का जमा करने का पक्का इरादा किया। कोतवाली पहुंचकर उसने सिक्के जमा करा दिए हैं। कोतवाली पुलिस के अनुसार मजदूर ने कोतवाली में 240 सिक्के जमा कराए हैं, जो ब्रिटिशकालीन हैं, जिनमें अधिकांश सिक्के विक्टोरिया राज के चलन के हैं। यह सिक्के पुरासंपदा है।
मराठाकालीन समय से यहां आबादी रही है
आपको बता दें मजदूर जिस क्षेत्र से सिक्के निकलना बता रहा है वह शहर का पुराना इलाका है, जहां मराठा समाज के लोग भी रहते थे। पुराने लोग अपना धन जमीन में दबाकर रखते थे। यह सिक्के भी किसी बुजुर्ग द्वारा जमीन में दबाकर रखे होंगे, जिसके बाद पुराना बाड़ा ढहाकर नए सिरे से निर्माण कराया जा रहा है, जिसमें पुरा संपदा के दबे सिक्के बाहर निकल आए। इन सिक्कों को मजदूर ने भी दबा लिया, लेकिन उसके अंदर की अंतर आत्मा ने उसे आवाज दी। जिससे यह सिक्के अब सरकार के खजाने का हिस्सा बन गए हैं।












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