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Sagar Gourav Diwas: सीएम बोले, मैं भी सागर में पढ़ा, रोम-रोम में डॉ. गौर साहब बसे हैं, हम सब उनके ऋणि हैं

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महान दानवीर, विधिवेत्ता डॉ. हरीसिंह गौर की जयंती पर सागर गौरव दिवस की शुरुआत ऐतिहासिक पल है। डॉ. गौर दुनिया में इकलौते और एकमात्र व्यक्ति हैं, जिन्होंने उस दौर में अपनी सारी संपत्ति दान कर सागर विश्वविद्यालय की स्थापना की थी। सीएम ने दार्शनिक अंदाज में डॉ. गौर को याद करते हुए कहा कि सागर विवि से अपना गहरा रिश्ता रहा है। रोम-रोम और सांस-सांस में बसा हैं। मैं भी उनका ऋणि हूं। सीएम ने बताया कि वे भी कुछ समय के लिए डॉ. हरीसिंह गौर विवि में दर्शनशास्त्र के छात्र रहे हैं।

सागर में नई परंपरा, नई परिपाटी की शुरुआत

सागर में नई परंपरा, नई परिपाटी की शुरुआत

सागर में गौर जयंती पर सागर गौरव दिवस मनाने की नई शुरुआत और नई परंपरा और परिपाठी की शुरुआत की गई है। सीएम शिवराज सिंह और सरकार ने सागर में गौरव दिवस मनाना प्रारंभ किया है। सीएम ने खुद मंच से कहा कि अब हर साल सागर में गौर जयंती को सागर गौरव दिवस के रुप में मनाया जाएगा।

सीएम ने डॉ. गौर साहब को ऐसे किया याद

सीएम ने डॉ. गौर साहब को ऐसे किया याद

सीएम शिवराज ने कहा कि आज आनंद का दिन है। आज दिवाली के बाद दिवाली मनाई गई है और ऐसा लग रहा है कि होली से पहले होली आ गई है। यह कोई सरकारी कार्यक्रम नहीं है, यहां तो सागर की पूरी जनता उमड़ पड़ी है। गौर बब्बा अद्भुत थे! वो विख्यात कानूनविद थे, उन्होंने कलकत्ता, लाहौर और रंगून में वकालत की। उन्होंने अपना सारा धन सागर यूनिवर्सिटी बनाने में लगा दिया और इसके माध्यम से उन्होंने यहां ज्ञान का सागर बना दिया। सागर की माटी के कण-कण में रचे-बसे हैं गौर साहब। सिविल लाइंस से कटरा तक, बड़ा बाजार से गढ़पहरा तक, परेड मंदिर से पीली कोठी तक, शनिचरी से इतवारी तक, गुजराती बाजार से सदर बाजार तक गौर साहब की पहचान है। मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूँ।

स्कूल के पाठ्यक्रम में डॉ. गौर का पाठ शामिल होगा

स्कूल के पाठ्यक्रम में डॉ. गौर का पाठ शामिल होगा

सीएम ने घोषणा करते हुए बताया कि मैं डॉ. गौर का ऋणि हूं। मैंने भी कुछ समय सागर विवि में दर्शनशास्त्र की पढ़ाई की है। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि मप्र में स्कूली पाठ्यक्रम में किसी एक निश्चित जगह पर डॉ. हरीसिंह गौर को पाठ के रुप में शामिल किया जाएगा, ताकि हमारे बच्चे उनको उनके त्याग और दान को पढ़ सकें, जान सकें। विधायक शैलेंद्र जैन की मांग पर अयोध्या के लिए तीर्थ दर्शन के लिए अलग से ट्रेन चलवा देंगे।

डॉ. गौर की समाधि पर जाकर नमन किया, परिष्कृत उपकरण एवं नैनो प्रौद्योगिकी भवन का लोकापर्ण

डॉ. गौर की समाधि पर जाकर नमन किया, परिष्कृत उपकरण एवं नैनो प्रौद्योगिकी भवन का लोकापर्ण

सीएम शिवराज सिंह चौहान शाम 5 बजे सागर पहुंचे और सबसे विवि परिसर स्थित डॉ. सर हरीसिंह गौर की समाधि पर पहुंचे और डॉ. गौर को पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। यहां उन्होंने कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता की मौजूदी में परिष्कृत उपकरण एवं नैनो प्रौद्योगिकी भवन का लोकापर्ण किया।

सीएम और सरकार के कई मंत्री मौजूद थे

सीएम और सरकार के कई मंत्री मौजूद थे

मध्यप्रदेश के सागर में शनिवार का दिन गौर दीपावली के रुप में मनाया गया। सुबह से लेकर देर रात तक डॉ. हरीसिंह गौर जयंती के कार्यक्रम चलते रहे। मुख्य कार्यक्रम में सीएम शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल, प्रदेश के मंत्री भूपेंद्र सिंह, गोपाल भार्गव, गोविंद राजपूत, विधायक शैलेंद्र जैन, महापौर संगीता डॉ. सुशील तिवारी सहित तमाम राजनीतिक हस्तियां और सागर की प्रतिभाएं मौजूद थे।

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English summary
डॉ. गौर सागर की माटी के कण-कण में बसे हैं। उनके रोम-रोम में सागर बसा था, इसलिए उन्होंने अपना सबकुछ दानकर सागर में प्रदेश का पहला और विशाल विश्वविद्यालय बनाया था। यह बात सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सागर गौरव दिवस के कार्यक्रम में कही।
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