MP News: मोहन यादव का बयान: कुछ लोग एक ही देवता में इतराते, खम्भा फोड़कर भगवान सिर्फ सनातन धर्म में आ सकते हैं
Ujjain News: मंगलवार को बैरवा दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बैरवा समाज की देश और प्रदेश में अहम भूमिका पर जोर दिया। तीन बत्ती चौराहे पर आयोजित आमसभा में सीएम ने संत बालीनाथ की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद सभा को संबोधित किया। इस दौरान, उन्होंने सनातन धर्म की विशेषताओं की चर्चा करते हुए बैरवा समाज के योगदान को भी सराहा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सनातन धर्म के महत्व को स्पष्ट करते हुए कहा कि कुछ लोग एक ही देवता में इतराते हैं और इसी बहाने नाटक करते रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हमारे सनातन धर्म में 33 करोड़ देवी-देवता हैं, और हर व्यक्ति को अपने पसंदीदा देवता की पूजा करने का अधिकार है। "खम्भा फोड़कर भगवान सिर्फ सनातन धर्म में आ सकते हैं," उन्होंने अपने बयान में यह विशेष उल्लेख किया, जो यह दर्शाता है कि सनातन धर्म में किसी भी प्रकार के भेदभाव या सीमाओं की कोई जगह नहीं है।

बैरवा समाज की महत्ता पर जोर
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संबोधन में बैरवा समाज को देश और प्रदेश के लिए अहम बताते हुए सनातन धर्म की विशेषताओं की चर्चा की। उन्होंने कहा, "हमारे समाज में 33 करोड़ देवी-देवता हैं, और कोई भी व्यक्ति अपनी पसंद के देवता की पूजा कर सकता है। यह हमारे सनातन धर्म की विशेषता है कि हम अपने देवी-देवताओं को बिना किसी भेदभाव के सम्मानित करते हैं।" सीएम ने यह भी कहा कि कुछ लोग दूसरों के देवताओं की पूजा पर नाटक करते रहते हैं, जबकि सनातन धर्म में सभी देवताओं का सम्मान है, और हर व्यक्ति को अपनी पसंद के देवता को मानने का अधिकार है।

सीएम का संक्रांति पर बहनों को चूड़ा भेजने का ऐलान
अपने संबोधन के दौरान, सीएम मोहन यादव ने यह भी ऐलान किया कि संक्रांति के अवसर पर वह अपनी बहनों को चूड़ा भेजेंगे। यह एक परंपरा है, जिसे सीएम ने समाज के प्रति अपनी स्नेहभावना और समर्थन के रूप में प्रस्तुत किया।
समाजजनों ने किया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान बैरवा समाज के समाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने सीएम मोहन यादव का सम्मान किया। उन्हें संत बालीनाथ की प्रतिमा भेंट की गई, जो इस आयोजन का प्रमुख प्रतीक था। सीएम के इस सम्मान को समाजजनों ने बहुत ही गर्व और खुशी से स्वीकार किया।

बैरवा समाज की रैली का आयोजन
कार्यक्रम के बाद, बैरवा समाज ने एक भव्य रैली निकाली, जिसमें सैकड़ों समाजजन शामिल हुए। यह रैली तीन बत्ती चौराहा, हरि फाटक, और गोपाल मंदिर होते हुए फ्रीगंज तक पहुंची, और फिर किशन पूरा में इसका समापन हुआ। रैली का उद्देश्य समाज की एकजुटता और शक्ति को प्रदर्शित करना था, और यह बैरवा समाज की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूती से स्थापित करने के लिए आयोजित किया गया था।
प्रभातफेरी और महाआरती का आयोजन
इस आयोजन के पहले दिनेश जाटवा, आयोजन समिति के सदस्य, ने जानकारी दी कि बागपुरा मंदिर से सुबह 6 बजे प्रभातफेरी निकाली गई। इस फेरी में समाज के लोग सुबह-सुबह संगठित होकर नारेबाजी करते हुए समाज की एकता का संदेश देते हुए शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरते हुए तीन बत्ती चौराहा पहुंचे।
1 जनवरी 2025 को, तीन बत्ती चौराहा स्थित संत बालीनाथ जी की प्रतिमा के समक्ष समाजजनों द्वारा महाआरती का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन बैरवा समाज की धार्मिक एकता और आध्यात्मिक भावनाओं को एकजुट करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
प्रेमभाव बनाए रखने की अपील
सीएम ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि, "दिवाली के दिन यदि लक्ष्मी का पाना नहीं मिले, तो कमल का फूल लाकर पूजन कर लें तो लक्ष्मी जी का पूजन हो जाता है, लेकिन यह जरूरी है कि अपने दल की निष्ठा बनी रहे और प्रेमभाव बना रहे।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समाज में प्रेम और एकता बनाए रखने के लिए सभी को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए और समाज के हर सदस्य के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखना चाहिए।












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