सीएम मोहन यादव ने हेमू कालाणी को अर्पित किए श्रद्धासुमन, कहा-गौरवशाली स्थानों को सबके सामने लाने की जरूरत
Madhya Pradesh News: मध्यप्रदेश के धार्मिक शहरों में शराबबंदी की जाएगी। इसे लेकर सीएम मोहन यादव ने संकेत दिए है। महाकाल की नगरी उज्जैन के साथ-साथ ओंकारेश्वर और दतिया जैसे धार्मिक शहरों में भी शराबबंदी की जा सकती है।
सीएम मोहन यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा 'मध्य प्रदेश की धार्मिक शहरों में सरकार शराबबंदी की तरफ कदम आगे बढ़ा रही है। मध्य प्रदेश के धार्मिक शहरों में आने वाले समय में शराब बंद हो जाएगी। इन धार्मिक शहरों में ओंकारेश्वर, दतिया, अमरकंटक, चित्रकूट, सांची, खजुराहो आदि शहरों को शामिल करने के कयास लगाए जा रहे हैं।

बता दें कि मंगलवार (21 जनवरी) को मोहन यादव उज्जैन पहुंचे थे। इस अवसर पर उन्होंने ये बात कही। वहां उन्होंने अमर शहीद हेमू कालाणी की प्रतिमा पर बलिदान दिवस के अवसर पर माल्यार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए कई स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अपने प्राण की आहुति तक दे दी। इन्हीं में हेमू कालाणी जैसे देशभक्त भी शामिल थे। उन्होंने लोगों से कहा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को याद रखना बेहद आवश्यक है।
हमारे अतीत के गौरवशाली स्थानों को सबके सामने लाने की आवश्यकता
इस दौरान उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे अतीत के गौरवशाली स्थानों को सबके सामने लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थान जिससे हमारे गौरवशाली इतिहास जुड़े है वो सबके सामने आए, उसके बारे में सब जाने इस बात की आवश्यकता है। हेमू कालाणी के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा जैसे क्रान्तिकारी एवं स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी हेमू जी का पूण्य स्मरण करने के लिए मैं यहां आया हूं। ऐसे गौरवशाली और भी स्थान है।
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सीएम मोहन यादव ने कहा गोपाल मंदिर जिसका निर्माण दौलतराव सिंधिया की पत्नी बयाजी बाई शिंदे ने करवाया था। उस मंदिर के मुख्य द्वार पन्ने एवं चांदी से निर्मित था जिसे महमूद गजनी लूटकर अपने साथ ले गया था। सिंधिया राजवंश जब ताकतवर हुआ तो इसे पुन: छिनकर गोपाल मंदिर में लगाया, जो आज भी इस मंदिर पर लगा हुआ है। उन्होंने कहा महाकाल महाराजा का मंदिर भी तत्कालीन मुगल सत्ता के लिये चुनौती था। कितने मंदिरों को विदेशी आक्रमणकारियों ने क्षती पहुंचाया लेकिन हमने फिर से उसे पूर्नस्थापित किया। अर्थात हमे अपने गौरवशाली इतिहास को सजों कर रखना है।












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